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व्रतोत्सव निर्णायिका का हुआ विमोचन
पीलीभीत।
Updated Sat, 21 Mar 2015 08:22 PM IST
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नव संवतसर के उपलक्ष्य में व्रतोत्सव निर्णायिका का विमोचन किया गया।
शहर के मंदिर श्री गोपीनाथ राधारमण में शनिवार को हुए कार्यक्रम में वैष्णवा चार्य गोपीजीवन गोस्वामी ने व्रतोत्सव निर्णायिका पुस्तक का विमाचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सृष्टि का प्रारंभ ब्रहमा द्वारा नव संवतसर के दिन ही किया गया। काल गणना भी इसी दिन से ही प्रारंभ की गई और देवताओं के द्वारा पृथ्वी पर आगमन का प्रथम दिवस भी यही माना जाता है। कहा कि सनातन धर्म में व्रत व उत्सवों का महत्व है। यह जीवन में स्फूर्ति, चेतना ओर ऊर्जा का संचार करते हैं। व्रतोत्सव निर्णायिका इन उत्सवों की तिथि के निर्धारण में सहायता करेगी। इस दौरान लोगों को पत्रिका का वितरण किया गया। इस मौके पर श्रीभगवान, श्याम कुमार अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विशाल, चेतन, लक्ष्मीकांत शर्मा, पूनम, कुमकुम, मधुगोस्वामी, लक्ष्मीकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।
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शहर के मंदिर श्री गोपीनाथ राधारमण में शनिवार को हुए कार्यक्रम में वैष्णवा चार्य गोपीजीवन गोस्वामी ने व्रतोत्सव निर्णायिका पुस्तक का विमाचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सृष्टि का प्रारंभ ब्रहमा द्वारा नव संवतसर के दिन ही किया गया। काल गणना भी इसी दिन से ही प्रारंभ की गई और देवताओं के द्वारा पृथ्वी पर आगमन का प्रथम दिवस भी यही माना जाता है। कहा कि सनातन धर्म में व्रत व उत्सवों का महत्व है। यह जीवन में स्फूर्ति, चेतना ओर ऊर्जा का संचार करते हैं। व्रतोत्सव निर्णायिका इन उत्सवों की तिथि के निर्धारण में सहायता करेगी। इस दौरान लोगों को पत्रिका का वितरण किया गया। इस मौके पर श्रीभगवान, श्याम कुमार अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विशाल, चेतन, लक्ष्मीकांत शर्मा, पूनम, कुमकुम, मधुगोस्वामी, लक्ष्मीकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।