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Pilibhit News: जल स्रोत तलाशने गोमती उद्गम स्थल पहुंचे रुड़की के वैज्ञानिक
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गोमती उद्गम स्थल पर पानी के नमूने लेते रुड़की के वैज्ञानिक। स्रोत गोमती भक्त
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कलीनगर (पीलीभीत)। गोमती नदी की अविरल धारा बहाने के लिए एक बार फिर वैज्ञानिकों का दल गोमती उद्गम स्थल पहुंचा। बुधवार को उद्गम स्थल की झीलों के अलावा 35 स्थानों से नमूने प्राप्त किए।
गोमती उद्गम स्थल पर मुख्य झील के अलावा दो अन्य झीलें हैं। उद्गम स्थल के प्राकृतिक स्रोत कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इसकी वजह से पानी का प्रवाह सिर्फ झील तक ही सीमित रहता है। इसको लेकर पूर्व में कई प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को राजकीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की से दो वैज्ञानिकों का दल गोमती उद्गम स्थल पहुंचा और स्थिति जानी।
गोमती भक्त निर्भय सिंह से जानकारी जुटाई। इसके बाद वैज्ञानिकों ने झील के अलावा गोमती परिसर में लगे हैंडपंप का भी नमूना लिया। रुड़की से आए वैज्ञानिक अनुपन त्यागी व नितिन सैनी से करीब 35 स्थानों से नमूने हासिल किए। यह दल बृहस्पतिवार को भी क्षेत्र में भ्रमण कर हकीकत को परखेगी। इसके बाद नमूनों को प्रयोगशाला ले जाकर स्थिति को परखकर आगे की प्रक्रिया पर अमल करेगी।
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गोमती उद्गम स्थल पर मुख्य झील के अलावा दो अन्य झीलें हैं। उद्गम स्थल के प्राकृतिक स्रोत कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इसकी वजह से पानी का प्रवाह सिर्फ झील तक ही सीमित रहता है। इसको लेकर पूर्व में कई प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को राजकीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की से दो वैज्ञानिकों का दल गोमती उद्गम स्थल पहुंचा और स्थिति जानी।
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गोमती भक्त निर्भय सिंह से जानकारी जुटाई। इसके बाद वैज्ञानिकों ने झील के अलावा गोमती परिसर में लगे हैंडपंप का भी नमूना लिया। रुड़की से आए वैज्ञानिक अनुपन त्यागी व नितिन सैनी से करीब 35 स्थानों से नमूने हासिल किए। यह दल बृहस्पतिवार को भी क्षेत्र में भ्रमण कर हकीकत को परखेगी। इसके बाद नमूनों को प्रयोगशाला ले जाकर स्थिति को परखकर आगे की प्रक्रिया पर अमल करेगी।
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