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छह माह में दूसरी बार हो रही रेलिंग की मरम्मत
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कलीनगर। पुल की टूटी रेंलिंग को दुरुस्त करने के लिए छह माह में दूसरी बात काम शुरू किया गया है। विभागीय स्तर से ठेकेदार को काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जानकारों के मुताबिक मरम्मत के नाम पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर बजट ठिकाने लगा दिया जाता है। नतीजतन वाहनों की मामूली ठोकर से रेलिंग टूट जाती है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में नहरों का जाल फैला हुआ है। बाइफरकेशन से हरदोई और खीरी ब्रांच निकाली गई है। इन नहरों से भी कई सहायक नहरों को निकाला गया है। मुख्य मार्ग के क्षेत्र से होकर गुजरने के चलते नहरों के पुल और उसकी रेलिंग भी बनाई गई है। डगा, कलीनगर, चित्तरपुर आदि पुल से गुजरने वाले वाहनों की टक्कर से पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
छह माह पूर्व हेड वर्क्स खंड की ओर से टूटी रेलिंग की मरम्मत कराई गई थी लेकिन कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के चलते रेलिंग चंद दिनों भी नहीं टिक सकी। इधर एक बार फिर रविवार से टूटी रेलिंग की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र में नहरों का जाल फैला हुआ है। बाइफरकेशन से हरदोई और खीरी ब्रांच निकाली गई है। इन नहरों से भी कई सहायक नहरों को निकाला गया है। मुख्य मार्ग के क्षेत्र से होकर गुजरने के चलते नहरों के पुल और उसकी रेलिंग भी बनाई गई है। डगा, कलीनगर, चित्तरपुर आदि पुल से गुजरने वाले वाहनों की टक्कर से पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
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छह माह पूर्व हेड वर्क्स खंड की ओर से टूटी रेलिंग की मरम्मत कराई गई थी लेकिन कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के चलते रेलिंग चंद दिनों भी नहीं टिक सकी। इधर एक बार फिर रविवार से टूटी रेलिंग की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है।
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