फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Risk of Sharda floods in Hazara rises alongside water levels.

Pilibhit News: जलस्तर के साथ ही हजारा में बढ़ा शारदा की बाढ़ का खतरा

Sun, 30 Aug 2026 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
Risk of Sharda floods in Hazara rises alongside water levels.
ढाई किलोमीटर का लूप बनाकर हजारा की ओर बह रही नदी, अब तक 29 किसानों की गन्ने की फसल नदी में समाई
विज्ञापन

पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे गांवों में एक बार फिर बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ने लगा है। इस बार सबसे अधिक चिंता हजारा क्षेत्र को लेकर जताई जा रही है। नदी करीब ढाई किलोमीटर का लूप बनाकर हजारा की ओर बह रही है। अगस्त में जलस्तर बढ़ने पर गांव की आबादी में तीन बार पानी भर चुका है। अब तक हजारा के 26 और चंदिया हजारा के तीन किसानों की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है। राणाप्रताप नगर और आसपास के गांवों में भी कटान से लोग चिंतित हैं।
हजारा में कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से बंबू क्रेट लगाने का काम शुरू किया गया है। राणाप्रताप नगर और नहरोसा के बीच भी कटान रोकने के लिए परकोपाइन लगाई गई हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार हजारा की ओर होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। अगस्त में नदी का पानी बढ़ने पर हजारा की आबादी में तीन बार जलभराव हुआ। सड़कों और खेतों में तीन से चार फुट तक पानी बहा। पांच अगस्त को बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार निरंजन ने हजारा पहुंचकर कटान का निरीक्षण किया था। उन्होंने ड्रोन कैमरे से नदी के बहाव और स्थिति का जायजा लिया। 21 अगस्त को उन्होंने रमनगरा, चंदिया हजारा और निर्माणाधीन सेतु के समीप भी निरीक्षण किया। संवाद
विज्ञापन

---
बचाव कार्य तेज नहीं किए तो होगी मुश्किल
20 अगस्त को मंडलायुक्त शंभू कुमार ने हजारा में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। उन्होंने बाढ़ और कटान की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बेहतर परियोजना तैयार कराकर काम कराने का आश्वासन दिया था। इस साल अभी तक शारदा ने पिछले वर्षों जैसी बड़ी तबाही नहीं मचाई है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने पर हजारा और शास्त्रीनगर समेत राणाप्रताप नगर और चंदिया हजारा में खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बचाव कार्य तेज नहीं किए गए तो जलस्तर बढ़ने पर हालात संभालना मुश्किल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


30 से अधिक गांवों से होकर गुजरती है शारदा, कई जगह नहीं हुए बचाव कार्य
फोटो: 26
कलीनगर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे गांवों में एक बार फिर बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ने लगा है। नेपाल सीमा से शारदा के जिले में प्रवेश करने के बाद करीब 30 से अधिक गांव इसकी चपेट में आते हैं। बाढ़ आने पर इन गांवों में खेतों में खड़ी फसलें डूब जाती हैं और कई जगह आबादी तक पानी पहुंच जाता है। इस बार अभी तक बाढ़ नहीं आई है, इसलिए ग्रामीण राहत में हैं, लेकिन शारदा के लगातार बदलते रुख और कई स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने से खतरा बना हुआ है।
नेपाल सीमा से शारदा नदी के प्रवेश क्षेत्र में बंदरभोज, गुनहान, बूंदीभूड़, नगरिया खुर्द कला, नौजल्हा नकटा नंबर-एक, नौजल्हा नकटा नंबर-दो, गैबिया, रमनगरा समेत करीब 30 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ आने पर इन गांवों की कृषि भूमि में पानी भरने के साथ कई स्थानों पर घरों तक पानी पहुंच जाता है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड की ओर से नौजल्हा नंबर-दो और नगरिया खुर्द कला में बाढ़ नियंत्रण के कार्य कराए गए हैं। वहीं शारदा सागर खंड ने नौजलहा नंबर-एक और नगरिया खुर्द कला में बचाव कार्य कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा से सटे बाकी ग्राम पंचायतों में अपेक्षित बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं कराए गए हैं। बंदरभोज और बूंदीभूड़ समेत नेपाल की नदियों से सटे इलाकों में ग्रामीण कई वर्षों से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। हर साल बरसात के दौरान खेतों में पानी भरने और फसलों के नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद स्थायी बचाव कार्य न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

रमनगरा क्षेत्र में भी शारदा नदी का बायां किनारा लगातार कटाव की ओर बढ़ रहा है। दूसरी ओर भी नदी का रुख बदलने से कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार बाढ़ न आने से स्थिति सामान्य दिख रही है, लेकिन खतरा टला नहीं है। शारदा नदी से सटे और अधिक बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में पहले से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाने की जरूरत है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर फसलों और आबादी को नुकसान से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed