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Pilibhit News: प्रधान ने माना पात्र, सीडीओ की जांच में ग्रामीण निकला अपात्र
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- जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में गांव की प्रधान ने सचिव पर लगाए थे आरोप
- सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ ने गांव जाकर की जांच, खुली झूठे आरोप की पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रधान ने सचिव पर ग्रामीण को अपात्र घोषित करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जब सीडीओ ने गांव में जांच कराई तो ग्रामीण अपात्र निकला। ग्रामीण का पक्का घर बना हुआ था। इसकी रिपार्ट तैयार कराई जा रही है।
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में ग्राम उगनपुर की ग्राम प्रधान रेखा देवी ने सचिव लाल बहादुर पर रुपये न मिलने पर पात्र को अपात्र घोषित कर आवास काटने का आरोप लगाया था। कहा था कि उनके बिना हस्ताक्षर के ही प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। उन्होंने सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था। उक्त मामले में 15 जून को खंड विकास अधिकारी अमरिया ने जब गांव उगनपुर में जाकर जांच की तो प्रधान के सभी आरोप निराधार निकले। मौके पर नन्हे लाल पुत्र नारायण लाल के यहां दो कमरे की पक्की दीवार के ऊपर टिनशेड, बाउंड्रीवॉल के साथ गेट लगा हुआ मिला।
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इसके साथ ही उसके एक भाई को पात्र होने पर आवास का लाभ दिया गया था। इसके अलावा प्रस्ताव प्रधान के के हस्ताक्षर भी मिले। खंड विकास अधिकारी की ओर से आई जांच रिपोर्ट को अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।
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आरोपों को लेकर जांच कराई गई। जिसमें ग्रामीण का पक्का घर बना मिला है। जिस कारण उसे अपात्र घोषित किया गया। ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर को लेकर एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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- सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ ने गांव जाकर की जांच, खुली झूठे आरोप की पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रधान ने सचिव पर ग्रामीण को अपात्र घोषित करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद जब सीडीओ ने गांव में जांच कराई तो ग्रामीण अपात्र निकला। ग्रामीण का पक्का घर बना हुआ था। इसकी रिपार्ट तैयार कराई जा रही है।
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में ग्राम उगनपुर की ग्राम प्रधान रेखा देवी ने सचिव लाल बहादुर पर रुपये न मिलने पर पात्र को अपात्र घोषित कर आवास काटने का आरोप लगाया था। कहा था कि उनके बिना हस्ताक्षर के ही प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। उन्होंने सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
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इस पर मुख्य विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था। उक्त मामले में 15 जून को खंड विकास अधिकारी अमरिया ने जब गांव उगनपुर में जाकर जांच की तो प्रधान के सभी आरोप निराधार निकले। मौके पर नन्हे लाल पुत्र नारायण लाल के यहां दो कमरे की पक्की दीवार के ऊपर टिनशेड, बाउंड्रीवॉल के साथ गेट लगा हुआ मिला।
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इसके साथ ही उसके एक भाई को पात्र होने पर आवास का लाभ दिया गया था। इसके अलावा प्रस्ताव प्रधान के के हस्ताक्षर भी मिले। खंड विकास अधिकारी की ओर से आई जांच रिपोर्ट को अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।
आरोपों को लेकर जांच कराई गई। जिसमें ग्रामीण का पक्का घर बना मिला है। जिस कारण उसे अपात्र घोषित किया गया। ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर को लेकर एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी