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भगवंतापुर में घटिया सड़क बनाई... दो जेई निलंबित, एई के निलंबन की सिफारिश
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पीलीभीत / पूरनपुर। धनाराघाट रोड से भगवंतापुर होते हुए टांडा छत्रपति तक घटिया सड़क निर्माण के मामले में सोमवार देर रात दो जेई को निलंबित करने के साथ सहायक अभियंता (एई) के निलंबन की संस्तुति कर दी गई। इस संबंध में निर्माण कराने वाली फर्म वीके कंस्ट्रक्शन पर पूरनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह फर्म सपा के पूर्व विधायक पीतमराम के भांजे की पत्नी वरुणा कुमारी के नाम पंजीकृत है। फर्म का संचालन पूर्व विधायक का भांजा ही कर रहा है। फर्म के पास कई करोड़ के दो अन्य प्रोजेक्ट भी हैं जिसका काम सर्दियों के बाद शुरू होना था। वहीं मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नगर के धनाराघाट रोड से गांव भगवंतापुर होते हुए गांव टांडा छत्रपति तक 4.27 करोड़ की लागत से करीब सात किलोमीटर तक सड़क निर्माण किया जा रहा है। सड़क का काफी हिस्सा बन भी चुका है। 11 नवंबर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुुआ जिसमें कुछ लोग बनाई गई सड़क को हाथ से उखाड़ते नजर आ रहे थे। मामला दो दिन पहले तब तूल पकड़ गया जब सांसद वरुण गांधी ने सड़क को लेकर ट्वीट किया और पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद से कार्रवाई को कहा। जितिन प्रसाद ने बताया कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। शासन तक मामला पहुंचा तो बरेली से आए एसई एआर खान और प्रभारी एक्सईएन आरईएस मोहम्मद फुरकान व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में सड़क की गुणवत्ता बेहद घटिया मिलने पर वीके कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई। दो साल के लिए फर्म का डिबार भी कर दिया गया। वहीं अभियंत्रण विभाग के निदेशक एवं मुख्य अभियंता बिजेंद्र कुमार ने जेई आलोक वर्मा और मुनीर खां को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। सहायक अभियंता शैलेंद्र चौधरी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति की है। वहीं अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सोमवार देर रात को कोतवाली में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता शैलेंद्र चौधरी ने वीके कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर वरुणा कुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। यह फर्म सपा के पूर्व विधायक के भांजे की पत्नी के नाम है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फर्म के पास कई करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनका निर्माण कार्य सर्दियों के बाद मार्च में शुरू होना है।
प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम उमेश कुमार को सौंपी गई है। विवेचना में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सहायक अभियंता से सड़क निर्माण को लेकर किए गए अनुबंध के अभिलेख मांगे गए हैं। जांच में फर्म के अलावा और कौन दोषी है। इसकी जांच की जाएगी। अगर जांच में और भी लोग दोषी निकलते हैं, तब उनके नाम बढ़ाए जाएंगे।
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सड़क निर्माण में गड़बड़ी मिली थी, जिस आधार पर कार्रवाई की गई है। संबंधित फर्म पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। संबंधित जेई पर भी कार्रवाई की गई है। कड़ी निगरानी के बीच सड़क निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा। वीके कंस्ट्रक्शन के पास कुछ अन्य प्रोजेक्ट भी हैं। उनका काम सर्दियों के बाद शुरू होगा। कड़ी निगरानी के बीच यह काम कराए जाएंगे।
- मोहम्मद फुरकान, प्रभारी एक्सईएन आरईएस
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जिस व्यक्ति ने वीडियो बनाई थी उस समय कुछ घंटे पहले ही सड़क बनाई गई थी। बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा तब उसने वीडियो बना ली। मजदूर तारकोल डालने से पहले सड़क के एक टुकड़े की ठीक से सफाई नहीं कर सके। जिस कारण सड़क उधड़ने लगी। इस हिस्से को दोबारा बना दिया जाएगा।
- राजकुमार उर्फ राजू, फर्म संचालक के पति
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नगर के धनाराघाट रोड से गांव भगवंतापुर होते हुए गांव टांडा छत्रपति तक 4.27 करोड़ की लागत से करीब सात किलोमीटर तक सड़क निर्माण किया जा रहा है। सड़क का काफी हिस्सा बन भी चुका है। 11 नवंबर को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुुआ जिसमें कुछ लोग बनाई गई सड़क को हाथ से उखाड़ते नजर आ रहे थे। मामला दो दिन पहले तब तूल पकड़ गया जब सांसद वरुण गांधी ने सड़क को लेकर ट्वीट किया और पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद से कार्रवाई को कहा। जितिन प्रसाद ने बताया कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। शासन तक मामला पहुंचा तो बरेली से आए एसई एआर खान और प्रभारी एक्सईएन आरईएस मोहम्मद फुरकान व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में सड़क की गुणवत्ता बेहद घटिया मिलने पर वीके कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई। दो साल के लिए फर्म का डिबार भी कर दिया गया। वहीं अभियंत्रण विभाग के निदेशक एवं मुख्य अभियंता बिजेंद्र कुमार ने जेई आलोक वर्मा और मुनीर खां को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। सहायक अभियंता शैलेंद्र चौधरी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति की है। वहीं अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सोमवार देर रात को कोतवाली में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता शैलेंद्र चौधरी ने वीके कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर वरुणा कुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। यह फर्म सपा के पूर्व विधायक के भांजे की पत्नी के नाम है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फर्म के पास कई करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनका निर्माण कार्य सर्दियों के बाद मार्च में शुरू होना है।
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प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम उमेश कुमार को सौंपी गई है। विवेचना में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सहायक अभियंता से सड़क निर्माण को लेकर किए गए अनुबंध के अभिलेख मांगे गए हैं। जांच में फर्म के अलावा और कौन दोषी है। इसकी जांच की जाएगी। अगर जांच में और भी लोग दोषी निकलते हैं, तब उनके नाम बढ़ाए जाएंगे।
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सड़क निर्माण में गड़बड़ी मिली थी, जिस आधार पर कार्रवाई की गई है। संबंधित फर्म पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। संबंधित जेई पर भी कार्रवाई की गई है। कड़ी निगरानी के बीच सड़क निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा। वीके कंस्ट्रक्शन के पास कुछ अन्य प्रोजेक्ट भी हैं। उनका काम सर्दियों के बाद शुरू होगा। कड़ी निगरानी के बीच यह काम कराए जाएंगे।
- मोहम्मद फुरकान, प्रभारी एक्सईएन आरईएस
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जिस व्यक्ति ने वीडियो बनाई थी उस समय कुछ घंटे पहले ही सड़क बनाई गई थी। बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा तब उसने वीडियो बना ली। मजदूर तारकोल डालने से पहले सड़क के एक टुकड़े की ठीक से सफाई नहीं कर सके। जिस कारण सड़क उधड़ने लगी। इस हिस्से को दोबारा बना दिया जाएगा।
- राजकुमार उर्फ राजू, फर्म संचालक के पति