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Pilibhit News: बेसिक शिक्षा की ग्रांट से कर दिया गया राजकीय कर्मियों के वेतन का भुगतान
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई है। यहां बेसिक शिक्षा की ग्रांट से राजकीय कर्मचारियों और अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन जारी कर दिया गया। मामला पकड़ में आने पर डीएम ने इसको लेकर बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं इसको लेकर विभाग में खलबली मची हुई है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में करीब तीन हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। जिनके वेतन की ग्रांट शासन से अलग आती है। जुलाई माह के वेतन बिल तैयार किए गए थे। बेसिक शिक्षा ग्रांट से से सिर्फ शिक्षकों का ही वेतन निकल सकता है। इसमें भी बड़ी लापरवाही कर दी गई।
ग्रांट से राजकीय कर्मी बीईओ हर्षित, लिपिक सुनील कुमार, कमलेश्वर वर्मा, चतुर्थ श्रेणी कर्मी धर्मवीर और मंजू देवी के वेतन का बिल राजकीय कोष से न बनाकर शिक्षक ग्रांट में शामिल कर दिया। इतना ही नहीं लेखाधिकारी और कोषाधिकारी ने भी बिल का सत्यापन करते हुए इस बात को चेक नहीं किया।
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इसके बाद शिक्षकों के साथ कर्मचारियों का भी भुगतान कर दिया गया। मामला जब डीएम के पास पहुंचा तो वह भी हैरान रह गए। पूरे मामले को लेकर उन्होंने बीएसए अमित कुमार सिंह से जानकारी ली। निर्देश दिए इसकी पत्रावली को पेश करें। मामला डीएम के पास जाने से विभाग में खलबली मच गई।
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मामला संज्ञान में आने पर बीएसए से पत्रावली तलब की गई है। लापरवाही हुई है और इसमें कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में करीब तीन हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। जिनके वेतन की ग्रांट शासन से अलग आती है। जुलाई माह के वेतन बिल तैयार किए गए थे। बेसिक शिक्षा ग्रांट से से सिर्फ शिक्षकों का ही वेतन निकल सकता है। इसमें भी बड़ी लापरवाही कर दी गई।
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ग्रांट से राजकीय कर्मी बीईओ हर्षित, लिपिक सुनील कुमार, कमलेश्वर वर्मा, चतुर्थ श्रेणी कर्मी धर्मवीर और मंजू देवी के वेतन का बिल राजकीय कोष से न बनाकर शिक्षक ग्रांट में शामिल कर दिया। इतना ही नहीं लेखाधिकारी और कोषाधिकारी ने भी बिल का सत्यापन करते हुए इस बात को चेक नहीं किया।
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इसके बाद शिक्षकों के साथ कर्मचारियों का भी भुगतान कर दिया गया। मामला जब डीएम के पास पहुंचा तो वह भी हैरान रह गए। पूरे मामले को लेकर उन्होंने बीएसए अमित कुमार सिंह से जानकारी ली। निर्देश दिए इसकी पत्रावली को पेश करें। मामला डीएम के पास जाने से विभाग में खलबली मच गई।
मामला संज्ञान में आने पर बीएसए से पत्रावली तलब की गई है। लापरवाही हुई है और इसमें कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी