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स्कूलों ने बदला कोर्स, डीआईओएस ने कहा- पुराना ही चलेगा

Fri, 24 Apr 2020 10:50 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 10:50 PM IST
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school course not change
पीलीभीत। लॉकडाउन के बाद प्रशासन ने किताबों की दुकानें खोलने की छूट दे दी है, ताकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई खराब न हो। लेकिन निजी और खासतौर से कान्वेंट स्कूलों ने इस बार भी हर साल की तरह सभी क्लासों की किताबों में फेरबदल कर दिया है। इससे लॉकडाउन के चलते काम धंधा चौपट होने से आर्थिक संकट में फंसे अभिभावकों को अपने बच्चों का नया कोर्स खरीदने में दिक्कत आ रही है। हालांकि डीआईओएस ने भरोसा दिया है कि कोर्स नहीं बदलने दिया जाएगा और वह इसके लिए आदेश जारी कर रहे हैं।
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कोरोना वायरस के चलते संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया था। इससे आम नागरिकों का व्यापार और काम धंधा पूरी तरह से ठप हो गया। उधर, प्राइवेट स्कूलों खासतौर से कान्वेंट स्कूलों ने बच्चों की नाममात्र की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराकर फीस का मीटर चालू कर दिया है। इसमें स्कूलों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर किताबों से संबधित होमवर्क बच्चों को देना शुरू कर दिया है। इसके साथ कोर्स विक्रेताओं ने अभिभावकों को फोन पर नया कोर्स खरीदने के लिए मेसेज भेजना भी शुरू कर दिया है। निजी स्कूलों ने अपने कमीशन के चलते प्रकाशक बदल दिए हैं या फिर पुरानी किताबों के ही कुछ बिंदुओं को बदलकर कोर्स को नया बनाकर उसकी कीमत बढ़ा दी है, ताकि अभिभावक पुराना कोर्स प्रयोग न कर सकें। अभिभावक परेशान हैं कि वह आर्थिक संकट में अपने बच्चों के लिए नया कोर्स कैसे खरीदें। मामला सामने आने के बाद ड़ीआईओएस ने कहा कि स्कूलों को कोर्स नहीं बदलने दिया जाएगा, ताकि पुरानी किताबें ही बच्चों के काम आ जाएं।
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लॉकडाउन में हमारा काम धंधा ठप हो गया है। स्कूलों को फीस और किताबों की खरीद में राहत देनी चाहिए। पुराने कोर्स में बदलाव नहीं करना चाहिए, ताकि हम बच्चों को पुरानी किताबों से काम चला सकते। - उमा माथुर, अभिभावक
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हमारे जैसे तमाम अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए अगली क्लास का कोर्स खरीदना है। पहले तो विद्यालयों को फीस में छूट देनी चाहिए थी। कम से कम कोर्स भी नहीं बदलना चाहिए। उन्हें दिक्कत समझनी चाहिए। - लक्ष्मी देवी, अभिभावक

सभी स्कूलों में पुरानी किताबें ही चलेंगी, कोई स्कूल अभिभावकों को नई किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। बरेली की तरह यहां भी पुराने कोर्स के लिए आदेश जारी किया जा रहा है। - संतप्रकाश, डीआईओएस
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