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Pilibhit News: रोडवेज बसें नदारद, डग्गामार वाहनों के चालक वसूल रहे मनमाना किराया
Sat, 15 Jun 2024 03:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 15 Jun 2024 03:05 AM IST
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पीलीभीत। माधोटांडा मार्ग पर रोडवेज की एक भी बस का संचालन न होने से डग्गामार वाहनों के संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। कई बार मांग के बावजूद यहां अब तक रोडवेज बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका।
माधोटांडा-पीलीभीत रोड जिले के महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। नेपाल सीमा तक जाने के साथ ही यह मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थित चूका पर्यटन स्थल से भी जुड़ता है। माधोटांडा, कलीनगर, जमुनिया समेत 30 गांवों के लोग इसी मार्ग से जिला मुख्यालय आते-जाते हैं, लेकिन 30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर रोडवेज बस सेवा आज तक शुरू नहीं हो सकी है।
डग्गामार वाहनों के सहारे जान जोखिम में डालकर सफर करना इस क्षेत्र के लोगों की मजबूरी है। मनमाना किराया वसूलने के बाद भी यात्रियों को डग्गामार वाहन संचालक परेशान करते हैं। बरसात में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। वाहन संचालक बारिश होते ही सवारियोंं की संख्या कम देखकर वाहन ले जाने से मना कर देते हैं।
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ऐसे में कई घंटे इंतजार करने के बाद यात्रियों को मार्ग से गुजरने वाले ट्रक या अन्य वाहनों को रोककर किसी तरह सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। इस मार्ग पर करीब 40 डग्गामार वाहन चलते हैं। आम दिनों में पीलीभीत से माधोटांडा तक 40 रुपये के हिसाब से किराया वसूला जाता है, लेकिन सवारियां कम होने पर किराया बढ़ा दिया जाता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर ही इन दिक्कतों से छुटकारा मिल सकता है, लेकिन जनप्रतिनिधि इसके लिए गंभीर नहीं हैं। एआरएम पवन श्रीवास्तव ने बताया कि इस मार्ग पर सवारियां कम हैं। इसके चलते यहां पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है।
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माधोटांडा-पीलीभीत रोड जिले के महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। नेपाल सीमा तक जाने के साथ ही यह मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थित चूका पर्यटन स्थल से भी जुड़ता है। माधोटांडा, कलीनगर, जमुनिया समेत 30 गांवों के लोग इसी मार्ग से जिला मुख्यालय आते-जाते हैं, लेकिन 30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर रोडवेज बस सेवा आज तक शुरू नहीं हो सकी है।
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डग्गामार वाहनों के सहारे जान जोखिम में डालकर सफर करना इस क्षेत्र के लोगों की मजबूरी है। मनमाना किराया वसूलने के बाद भी यात्रियों को डग्गामार वाहन संचालक परेशान करते हैं। बरसात में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। वाहन संचालक बारिश होते ही सवारियोंं की संख्या कम देखकर वाहन ले जाने से मना कर देते हैं।
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ऐसे में कई घंटे इंतजार करने के बाद यात्रियों को मार्ग से गुजरने वाले ट्रक या अन्य वाहनों को रोककर किसी तरह सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। इस मार्ग पर करीब 40 डग्गामार वाहन चलते हैं। आम दिनों में पीलीभीत से माधोटांडा तक 40 रुपये के हिसाब से किराया वसूला जाता है, लेकिन सवारियां कम होने पर किराया बढ़ा दिया जाता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर ही इन दिक्कतों से छुटकारा मिल सकता है, लेकिन जनप्रतिनिधि इसके लिए गंभीर नहीं हैं। एआरएम पवन श्रीवास्तव ने बताया कि इस मार्ग पर सवारियां कम हैं। इसके चलते यहां पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है।