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Pilibhit News: ओबीसी को जारी कर दिया एससी का प्रमाण पत्र
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पीलीभीत। ओबीसी के व्यक्ति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में कानूनगो, लेखपाल सहित चार लोगों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा गुप्ता ने थानाध्यक्ष माधोटांडा को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
थाना माधोटांडा के ग्राम बूंदीभूड़ निवासी शिव कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि गांव के प्रमोद कुमार ने राम केवल का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लेखपाल प्रदीप यादव और कानूनगो विजेंद्र राना से मिलीभगत कर बनवा लिया। जबकि वह लुन्निया चौहान जाति का है जोकि ओबीसी में आती है। इसकी शिकायत थाना माधोटांडा और पुलिस अधीक्षक से की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इधर इस प्रकरण में लेखपाल प्रदीप यादव ने उसे कलीनगर तहसील बुलाया। वहां पहुंचने पर लेखपाल और कानूनगो ने मिलकर प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाते हुए मारपीट की। प्रार्थना पत्र वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए माधोटांडा थानाध्यक्ष को दो दिन में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना करने और आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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थाना माधोटांडा के ग्राम बूंदीभूड़ निवासी शिव कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि गांव के प्रमोद कुमार ने राम केवल का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लेखपाल प्रदीप यादव और कानूनगो विजेंद्र राना से मिलीभगत कर बनवा लिया। जबकि वह लुन्निया चौहान जाति का है जोकि ओबीसी में आती है। इसकी शिकायत थाना माधोटांडा और पुलिस अधीक्षक से की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इधर इस प्रकरण में लेखपाल प्रदीप यादव ने उसे कलीनगर तहसील बुलाया। वहां पहुंचने पर लेखपाल और कानूनगो ने मिलकर प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाते हुए मारपीट की। प्रार्थना पत्र वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए माधोटांडा थानाध्यक्ष को दो दिन में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना करने और आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।