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Pilibhit News: जिम्मेदार मौन, बाहर की दवा पर्ची पर रोक लगाए कौन

Tue, 14 Jan 2025 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 14 Jan 2025 12:36 AM IST
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Responsible silence, who should ban outside medicine prescriptions?
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल और मेडिकल काॅलेज के जिम्मेदार मरीजों की मजबूरी से बेपरवाह हैं। कमीशन के खेल में चिकित्सक मनमाने तरीके से मरीजों को बाहर की दवा पर्ची थमा रहे हैं, वहीं जिम्मेदार जान-समझकर भी मौन हैं। सामान्य बीमारियों के मरीज भी बाहर की महंगी दवा खरीदने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को भी उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे कई मरीजों को बाहर की दवा लिखी गई।
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सोमवार करीब 11 : 30 बजे जिला अस्पताल के पर्चा और दवा काउंटर पर काफी भीड़ थी। पर्चा काउंटर पर लगे कई मरीज सरकारी पर्चे के साथ ही एक छोटी से पर्ची भी साथ लिए खड़े थे। इसमें कुछ दवाएं तो दवा काउंटर से मिलीं, लेकिन कुछ दवाओं को बाहर से लेने की सलाह दवा काउंटर के अंदर बैठा कर्मचारी दे रहा था।
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मरीज को दी जाने वाली दवाओं में लाल, पीली गोलियां ही थमाई जा रहीं थीं। बरखेड़ा क्षेत्र के गांव रंपुरा के रहने वाले नरेश ने बताया कि पांच दवाओं में महज दो दवाएं ही यहां मिली है। दियोरिया क्षेत्र के गांव सुजनी निवासी प्रेमपाल ने बताया कि उन्हें ह्रदय की बीमारी है। इसमें दो दवाएं ही यहां मिली हैं, सात दवाओं पर बाहर से लेने के लिए चिकित्सक ने निशान लगा दिया है। ऐसे ही दवा काउंटर पर कई मरीज लाइन में लगे हुए थे। जिन्हें सरकारी पर्ची के साथ ही एक अलग से पर्ची को दिया गया था।
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सख्ती के नाम पर सिर्फ दिखावा
जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए लंबे चौड़े दावे किए जाते हैं। सख्ती का दिखावा भी किया जाता है, लेकिन अस्पताल में पहुंचने वाले जिले भर के मरीज कमीशन के खेल में पिस रहे हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की आस होती है। चिकित्सक कक्ष तक पहुंचने के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ती है, लेकिन सरकारी सुविधा के बजाय बाहर की दवा लिखने से मरीज परेशान हो जाता है। जल्द ठीक होने का आश्वासन देकर मरीजों को बाहर भेजने पर मजबूर किया जाता है।

जो दवा दी जा रही है। उससे पूरा आराम नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सक ने कहा कि बाहर स्थित मेडिकल से दवा ले लो। इसके लिए अलग पर्ची पर दवा लिख दी। - रामचंद्र।


चिकित्सक बाहर से दवा हर बार लिखते हैं। जो दवा चिकित्सक लिख रहे है। वह दवा दो से तीन सौ रुपये तक मेडिकल पर मिल रही है।- नरायनलाल।

अस्पताल में कुछ दवाएं ही मिल पा रही हैं। चिकित्सक ज्यादा तो बाहर की ही दवाएं लिख रहे है। जो काफी महंगी मिलती है। - बाबू।

बाहर की दवाएं कोई चिकित्सक न लिखे। इसको लेकर बैठक कर चिकित्सकों को निर्देश दे दिए गए। इसके बाद भी अगर चिकित्सक बाहर की दवा लिख रहे हैं, तो इसे दिखवाकर सख्ती बरती जाएगी।- डॉ. संगीता अनेजा, मेडिकल प्राचार्य।

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने को लगी मरीजों की लाइन।संवाद

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