{"_id":"5fa841108ebc3e9b8b770424","slug":"rape-case-pilibhit-news-bly426306793","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामलाः परिवार के साथ पूर्व मंत्री धरने पर बैठे, घंटों की जद्दोजहद के बाद हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामलाः परिवार के साथ पूर्व मंत्री धरने पर बैठे, घंटों की जद्दोजहद के बाद हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन
धरने पर बैठे पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा को समझाने का प्रयास करते पुलिस अफसर
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत/ माधोटांडा। छह साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या के बाद परिवार को मुआवजे की घोषणा न होने पर पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व विधायक ग्रामीणों के साथ श्मशान घाट के बाहर धरने पर बैठ गए। चंद घंटों में श्मशान घाट छावनी में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए। घंटों तक अफसरों ने मुआवजे के लिखित आश्वासन पर बहस चलती रही। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद प्रशासन की ओर से दस लाख रुपये के मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
माधोटांडा क्षेत्र में गोमती उद्गम स्थल पर पिता की ओर से आयोजित कराए गए अखंड रामायण पाठ के दौरान अचानक लापता हुई बच्ची की दुष्कर्म करने के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। शनिवार को गन्ने के खेत में उसका शव निर्वस्त्र हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने लगा। मगर परिवार वाले तैयार नहीं हुए। उन्होंने रविवार सुबह अंतिम संस्कार करने की बात कही। परिवार के विरोध के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। रविवार सुबह दस बजे पुलिस शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर परिवार के पास पहुंची। तो परिवार वाले संदिग्ध को छोड़ने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने आश्वासन देते हुए उन्हें वहां से सुरक्षा के बीच गोमती उद्गम स्थल पर स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंचे। जहां 11 बजे पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा और पूर्व विधायक पीतमराम अपने सर्मथकों के साथ पहुंचे गए। परिवार से वार्ता की, परिवार की बात सुनने के बाद 25 लाख रुपये का मुआवजा और दरिंदे पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए परिवार और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरन शव का अंतिम संस्कार करना चाहती है। धीरे-धीरे मौके पर भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। जानकारी मिलते ही एडीएम अतुल सिंह, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ पूरनपुर लल्लन सिंह, समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। परिवार को समझाने के दौरान अफसरों को विरोध झेलना पड़ा। पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने परिवार को लिखित मुआवजा और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। ढाई बजे अफसरों के दोबारा से वार्ता करते हुए पीड़ित परिवार को शासन की योजनाओं के तहत 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही तीन लाख रुपये तत्काल उनके खाते में भेजने का वादा किया। इस बात से संतुष्ट होने के बाद धरना समाप्त कर पुलिस ने अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया।
डीएम एसपी ने थाने में डाला डेरा
शव का अंतिम संस्कार न कर धरना प्रदर्शन होने की सूचना मिलते ही डीएम व एसपी ने अपने मातहतों और भारी पुलिस बल को मौके पर भेज दिया। मगर खुद माधोटांडा थाना में डेरा जमाए रहे। पूरे घटनाक्रम की वहां से नजर बनाए रहे। डीएम के निर्देश पर ही घटनास्थल पर मौजूद अफसरों ने परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा दोनों अफसरों ने पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ की।
विज्ञापन
विपक्ष के धरने पर बैठते ही भाजपाइयों ने लगाई दौड़
मासूम की मौत के बाद राजनीतिक दल मौके पर पहुंचना शुरू हो गए। सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मौके पर पहुंचकर मुआवजे की मांग को लेकर परिवार के साथ श्मशान घाट के बाहर धरने पर बैठ गए। जब मामले की सूचना भाजपाइयों को हुई तो जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत, बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा समेत कई भाजपाई मौके पर पहुंच गए। जहां सभी अपने अपने शब्दों में परिवार को न्याय दिलाने की बात करते रहे।
अंतिम संस्कार रोकने की लगी भनक, तो महिला भी मौके पर जुटी
गांव से मासूम के शव का अंतिम संस्कार रोकने की सूचना मिलते ही पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। इनके साथ ही गांव की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं की भी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई है। हर कोई घटना को लेकर दरिंदे की गिरफ्तारी कर कार्रवाई की मांग कर रहा था।
परिवार को दी पुलिस सुरक्षा
शव का अंतिम संस्कार करने के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर परिवार वालों को सुरक्षा दी। एसपी के निर्देश पर एक दारोगा और दो सिपाही को लगाया गया है। जो उसके घर के बाहर तैनात रहेंगे।
मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री की एडीएम से नोकझोंक
पीड़ित परिवार को लेकर धरने पर बैठे पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा को समझाने पहुंचे एडीएम अतुल सिंह से किसी टिप्पणी को लेकर नोकझोंक हो गई। इसको लेकर काफी देेर तक दोनों के बीच बहस होती रही। इसके बाद अन्य अफसरों को धरना समाप्त करने के लिए लगाया गया।
श्मशान घाट पर सत्ता और विपक्ष ने शुरू की राजनीति
वैसे तो श्मशान घाट हर व्यक्ति की जिंदगी का अंतिम पड़ाव है। लेकिन मासूम की मौत के मामले में हर कोई अपनी राजनीतिक छवि बनाने की होड़ में लग रहा। श्मशान घाट पर मासूम के परिवार वालों से शोक संवेदना व्यक्त करने के चक्कर में सत्ता और विपक्ष लोगों एकत्र होने लगे। दोनों श्मशान घाट पर खड़े होकर एक दूसरे पर तंज कसते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात करते रहे।
अफसर होते संजीदा तो नहीं बढ़ता बवाल
शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही ने श्मशान घाट पर अंत्येष्टि हो धरने का रूप दे दिया। खास बात रही कि शव को अंतिम संस्कार करने के लिए सिर्फ मौके पर माधोटांडा इंस्पेक्टर रामसेवक और चंद पुलिस कर्मियों को लगाया गया था। श्मशान घाट पर पहुंचने के बाद भी अफसर संजीदा नहीं हुए। जब विपक्ष के नेताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। तो होश उड़ गए।
बच्ची के शव का अंतिम संस्कार परिवार ने कर दिया है। परिवार को सुरक्षा दी गई है। किसी तरह की तनाव की स्थिति नहीं है। संदिग्ध से पूछताछ में अहम सुराग हाथ लग चुके हैं, जल्द खुलासा किया जाएगा। हमारी टीमें छानबीन कर रही हैं। पुलिस ने परिवार पर अंतिम संस्कार का कोई दबाव नहीं बनाया। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। - जयप्रकाश, एसपी
विज्ञापन
माधोटांडा क्षेत्र में गोमती उद्गम स्थल पर पिता की ओर से आयोजित कराए गए अखंड रामायण पाठ के दौरान अचानक लापता हुई बच्ची की दुष्कर्म करने के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। शनिवार को गन्ने के खेत में उसका शव निर्वस्त्र हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने लगा। मगर परिवार वाले तैयार नहीं हुए। उन्होंने रविवार सुबह अंतिम संस्कार करने की बात कही। परिवार के विरोध के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। रविवार सुबह दस बजे पुलिस शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर परिवार के पास पहुंची। तो परिवार वाले संदिग्ध को छोड़ने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने आश्वासन देते हुए उन्हें वहां से सुरक्षा के बीच गोमती उद्गम स्थल पर स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंचे। जहां 11 बजे पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा और पूर्व विधायक पीतमराम अपने सर्मथकों के साथ पहुंचे गए। परिवार से वार्ता की, परिवार की बात सुनने के बाद 25 लाख रुपये का मुआवजा और दरिंदे पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए परिवार और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरन शव का अंतिम संस्कार करना चाहती है। धीरे-धीरे मौके पर भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। जानकारी मिलते ही एडीएम अतुल सिंह, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ पूरनपुर लल्लन सिंह, समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। परिवार को समझाने के दौरान अफसरों को विरोध झेलना पड़ा। पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने परिवार को लिखित मुआवजा और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। ढाई बजे अफसरों के दोबारा से वार्ता करते हुए पीड़ित परिवार को शासन की योजनाओं के तहत 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही तीन लाख रुपये तत्काल उनके खाते में भेजने का वादा किया। इस बात से संतुष्ट होने के बाद धरना समाप्त कर पुलिस ने अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया।
विज्ञापन
डीएम एसपी ने थाने में डाला डेरा
शव का अंतिम संस्कार न कर धरना प्रदर्शन होने की सूचना मिलते ही डीएम व एसपी ने अपने मातहतों और भारी पुलिस बल को मौके पर भेज दिया। मगर खुद माधोटांडा थाना में डेरा जमाए रहे। पूरे घटनाक्रम की वहां से नजर बनाए रहे। डीएम के निर्देश पर ही घटनास्थल पर मौजूद अफसरों ने परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा दोनों अफसरों ने पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ की।
विज्ञापन
विपक्ष के धरने पर बैठते ही भाजपाइयों ने लगाई दौड़
मासूम की मौत के बाद राजनीतिक दल मौके पर पहुंचना शुरू हो गए। सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मौके पर पहुंचकर मुआवजे की मांग को लेकर परिवार के साथ श्मशान घाट के बाहर धरने पर बैठ गए। जब मामले की सूचना भाजपाइयों को हुई तो जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत, बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा समेत कई भाजपाई मौके पर पहुंच गए। जहां सभी अपने अपने शब्दों में परिवार को न्याय दिलाने की बात करते रहे।
अंतिम संस्कार रोकने की लगी भनक, तो महिला भी मौके पर जुटी
गांव से मासूम के शव का अंतिम संस्कार रोकने की सूचना मिलते ही पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। इनके साथ ही गांव की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं की भी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई है। हर कोई घटना को लेकर दरिंदे की गिरफ्तारी कर कार्रवाई की मांग कर रहा था।
परिवार को दी पुलिस सुरक्षा
शव का अंतिम संस्कार करने के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर परिवार वालों को सुरक्षा दी। एसपी के निर्देश पर एक दारोगा और दो सिपाही को लगाया गया है। जो उसके घर के बाहर तैनात रहेंगे।
मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री की एडीएम से नोकझोंक
पीड़ित परिवार को लेकर धरने पर बैठे पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा को समझाने पहुंचे एडीएम अतुल सिंह से किसी टिप्पणी को लेकर नोकझोंक हो गई। इसको लेकर काफी देेर तक दोनों के बीच बहस होती रही। इसके बाद अन्य अफसरों को धरना समाप्त करने के लिए लगाया गया।
श्मशान घाट पर सत्ता और विपक्ष ने शुरू की राजनीति
वैसे तो श्मशान घाट हर व्यक्ति की जिंदगी का अंतिम पड़ाव है। लेकिन मासूम की मौत के मामले में हर कोई अपनी राजनीतिक छवि बनाने की होड़ में लग रहा। श्मशान घाट पर मासूम के परिवार वालों से शोक संवेदना व्यक्त करने के चक्कर में सत्ता और विपक्ष लोगों एकत्र होने लगे। दोनों श्मशान घाट पर खड़े होकर एक दूसरे पर तंज कसते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात करते रहे।
अफसर होते संजीदा तो नहीं बढ़ता बवाल
शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही ने श्मशान घाट पर अंत्येष्टि हो धरने का रूप दे दिया। खास बात रही कि शव को अंतिम संस्कार करने के लिए सिर्फ मौके पर माधोटांडा इंस्पेक्टर रामसेवक और चंद पुलिस कर्मियों को लगाया गया था। श्मशान घाट पर पहुंचने के बाद भी अफसर संजीदा नहीं हुए। जब विपक्ष के नेताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। तो होश उड़ गए।
बच्ची के शव का अंतिम संस्कार परिवार ने कर दिया है। परिवार को सुरक्षा दी गई है। किसी तरह की तनाव की स्थिति नहीं है। संदिग्ध से पूछताछ में अहम सुराग हाथ लग चुके हैं, जल्द खुलासा किया जाएगा। हमारी टीमें छानबीन कर रही हैं। पुलिस ने परिवार पर अंतिम संस्कार का कोई दबाव नहीं बनाया। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। - जयप्रकाश, एसपी

गांव की महिलाओं को समझाने का प्रयास करती महिला पुलिस- फोटो : PILIBHIT

मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स- फोटो : PILIBHIT

मौके पर पीड़ित परिवार के प्रति शोक संवदेना व्यक्त करने पहुंचे भाजपाई।- फोटो : PILIBHIT