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अतिक्रमण हटाने का विरोध करने वालों को पुलिस ने खदेड़ा
पीलीभीत।
Updated Wed, 01 Jul 2015 11:41 PM IST
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अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे चरण में प्रशासन ने अतिक्रमण से जकड़े
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ऐतिहासिक रामस्वरूप पार्क को आजाद कराया। पौने दो घंटे तक चली कार्रवाई के
दौरान बाउंड्री पर कब्जा जमाए खोखे/दुकानों को जेसीबी से ढहा दिया गया।
विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। पार्क के अलावा चूने वाली और
चूड़ी वाली गली में भी अभियान चलाया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में बुधवार को अभियान की शुरूआत रामस्वरूप पार्क से हुई। पार्क की दीवार पर अतिक्रमण कर बनाए गए 35 खोखे/दुकानों को हटा दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने सामान उठाने का समय न देने और सामान जबरन तोड़ने का आरोप लगाते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने विरोध कर रहे दुकानदारों को खदेड़ दिया।
इसके बाद दुकानदारों ने खुद ही खोखों को तोड़कर सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इस बीच एक दुकानदार ने सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचकर विरोध जताया। इस पर पुलिस ने दुकानदार को हिरासत में लेने का प्रयास किया, लेकिन अन्य दुकानदारों द्वारा अनुरोध करने पर उसे छोड़ दिया गया। करीब पौने दो घंटे तक चले अभियान के दौरान पार्क के चारों ओर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसकी वजह से पुलिस को कई बार भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
इसके अलावा चूड़ी वाली और चूने वाली गली में अभियान चलाया गया। हालांकि इन दोनों मार्गों पर 90 प्रतिशत अतिक्रमण स्वत: ही हटा लिया गया था। इधर लालरोड पर नाले पर मकानों को तोड़ने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान सीओ निर्मल सिंह विष्ठ, अधिशासी अधिकारी अरुणमणि त्रिपाठी, संपत्ति अधिकारी संतोष कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अमित कुमार, कोतवाल अतुल प्रधान, एसओ ब्रजेश सिंह, गुड्डी गंगवार समेत भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
डेढ़ दशक बाद मुक्त हुआ रामस्वरूप पार्क
शहर के ऐतिहासिक रामस्वरूप पार्क पर करीब डेढ़ दशक पूर्व अतिक्रमण कर खोखे/दुकानें खोल लिए गए थे। उस दौरान न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही पालिका प्रशासन ने। आलम यह हुआ कि धीरे-धीरे पार्क के दो तरफ की दीवार पर कब्जा कर लिया गया। यहां बाइक निकलना भी मुश्किल था।
हालांकि पार्क का अतिक्रमण हटाने को लेकर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन मामला अधर में लटकता रहा। इधर अभियान के दौरान भी पार्क को लेकर प्रशासन पर अंगुलियां उठती रहीं, लेकिन बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद अटकलों पर विराम लग गया।
अटल, आडवाणी भी आ चुके हैं पार्क में
ऐतिहासिक रामस्वरूप पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, वीपी सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, सिने अभिनेता राजब्बर से लेकर मैग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडे भी जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में बुधवार को अभियान की शुरूआत रामस्वरूप पार्क से हुई। पार्क की दीवार पर अतिक्रमण कर बनाए गए 35 खोखे/दुकानों को हटा दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने सामान उठाने का समय न देने और सामान जबरन तोड़ने का आरोप लगाते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने विरोध कर रहे दुकानदारों को खदेड़ दिया।
इसके बाद दुकानदारों ने खुद ही खोखों को तोड़कर सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इस बीच एक दुकानदार ने सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचकर विरोध जताया। इस पर पुलिस ने दुकानदार को हिरासत में लेने का प्रयास किया, लेकिन अन्य दुकानदारों द्वारा अनुरोध करने पर उसे छोड़ दिया गया। करीब पौने दो घंटे तक चले अभियान के दौरान पार्क के चारों ओर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसकी वजह से पुलिस को कई बार भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
इसके अलावा चूड़ी वाली और चूने वाली गली में अभियान चलाया गया। हालांकि इन दोनों मार्गों पर 90 प्रतिशत अतिक्रमण स्वत: ही हटा लिया गया था। इधर लालरोड पर नाले पर मकानों को तोड़ने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान सीओ निर्मल सिंह विष्ठ, अधिशासी अधिकारी अरुणमणि त्रिपाठी, संपत्ति अधिकारी संतोष कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अमित कुमार, कोतवाल अतुल प्रधान, एसओ ब्रजेश सिंह, गुड्डी गंगवार समेत भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
डेढ़ दशक बाद मुक्त हुआ रामस्वरूप पार्क
शहर के ऐतिहासिक रामस्वरूप पार्क पर करीब डेढ़ दशक पूर्व अतिक्रमण कर खोखे/दुकानें खोल लिए गए थे। उस दौरान न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही पालिका प्रशासन ने। आलम यह हुआ कि धीरे-धीरे पार्क के दो तरफ की दीवार पर कब्जा कर लिया गया। यहां बाइक निकलना भी मुश्किल था।
हालांकि पार्क का अतिक्रमण हटाने को लेकर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन मामला अधर में लटकता रहा। इधर अभियान के दौरान भी पार्क को लेकर प्रशासन पर अंगुलियां उठती रहीं, लेकिन बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद अटकलों पर विराम लग गया।
अटल, आडवाणी भी आ चुके हैं पार्क में
ऐतिहासिक रामस्वरूप पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, वीपी सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, सिने अभिनेता राजब्बर से लेकर मैग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडे भी जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं।