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रामलीला मेला में बालि वध और लंका दहन लीला का मंचन
सार
इसके साथ ही रामलीला कमेटी ने दशहरे की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।शबरी ने श्रीराम के चरणों में त्याग दिए प्राणबीसलपुर। भगवान राम ने तो बेर खा लिए, लेकिन लक्ष्मण ने निगाह बचाकर बेर फेंक दिए। राम और लक्ष्मण शबरी का अंतिम संस्कार करने के बाद आगे बढ़ गए।
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बालिवध लीला का मंचन करते कलाकार।
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विस्तार
लीड
02 पीबीटीपी- 10
लोगों लगा लें...
रामलीला : बालि वध और
लंका दहन का हुआ मंचन
- मेला मैदान में रामलीला देखने के लिए उमड़े दर्शक, दशहरे की तैयारियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहर के रामलीला मैदान में लगे मेले में रविवार को सुग्रीव मित्रता, बालि वध और लंका दहन लीला का मंचन हुआ। दोहे और चौपाइयों के साथ भव्य लीला का मंचन देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। वहीं रामलीला कमेटी ने दशहरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
लीला मंचन के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए जंगल में बढ़ते हैं। वहां सुग्रीव उन्हें देख लेते हैं और हनुमान जी को ब्राह्मण वेष धारण कर श्रीराम के सम्मुख भेजते हैं। इस पर श्रीराम हनुमान जी को पूरी घटना बताते हैं। इसके बाद हनुमान सुग्रीव की श्रीराम और लक्ष्मण से मित्रता कराते हैं। सुग्रीव अपने दुख का कारण श्रीराम को बताते हैं। तब योजनाबद्ध तरीके से सुग्रीव से बाली को ललकार कर युद्ध करने के लिए कहते हैं। इसके बाद श्रीराम एक ही बाण से बालि का वध कर देते हैं।
इसके अलावा रावण दरबार का भी मंचन होता है। लंका में हनुमान के पहुंचने की सूचना पर रावण मेघनाथ से उन्हें बंदी बनाकर लाने को कहता है। मेघनाथ ब्रह्मास्त्र फेंकते हुए हनुमान को बंदी बना लेता है और रावण के दरबार में ले जाता है। हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं। रविवार को लीला का मंचन यहीं संपन्न हो गया। इसके साथ ही रामलीला कमेटी ने दशहरे की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
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शबरी ने श्रीराम के चरणों में त्याग दिए प्राण
बीसलपुर। रामलीला में रविवार को शबरी लीला, सुग्रीव मित्रता और बालि वध लीला का मंचन हुआ।
लीला के दौरान भगवान राम को अपने आश्रम पर देखकर शबरी खुशी से झूम उठी। शबरी ने भगवान राम और लक्ष्मण की सेवा में बेर रखे। राम और लक्ष्मण धोखे से भी खट्टे बेर न खा लें, इसलिए शबरी ने बेर चखकर मीठे बेर श्रीराम को दिए। भगवान राम ने तो बेर खा लिए, लेकिन लक्ष्मण ने निगाह बचाकर बेर फेंक दिए। उसके बाद शबरी का भगवान राम के चरणों में निधन हो गया।
राम और लक्ष्मण शबरी का अंतिम संस्कार करने के बाद आगे बढ़ गए। उसके बाद सुग्रीव और राम की मित्रता का मंचन हुआ। सुग्रीव और बालि का युद्ध हुआ। जब सुग्रीव बुरी तरह पराजित होने लगे, तभी भगवान राम ने बाण मारकर बालि का वध कर दिया। लीला का संचालन अवधेश भट्ट, उपेंद्र शंखधार और मनोज त्रिपाठी ने रामायण की चौपाइयां और दोहा पढ़कर किया। मंचन मेला कमेटी के लीला प्रबंधक गोपाल कृष्ण अग्रवाल के निर्देशन में हुआ। संवाद
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रामलीला : बालि वध और
लंका दहन का हुआ मंचन
- मेला मैदान में रामलीला देखने के लिए उमड़े दर्शक, दशहरे की तैयारियां शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहर के रामलीला मैदान में लगे मेले में रविवार को सुग्रीव मित्रता, बालि वध और लंका दहन लीला का मंचन हुआ। दोहे और चौपाइयों के साथ भव्य लीला का मंचन देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। वहीं रामलीला कमेटी ने दशहरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
लीला मंचन के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए जंगल में बढ़ते हैं। वहां सुग्रीव उन्हें देख लेते हैं और हनुमान जी को ब्राह्मण वेष धारण कर श्रीराम के सम्मुख भेजते हैं। इस पर श्रीराम हनुमान जी को पूरी घटना बताते हैं। इसके बाद हनुमान सुग्रीव की श्रीराम और लक्ष्मण से मित्रता कराते हैं। सुग्रीव अपने दुख का कारण श्रीराम को बताते हैं। तब योजनाबद्ध तरीके से सुग्रीव से बाली को ललकार कर युद्ध करने के लिए कहते हैं। इसके बाद श्रीराम एक ही बाण से बालि का वध कर देते हैं।
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इसके अलावा रावण दरबार का भी मंचन होता है। लंका में हनुमान के पहुंचने की सूचना पर रावण मेघनाथ से उन्हें बंदी बनाकर लाने को कहता है। मेघनाथ ब्रह्मास्त्र फेंकते हुए हनुमान को बंदी बना लेता है और रावण के दरबार में ले जाता है। हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं। रविवार को लीला का मंचन यहीं संपन्न हो गया। इसके साथ ही रामलीला कमेटी ने दशहरे की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
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शबरी ने श्रीराम के चरणों में त्याग दिए प्राण
बीसलपुर। रामलीला में रविवार को शबरी लीला, सुग्रीव मित्रता और बालि वध लीला का मंचन हुआ।
लीला के दौरान भगवान राम को अपने आश्रम पर देखकर शबरी खुशी से झूम उठी। शबरी ने भगवान राम और लक्ष्मण की सेवा में बेर रखे। राम और लक्ष्मण धोखे से भी खट्टे बेर न खा लें, इसलिए शबरी ने बेर चखकर मीठे बेर श्रीराम को दिए। भगवान राम ने तो बेर खा लिए, लेकिन लक्ष्मण ने निगाह बचाकर बेर फेंक दिए। उसके बाद शबरी का भगवान राम के चरणों में निधन हो गया।
राम और लक्ष्मण शबरी का अंतिम संस्कार करने के बाद आगे बढ़ गए। उसके बाद सुग्रीव और राम की मित्रता का मंचन हुआ। सुग्रीव और बालि का युद्ध हुआ। जब सुग्रीव बुरी तरह पराजित होने लगे, तभी भगवान राम ने बाण मारकर बालि का वध कर दिया। लीला का संचालन अवधेश भट्ट, उपेंद्र शंखधार और मनोज त्रिपाठी ने रामायण की चौपाइयां और दोहा पढ़कर किया। मंचन मेला कमेटी के लीला प्रबंधक गोपाल कृष्ण अग्रवाल के निर्देशन में हुआ। संवाद