{"_id":"5f2703028ebc3e9fb0046dd3","slug":"raksha-bandhan-festival-2020-pilibhit-news-bly414952117","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षाबंधन आज: 29 साल बाद बन रहा विशेष संयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षाबंधन आज: 29 साल बाद बन रहा विशेष संयोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार सावन के आखिरी सोमवार को पड़ रहा है। ऐसा संयोग 29 सालों बाद बन रहा है। ज्योषाचार्य मानते हैं कि सोमवार के दिन रक्षाबंधन को सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान योग खास बनाएंगे। बहनों को इस बार रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सोमवार सुबह 9.28 बजे के बाद पूरे दिन राखी बांधने का मुहूर्त है।
पंडित आशुतोष शर्मा के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को है। इस दिन विशेष प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन की शुरूआत सर्वार्थ सिद्धि योग होने से सुबह 9.28 बजे के बाद किसी भी समय बहनेें अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। यह खास संयोग 29 साल बाद बन रहा है। उन्होंने बताया कि शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की मौजूदगी भाई-बहन के प्रेम संबंधों को और मजबूत बनाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग की वजह से रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन की मनोकामनाएं पूरी होंगी। आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षासूत्र को और मजबूत बनाकर उन्हें दीर्घायु प्रदान करेगा। वहीं, सोमवार के दिन पूर्णिमा होने से भगवान शिव की कृपा भी जातकों पर बनी रहेगी। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं, शनि और सूर्य दोनों ही आयु बढ़ाते हैं।
शुभ मुहूर्त:
सुबह 9.28 बजे से रात 9.57 बजे के बीच कभी भी राखी बांधी जा सकती है।
दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक चर, लाभ, अमृत योग।
सुबह 7.18 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग।
सुबह 6.40 बजे के बाद ही शुरू हो जाएगा आयुष्मान योग।
विज्ञापन
पंडित आशुतोष शर्मा के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को है। इस दिन विशेष प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन की शुरूआत सर्वार्थ सिद्धि योग होने से सुबह 9.28 बजे के बाद किसी भी समय बहनेें अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। यह खास संयोग 29 साल बाद बन रहा है। उन्होंने बताया कि शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की मौजूदगी भाई-बहन के प्रेम संबंधों को और मजबूत बनाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग की वजह से रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन की मनोकामनाएं पूरी होंगी। आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षासूत्र को और मजबूत बनाकर उन्हें दीर्घायु प्रदान करेगा। वहीं, सोमवार के दिन पूर्णिमा होने से भगवान शिव की कृपा भी जातकों पर बनी रहेगी। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं, शनि और सूर्य दोनों ही आयु बढ़ाते हैं।
विज्ञापन
शुभ मुहूर्त:
सुबह 9.28 बजे से रात 9.57 बजे के बीच कभी भी राखी बांधी जा सकती है।
दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक चर, लाभ, अमृत योग।
सुबह 7.18 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग।
सुबह 6.40 बजे के बाद ही शुरू हो जाएगा आयुष्मान योग।