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Pilibhit News: फिटनेस न कराने पर निरस्त होगा स्कूल की बसों का पंजीकरण
Sun, 21 Jul 2024 04:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 21 Jul 2024 04:09 AM IST
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पीलीभीत। जिले के कई स्कूल संचालक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पूर्व में बिना फिटनेस दौड़ रहीं 32 स्कूल की बसों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी सिर्फ 11 संचालकों ने कागज पूरे कराएं। अब एआरटीओ ऐसी बसों का पंजीकरण निरस्त करेंगे। उन्हें अंतिम चेतावनी जारी की है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 272 छोटे-बड़े स्कूली वाहन दर्ज हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज बसों में फिटनेस के मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके लिए स्कूल संचालक बच्चों के अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूलते हैं, लेकिन जिले के कई ऐसे स्कूल हैं जो फिटनेस जांच को पूरा कराने से बच रहे हैं।
पूर्व में एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने करीब 32 स्कूली बसों संचालकों को नोटिस भी जारी था। जिसमें एक सप्ताह के अंदर फिटनेस पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय-सीमा में सिर्फ 11 बसों के संचालकों ने ही फिटनेस मानकों को पूरा किया। पूर्व में माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर एक स्कूल का वाहन अनियंत्रित होकर खाईं में गिर गया था। हादसे में बच्चों को मामूली चोटें आई थीं।
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इसको देखते हुए एआरटीओ ने सख्ती बरतने का दावा किया है। उनका कहना है कि स्कूलों के बस संचालकों को अंतिम चेतावनी दी गई है। उनका कहना है कि रोजाना चेकिंग के दौरान अधूरे कागज मिलने पर स्कूल की बसों को सीज भी किया जा रहा है।
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परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 272 छोटे-बड़े स्कूली वाहन दर्ज हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज बसों में फिटनेस के मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके लिए स्कूल संचालक बच्चों के अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूलते हैं, लेकिन जिले के कई ऐसे स्कूल हैं जो फिटनेस जांच को पूरा कराने से बच रहे हैं।
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पूर्व में एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने करीब 32 स्कूली बसों संचालकों को नोटिस भी जारी था। जिसमें एक सप्ताह के अंदर फिटनेस पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय-सीमा में सिर्फ 11 बसों के संचालकों ने ही फिटनेस मानकों को पूरा किया। पूर्व में माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर एक स्कूल का वाहन अनियंत्रित होकर खाईं में गिर गया था। हादसे में बच्चों को मामूली चोटें आई थीं।
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इसको देखते हुए एआरटीओ ने सख्ती बरतने का दावा किया है। उनका कहना है कि स्कूलों के बस संचालकों को अंतिम चेतावनी दी गई है। उनका कहना है कि रोजाना चेकिंग के दौरान अधूरे कागज मिलने पर स्कूल की बसों को सीज भी किया जा रहा है।