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जिला कारागार के कैदी ने अधिवक्ता को 48 घंटे में जान से मारने की दी धमकी, ऑडियो वायरल

Wed, 08 Jun 2022 01:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 01:06 AM IST
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Prisoner calls lawyer from jail - 48 hours is enough to kill you, audio goes viral
पीलीभीत जिला कारागार। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। जिला जेल में दुष्कर्म के आरोप में आठ साल से सजा काट रहे कैदी ने बीसलपुर के अधिवक्ता को कॉल करके 48 घंटे में जान से मारने की धमकी दी। इसकी ऑडियो वायरल हुई है। जेल अधीक्षक और एसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है। पीड़ित ने भी एसपी से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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कोतवाली बीसलपुर निवासी अधिवक्ता प्रदीप कुमार को जिला कारागार में 17 दिसंबर 2014 से दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहे हरवंश ने छह जून को शाम पांच बजकर 36 मिनट पर फोन कॉल की। कैदी ने एक जनप्रतिनिधि की शिकायत ट्वीट करने पर अधिवक्ता को धमकी दी। इसकी ऑडियो वायरल होने पर जिला प्रशासन और कारागार प्रशासन में खलबली है। कैदी की धमकी से परेशान अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने मंगलवार को एसपी से मुलाकात की। पत्र में कहा कि सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे जिला कारागार में बंद कैदी हरवंश ने मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी। एक अन्य ने कैदी से छह जून को मुलाकात की थी। इससे दोनों लोगों से जान का खतरा बना हुआ है। पत्र में मदद की गुहार लगाई है। अफसरों ने जांच शुरू करा दी है।
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जिला कारागार से कैद के धमकी भरे ऑडियो में यह हुआ वायरल
पीड़ित: हैलो - कौन
आरोपी: हरवंश
पीड़ित: समझ नहीं पाया भाई
आरोपी: हरवंश बोल रहे पीलीभीत जेल से
पीड़ित: हां- हां बताओ भाई
आरोपी: तो क्या पोस्ट कर रहा है यह बता
पीड़ित: किस के बारे में भईया
आरोपी: राजनेता का नाम लेते हुए
पीड़ित: नहीं भइया मैंने कुछ पोस्ट नहीं किया
आरोपी: कुत्ता की तरह मारेंगे, अभद्रता के साथ बोलते हुए यहीं ठुकवा देंगे
पीड़ित: अरे भइया मैंने कुछ नहीं किया यार
आरोपी: अरे हम तुझे जो बता रहे उसे सुन ले ठीक है दिखाई नहीं पड़ेगा बीसलपुर में 48 घंटा तेरे लिए बहुत काफी हैं, 48 घंटा समझ रहा है।
पीड़ित: अच्छा भइया
आरोपी: सुन रहा है या नहीं, समझ रहा है या नहीं अब कोई पोस्ट मैं गंगवार साहब की सुन न लूं।
पीड़ित: ठीक भइया ठीक-ठीक
आरोपी: ठीक नहीं हम जो तुझे समझा रहे अच्छी तरह से समझ ले, दोबारा शिकायत नहीं मिलना चाहिए झंडु
पीड़ित: सॉरी भइया
आरोपी: पोस्ट करी या नहीं करी
पीड़ित: गलती हो गई भइया, बड़े भइया गलती हो गई प्लीज भइया
आरोपी: जे बताओ हमें तुम्हें पता नहीं गंगवार साहब हमारे कौन हैं, बड़े भाई हैं वह हमारे
पीड़ित: यह बात सही कह रहे, गलती हो गई भइया, अब दोबारा नहीं मिलेगी गलती
आरोपी: आज ही सूचना आई हमारे पास
पीड़ित: अच्छा भइया
आरोपी: यह पहली और लास्ट लगती है माफ नहीं करेंगे, पता कर लेना इन लोगों से
पीड़ित: ठीक भइया ठीक, अब दोबारा शिकायत नहीं मिलेगी, ठीक है भइया आपको
(कोई और बीच में बोलते हुए चलो ठीक है कोई बात नहीं झंडू मान लो)
पीड़ित : मान ली भइया
आरोपी: अब उनके लिए कोई पोस्ट नहीं होनी चाहिए, सॉरी बोल सॉरी गंगवार साहब से
पीड़ित: नंबर पर बोल कैसे बोलें, भइया के नंबर पर बोलना किसे बोलना
आरोपी: सॉरी बोल कहना भइया गलती हो गई।
पीड़ित- ठीक है भइया अभी बोल रहे
चार जून को किया था ट्वीट
अधिवक्ता ने चार जून को एक जनप्रतिनिधि समेत दो लोगों पर जान को खतरा और फर्जी मुकदमे में जेल भिजवाने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था। धमकी के बाद पीड़ित ने ट्वीट डिलीट कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी मामले में जिला जेल में बंद कैदी ने पीड़ित को मोबाइल पर धमकी दी है।
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...तो कांफ्रेसिंग में किसने कराई थी बात
जिला कारागार में कैदी और पीड़ित के बीच कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की अफसर पुष्टि कर रहे हैं। ऐसे में किसने कांफ्रेंस कॉल के माध्यम से दोनों के बीच बात कराई, इसकी पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही तीसरे व्यक्ति का पता चल सकेगा। अभी इस संबंध में अफसर सिर्फ जांच की बात कह रहे हैं। पूरी रिकॉर्डिंग में जनप्रतिनिधि का नाम नहीं लिया गया है, केवल गंगवार साहब कहकर ही संबोधन है। इसे लेकर भी तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
जिला कारागार में पीसीओ लगे हैं। इनमें कैदियों को बात करने के लिए उनके दो-दो नंबर फीड कराए गए हैं। किस नंबर से फोन किया गया है। इसकी जांच की जा रही है। किसी कैदी ने धमकी दी है तो जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक

मामला संज्ञान में आने के बाद सीओ बीसलपुर को जांच दी गई है। कांफ्रेंस के माध्यम से लैंडलाइन फोन से वार्ता हुई है। सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। मामले की गंभीरता के साथ जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी, एसपी
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