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रमनगरा बुझिया में आबादी के निकट पहुंची शारदा
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:15 PM IST
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बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
थम नहीं शारदा का कटान, ग्रामीण खुद तोड़ रहे अपने घर
शारदा नदी ने रमनगरा क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। 24 घंटे में तेजी से कटान करती हुई नदी दस एकड़ फसल को अपने में समाने के बाद तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। इससे भयभीत ग्रामीणों ने अपने पक्के आवास तोड़ने शुरू कर दिए हैं। उधर ट्रांस क्षेत्र में नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद उफनाई शारदा का पानी बाजारघाट में सिंचाई विभाग के बंधे से ओवरफ्लो होने लगा है। पानी सिद्धनगर-हजारा मार्ग से होते हुए खेतों मे पहुंच रहा है। दोनों ही स्थानों पर कटान और बाढ़ से बचाव के लिए अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। न ही राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र में कटान से हहुए नुकसान का जायजा लिया है।
माधोटांडा। पिछले कई दिनों से शारदा रमनगरा बुझिया क्षेत्र में तेजी से कटान कर रही है। 24 घंटे में नदी ने यहां केवल सिंह की गन्ने की एक एकड़ फसल, सोसा सिंह और खोखन विश्वास की ढाई-ढाई एकड़ कृषि भूमि समेत आधा दर्जन किसानों की करीब 10 एकड़ कृषि भूमि को अपने आगोश में ले लिया है। नदी यहां कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ने लगी है। नदी के आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने से गांव के अशोक राज ने अपने पक्के मकान को तोड़कर ईंटों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कटान के चलते पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
हजारा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के बाजार घाट में शारदा की एक धार के कारण खीरी के गांव गोविंद नगर और ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांव सिद्धनगर आदि के खेतों से होते हुए पानी सिद्धनगर-हजारा मार्ग पर बहने लगा है। यही नहीं इस नई धार ने सिद्धनगर के ग्रामीणों के खेतों की ओर जाने वाले एक मार्ग को भी नाले में तब्दील कर दिया था। सिंचाई विभाग के बाजारघाट में बनाए गए बंधे से पानी की धार मुड़ गई थी। इससे क्षेत्र के लोगों ने खासी राहत महसूस की थी। जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने भी अपने भ्रमण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संबंधित बंधे को और मजबूत तथा ऊंचा करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस पर काम भी शुरू किया, लेकिन कुछ दिन पहले उफनाई शारदा का पानी बंधे को क्रास कर पुन: नई धार में बहने लगा। इससे एक बार फिर ग्राम सिद्धनगर की आबादी में कटान का खतरा पैदा हो गया है वहीं सिद्धनगर-हजारा मार्ग पर बने रपटा पुल के निकट से सिद्धनगर गांव के लोगों के खेत को जाने वाला मार्ग भी नाले में तब्दील हो जाने के कारण इस गांव के लोगों की कृषि भूमि के कटान का खतरा पैदा हो गया है।
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खास बात यह है कि इसके बावजूद न तो अभी तक कोई राजस्वकर्मी ही स्थिति का जायजा लेने दोनों स्थानों पर पहुंच सका है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। सिंचाई महकमे के अधिकारियों ने भी अभी तक दोनों स्थानों पर किसी तरह के बचाव कार्य शुरू नहीं कराए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है।
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शारदा नदी ने रमनगरा क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। 24 घंटे में तेजी से कटान करती हुई नदी दस एकड़ फसल को अपने में समाने के बाद तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। इससे भयभीत ग्रामीणों ने अपने पक्के आवास तोड़ने शुरू कर दिए हैं। उधर ट्रांस क्षेत्र में नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद उफनाई शारदा का पानी बाजारघाट में सिंचाई विभाग के बंधे से ओवरफ्लो होने लगा है। पानी सिद्धनगर-हजारा मार्ग से होते हुए खेतों मे पहुंच रहा है। दोनों ही स्थानों पर कटान और बाढ़ से बचाव के लिए अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। न ही राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र में कटान से हहुए नुकसान का जायजा लिया है।
माधोटांडा। पिछले कई दिनों से शारदा रमनगरा बुझिया क्षेत्र में तेजी से कटान कर रही है। 24 घंटे में नदी ने यहां केवल सिंह की गन्ने की एक एकड़ फसल, सोसा सिंह और खोखन विश्वास की ढाई-ढाई एकड़ कृषि भूमि समेत आधा दर्जन किसानों की करीब 10 एकड़ कृषि भूमि को अपने आगोश में ले लिया है। नदी यहां कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ने लगी है। नदी के आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने से गांव के अशोक राज ने अपने पक्के मकान को तोड़कर ईंटों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कटान के चलते पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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हजारा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के बाजार घाट में शारदा की एक धार के कारण खीरी के गांव गोविंद नगर और ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांव सिद्धनगर आदि के खेतों से होते हुए पानी सिद्धनगर-हजारा मार्ग पर बहने लगा है। यही नहीं इस नई धार ने सिद्धनगर के ग्रामीणों के खेतों की ओर जाने वाले एक मार्ग को भी नाले में तब्दील कर दिया था। सिंचाई विभाग के बाजारघाट में बनाए गए बंधे से पानी की धार मुड़ गई थी। इससे क्षेत्र के लोगों ने खासी राहत महसूस की थी। जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने भी अपने भ्रमण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संबंधित बंधे को और मजबूत तथा ऊंचा करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस पर काम भी शुरू किया, लेकिन कुछ दिन पहले उफनाई शारदा का पानी बंधे को क्रास कर पुन: नई धार में बहने लगा। इससे एक बार फिर ग्राम सिद्धनगर की आबादी में कटान का खतरा पैदा हो गया है वहीं सिद्धनगर-हजारा मार्ग पर बने रपटा पुल के निकट से सिद्धनगर गांव के लोगों के खेत को जाने वाला मार्ग भी नाले में तब्दील हो जाने के कारण इस गांव के लोगों की कृषि भूमि के कटान का खतरा पैदा हो गया है।
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खास बात यह है कि इसके बावजूद न तो अभी तक कोई राजस्वकर्मी ही स्थिति का जायजा लेने दोनों स्थानों पर पहुंच सका है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। सिंचाई महकमे के अधिकारियों ने भी अभी तक दोनों स्थानों पर किसी तरह के बचाव कार्य शुरू नहीं कराए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है।