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बिलसंडा में गजानन पीने लगे दूध, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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बिलसंडा। नगर के मदन मोहन कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति के दूध पीने की बात नगर में फैली तो कुछ ही देर में मंदिर में भारी भीड़ लग गई। जिसे देखो वह दूध लिए चला आ रहा था। लोग कटोरी में दूध लेकर उसे चम्मच से गणपति को पिलाते रहे।
अब से करीब 24 साल पहले भी पूरे देश में भगवान गणेश के दूध पीने की खबर फैली थी। तब हर छोटे-बड़े मंदिर में लोग भगवान गणेश की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ पड़े थे। गुरुवार को नगर में अचानक भगवान गणेश के दूध पीने की खबर फैल गई। लोग कटोरी-चम्मच लेकर दूध पिलाने के लिए मंदिर की और दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मंदिर में मेले जैसा माहौल हो गया।
वैैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर देखें तो मूर्तियों द्वारा दूध का कुछ अंश अवशोषित कर लिया जाता है। लोग इसे ही मूर्ति के दूध पीने की बात मान लेते हैं। दरअसल, संगमरमर की चिकनी परत पर अणुओं से एक कैपिलरी चैनल बन जाता है, जो किसी भी द्रव को आसानी से अवशोषित कर लेता है। इसकी लेयर इतनी पतली होती है, जिसे आंखों से देख पाना संभव नहीं होता।
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-डॉ. सीताराम राठौर, विज्ञान प्रवक्ता
धर्मानुयायियों का नजरिया
हिंदू धर्म के अनुसार स्वर्ग से आशीर्वाद देने के लिए स्वयं प्रभु धरती पर आएं हैं। इस चमत्कार को देखकर लोगो का दृढ़ विश्वास हो गया है कि धरती पर भगवान हैं। भगवान ऐसे चमत्कार अक्सर करते रहते हैं।
-गुड्डू बाबा, मड़ानाथ मंदिर मरौरीखास
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अब से करीब 24 साल पहले भी पूरे देश में भगवान गणेश के दूध पीने की खबर फैली थी। तब हर छोटे-बड़े मंदिर में लोग भगवान गणेश की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ पड़े थे। गुरुवार को नगर में अचानक भगवान गणेश के दूध पीने की खबर फैल गई। लोग कटोरी-चम्मच लेकर दूध पिलाने के लिए मंदिर की और दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मंदिर में मेले जैसा माहौल हो गया।
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वैैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर देखें तो मूर्तियों द्वारा दूध का कुछ अंश अवशोषित कर लिया जाता है। लोग इसे ही मूर्ति के दूध पीने की बात मान लेते हैं। दरअसल, संगमरमर की चिकनी परत पर अणुओं से एक कैपिलरी चैनल बन जाता है, जो किसी भी द्रव को आसानी से अवशोषित कर लेता है। इसकी लेयर इतनी पतली होती है, जिसे आंखों से देख पाना संभव नहीं होता।
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-डॉ. सीताराम राठौर, विज्ञान प्रवक्ता
धर्मानुयायियों का नजरिया
हिंदू धर्म के अनुसार स्वर्ग से आशीर्वाद देने के लिए स्वयं प्रभु धरती पर आएं हैं। इस चमत्कार को देखकर लोगो का दृढ़ विश्वास हो गया है कि धरती पर भगवान हैं। भगवान ऐसे चमत्कार अक्सर करते रहते हैं।
-गुड्डू बाबा, मड़ानाथ मंदिर मरौरीखास