फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   ramayana

दूरदर्शन पर रामायण धारावाहिक शुरू होने से दौड़ी खुशी की लहर

Sun, 29 Mar 2020 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2020 12:42 AM IST
विज्ञापन
ramayana
पीलीभीत। तीन दशक पुरानी बात है। जब रामानंद सागर के बनाए धारावाहिक रामायण टेलीविजन के दूरदर्शन चैनल पर शुरू हुआ था तो उस समय सड़कें जाम हो जाती थीं। दर्शक घरेलू कामकाज छोड़कर दूरदर्शन पर धारावाहिक देखने दौड़ पड़ते थे। इतना ही नहीं, उस समय रामायण के सभी पात्रों को दर्शक भक्ति भाव से देखते थे। इसी धारावाहिक से ही टेलीविजन की भी बिक्री बढ़ गई थी। उसके बाद महाभारत सीरियल ने भी टेलीविजन खासतौर से दूरदर्शन की टीआरपी खूब बढ़ाई थी। बाद में यह ये दोनों धारावाहिक पूरे होने के बाद बंद हुए तो दूरदर्शन की टीआरपी भी कम हो गई।
विज्ञापन

लॉकडाउन के समय बिताने के लिए दर्शकों द्वारा की गई मांग पर केंद्र सरकार ने अब कई साल बाद रामानंद सागर के बनाया रामायण धारावाहिक ही दूरदर्शन पर दोबारा शुरू कराया है। यह धारावाहिक शनिवार से शुरू हो गया, प्रतिदिन सुबह नौ बजे और रात में 10 बजे से एक-एक घंटे का आएगा। यूं तो अब दूरदर्शन देखने वालों की संख्या बहुत कम है क्योंकि अब तमाम अन्य निजी चैनलों की दर्शकों के बीच टीआरपी अधिक है। मगर, सरकारी टीवी चैनल दूरदर्शन पर रामायण धारावाहिक शुरू होने से दर्शकों में दौड़ी खुशी की लहर दौड़ गई है। बुजुर्ग, महिलाओं के अलावा बच्चे भी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का धारावाहिक देखने के प्रति उत्साहित हैं। बच्चों के लिए तो यह नया ही है। शनिवार को पहले एपिसोड में दिखाया गया-अयोध्या के महाराज दशरथ ने संतान न होने पर पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। उसमें प्रसाद के रूप में मिली खीर तीन रानियों कौशिल्या, केकेयी और सुमित्रा को खिलाई।
विज्ञापन

वैसे तो हम दूरदर्शन कम देखते हैं। मगर, रामायण धारावाहिक शुरू होने के बाद हम रोजाना सुबह या शाम को नौ से 10 बजे तक भगवान राम की लीला जरूर देखेंगे। यह सबसे अच्छा धारावाहिक है। हमें भगवान राम की मर्यादा से सीख लेनी होगी। तभी समाज और संस्कृति बचेगी। नीरा शर्मा, गृहणी
विज्ञापन
विज्ञापन

दूरदर्शन पर रामायण धारावाहिक शुरू होना सबसे अच्छा कदम है। इस धारावाहिक को प्रत्येक घर में सबको देखना चाहिए, ताकि वह अपने बच्चों को बेहतर संस्कार दे सकें क्योंकि आजकल के बच्चे तमाम आधुनिक चीजें देखकर बिगड़ रहे हैं। वह हिंदू संस्कृति को भूलते जा रहे हें।
महंत ओमकार नाथ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed