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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Schools, on the floor level, or break the status of Guru

स्कूलों में शिक्षा स्तर फर्श पर, गुरु जी का स्टेटस अर्श पर

Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
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 जिले में घुटनों के बल चल रहे औद्योगिक विकास और लुढ़कती जा रही प्राथमिक शिक्षा का खामियाजा यहां की नई पीढ़ी को झेलना पड़ रहा है।
यही वजह है कि 67 साल में पूरी एक पीढ़ी गुजर गई, लेकिन जिले में निरक्षरता खत्म नहीं हो पाई। जिले का सेवायोजन विभाग भी बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं की नैया पार करने में अक्षम साबित हो रहा है।
आंकड़ों मेें ही दौड़ रही नई पीढ़ी की शिक्षा
जिले में प्राथमिक शिक्षा का हाल बेहाल है। सरकारी स्कूलों में मोटी पगार पाकर गुरु जी साइकिलें छोड़ कारों पर तो सवार हो गए, लेकिन स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता का ग्राफ उठने के बजाए लुढ़कता जा रहा है। बात करें प्राथमिक शिक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले बेसिक शिक्षा विभाग की, तो वर्ष 2015-16 में जिले में मात्र 200 बच्चे ही इस विभाग के आंकड़े में आए जो स्कूल नहीं जाते, जबकि हकीकत होटलों और ढाबों पर देखी जा सकती है।
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पढ़ने के बाद भी नहीं मिल रही नौकरी
बात यहीं पर खत्म नहीं होती। जैसे-तैसे पढ़ लिख भी लिए तो जिले के युवा आज नौकरी पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक विभाग में करीब 45000 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें सेवायोजन विभाग मात्र 212 बेरोजगारों की ही नौकरी दिला सका।
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सेवायोजन विभाग  
- जिले की आबादी- 20,37,235
- पंजीकृत बेरोजगार- 45000
- नौकरी मिली- 212
- शिक्षा से वंचित बच्चे- 200
स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन कम
विभाग द्वारा साल भर कई योजनाएं चलाकर बेरोजगार को रोजगार देने की योजनाएं चलाई जा रही है। कैरियर काउंसलिंग की भी कक्षाएं संचालित होती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार के कम ही साधन है।

- आरबी चतुर्वेदी, सेवायोजन अधिकारी
रोजगारपरक शिक्षा का 
अभाव मुख्य वजह
जिले में रोजगारपरक शिक्षा का अभाव है, वहीं औद्योगिक विकास की गति भी रुकी हुई है। ऐसे में बेहतर रोजगार मिलना वाकई में टेढ़ीखीर है। नई पीढ़ी की शिक्षा की बात करें तो ग्रामीण अंचल में आज भी शिक्षा के प्रति कम लोग ही जागरूक है। योजनाओं का क्रियान्वयन भी धरातल पर नहीं होता।
- सुनीता सक्सेना, प्राचार्य, राजकीय स्नाकोत्तर महिला महाविद्यालय
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