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जश्ने साबिर ए पाक का हुआ कुल
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:02 PM IST
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l जश्ने साबिर ए पाक का हुआ कुल
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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सूफी संत हजरत मखदूम अली अहमद साबिर कलियरी की शान में चल रहे जश्ने साबिर ए पाक का मंगलवार को कुल हो गया।
शहर में 19 वर्ष से जश्ने साबिर ए पाक का सिलसिला जारी है। सोमवार रात साबिरे पाक की दरगाह के मौलाना इजहार अहमद बरकाती ने सूफी संतों के आर्दशों व मूल्यों पर रोशनी डाली। इसके बाद कव्वाल जीशान, फैजान व सरफराज पार्टियों ने कलाम पेश किए। रात भर कव्वाली भी हुई। मंगलवार सुबह कुरान ख्वानी हुई। करीब नौ बजे महफिले शमा हुई। मीलाद पार्टियों ने हम्द, नात मनकबत पेश की। इसके बाद रंग की रस्म व कुलशरीफ हुआ। इस दौरान सज्जादानशीन हजरत मंसूर एजाज साबिरी ने साबिरे पाक की सीरत पर रोशनी डाली। इससे पूर्व दस्तारबंदी भी हुई। इस मौके पर दरगाह पानीपत के सज्जादा हजरत निसार अहमद उस्मानी, दरगाह लुत्फिया के सज्जादा नूर मियां लुत्फी, मंसूर अहमद शम्सी, चांद मियां साबिरी, एम जमीर मंसूरी, हाजी अफरोज जिलानी, काजी फरहान साबिरी, रज्जू साबिरी, दिल फिरोज अहमद साबिरी, मोहम्मद समदानी साबिरी, अब्दुल वसीम खां, आरिफ हजरत खां, इकबाल हजरत खां, हाफि ज मोहम्मद फईम, हाफिज मोहम्मद मेराज, मुईन खां समेत तमाम अकीदतमंद मौजूद रहे।
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शहर में 19 वर्ष से जश्ने साबिर ए पाक का सिलसिला जारी है। सोमवार रात साबिरे पाक की दरगाह के मौलाना इजहार अहमद बरकाती ने सूफी संतों के आर्दशों व मूल्यों पर रोशनी डाली। इसके बाद कव्वाल जीशान, फैजान व सरफराज पार्टियों ने कलाम पेश किए। रात भर कव्वाली भी हुई। मंगलवार सुबह कुरान ख्वानी हुई। करीब नौ बजे महफिले शमा हुई। मीलाद पार्टियों ने हम्द, नात मनकबत पेश की। इसके बाद रंग की रस्म व कुलशरीफ हुआ। इस दौरान सज्जादानशीन हजरत मंसूर एजाज साबिरी ने साबिरे पाक की सीरत पर रोशनी डाली। इससे पूर्व दस्तारबंदी भी हुई। इस मौके पर दरगाह पानीपत के सज्जादा हजरत निसार अहमद उस्मानी, दरगाह लुत्फिया के सज्जादा नूर मियां लुत्फी, मंसूर अहमद शम्सी, चांद मियां साबिरी, एम जमीर मंसूरी, हाजी अफरोज जिलानी, काजी फरहान साबिरी, रज्जू साबिरी, दिल फिरोज अहमद साबिरी, मोहम्मद समदानी साबिरी, अब्दुल वसीम खां, आरिफ हजरत खां, इकबाल हजरत खां, हाफि ज मोहम्मद फईम, हाफिज मोहम्मद मेराज, मुईन खां समेत तमाम अकीदतमंद मौजूद रहे।