{"_id":"62b75a9032a83c124b4ca12b","slug":"power-corporation-rs-520-crore-proposals-pilibhit-news-bly489443750","type":"story","status":"publish","title_hn":"520 करोड़ रुपये की लागत से दुरुस्त होंगी जिले की बिजली व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
520 करोड़ रुपये की लागत से दुरुस्त होंगी जिले की बिजली व्यवस्था
विज्ञापन
गौहनिया चौराहे के पास टनकपुर हाईवे किनारे रखा ट्रांसफार्मर। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। गर्मी के दिनों से सबसे ज्यादा कोसे जाने वाला पावर कारपोरेशन अब हाईटेक होने जा रहा है। पावर कारपोरेशन के प्रस्तावों को शासन ने मंजूरी दे दी। दो जुलाई को कार्यदायी संस्था की नियुक्ति के लिए ट्रेंडर प्रक्रिया रखी है। इसमें उप केंद्रों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही जर्जर लाइनों और गले विद्युत पोलों से भी उपभोक्तओं को मुक्ति मिलेगी। क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगने से लो-वोल्टेज और फाल्ट की भी समस्या दूर होगी। पांच माह पहले 520 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था।
शासन के निर्देश के बावजूद बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं मिलती है। अघोषित कटौती और फॉल्ट की समस्या बनी ही रहती है। खासकर गर्मी और बारिश के दिनों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। जिले के तीन लाख, 15 हजार उपभोक्ताओं के लिए तीन अधिशासी अभियंता और एक अधीक्षण अभियंता है, मगर संसाधनों की कमी से उपभोक्ताओं की समस्याएं कम नहीं का नाम नहीं ले रहीं है।
अब शासन के निर्देश पर पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने जिले में विद्युत व्यवस्था को लेकर 520 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर नवंबर 2021 में भेज दिए थे। इनमें दो नए उपकेंद्र, 16 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर विद्युत लाइनों को बदलवाने, नए ट्रांसफार्मर, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के स्थान पर क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर रखवाने की व्यवस्था शामिल हैं। शासन ने प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। दो जुलाई को कार्यदायी संस्था की नियुक्ति के लिए ट्रेंडर प्रक्रिया लखनऊ में होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजली सुधार के कार्य शुरू हो जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
गैस चौराहा और बिठौरा कलां में बनेंगे उपकेंद्र
शहर में बेहतर विद्युत सप्लाई के लिए गैस चौराहे पर एक नया एमवीए का उपकेद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा बिठौरा कलां में एक दस एमवीए का नया उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा। यह दोनों जिले में नए उपकेंद्र बनेंगे।
प्रस्ताव में शामिल हैं चार 33 केवीए के फीडर
जिले में 33 केवीएम के चार फीडर के प्रस्ताव में भेज गए हैं। ये फीडर अमरिया, उदरा, मझोला और जहानाबाद में बनाए जाने हैं। फीडर बनने से सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। जिस फीडर में दिक्कत होगी। उसी फीडर की बंद करा दी जाएगी।
ये काम होंगे
- जिले में 20 किलोमीटर के खुलेतार बदलकर केबल डाली जाएगी।
- उपभोक्ताओं की सुविधानुसार 13 किलोमीटर नई लाइन बनेंगी।
- आपूर्ति बेहतर करने के लिए 100 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगें।
- 784 पीसीसी (सीमेंट) के खंभे और 157 एसपीआई (लोहे) के खंभे लगाए जाएंगे।
- 11 हजार की करीब 250 किलोमीटर विद्युत लाइन बदली जाएगी।
- पांच उपकेंद्रों की पांच एमवीए से क्षमता बढ़ाकर दस एमवीएम की जाएगी।
- नकटादाना चौराहे की आठ एमवीए से क्षमता बढ़ाकर दस की जाएगी।
- लंबी दूरी और बांस बल्ल्यिों के सहारे वाले कनेक्शनों पर पोल लगाए जाएंगे।
विद्युत तंत्र को मजबूत करने के लिए रिवाइस योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें खुलेतार बदलवाने, नई एलटी लाइन, बांस बल्लियों के सहारे चलने वाले कनेक्शन धारकों की समस्या, क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर बदले समेत कई काम शामिल हैं। जुलाई में ट्रेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू हो जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, एक्सईएन पीलीभीत
विज्ञापन
शासन के निर्देश के बावजूद बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं मिलती है। अघोषित कटौती और फॉल्ट की समस्या बनी ही रहती है। खासकर गर्मी और बारिश के दिनों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। जिले के तीन लाख, 15 हजार उपभोक्ताओं के लिए तीन अधिशासी अभियंता और एक अधीक्षण अभियंता है, मगर संसाधनों की कमी से उपभोक्ताओं की समस्याएं कम नहीं का नाम नहीं ले रहीं है।
विज्ञापन
अब शासन के निर्देश पर पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने जिले में विद्युत व्यवस्था को लेकर 520 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर नवंबर 2021 में भेज दिए थे। इनमें दो नए उपकेंद्र, 16 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर विद्युत लाइनों को बदलवाने, नए ट्रांसफार्मर, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के स्थान पर क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर रखवाने की व्यवस्था शामिल हैं। शासन ने प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। दो जुलाई को कार्यदायी संस्था की नियुक्ति के लिए ट्रेंडर प्रक्रिया लखनऊ में होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजली सुधार के कार्य शुरू हो जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
गैस चौराहा और बिठौरा कलां में बनेंगे उपकेंद्र
शहर में बेहतर विद्युत सप्लाई के लिए गैस चौराहे पर एक नया एमवीए का उपकेद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा बिठौरा कलां में एक दस एमवीए का नया उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा। यह दोनों जिले में नए उपकेंद्र बनेंगे।
प्रस्ताव में शामिल हैं चार 33 केवीए के फीडर
जिले में 33 केवीएम के चार फीडर के प्रस्ताव में भेज गए हैं। ये फीडर अमरिया, उदरा, मझोला और जहानाबाद में बनाए जाने हैं। फीडर बनने से सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। जिस फीडर में दिक्कत होगी। उसी फीडर की बंद करा दी जाएगी।
ये काम होंगे
- जिले में 20 किलोमीटर के खुलेतार बदलकर केबल डाली जाएगी।
- उपभोक्ताओं की सुविधानुसार 13 किलोमीटर नई लाइन बनेंगी।
- आपूर्ति बेहतर करने के लिए 100 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगें।
- 784 पीसीसी (सीमेंट) के खंभे और 157 एसपीआई (लोहे) के खंभे लगाए जाएंगे।
- 11 हजार की करीब 250 किलोमीटर विद्युत लाइन बदली जाएगी।
- पांच उपकेंद्रों की पांच एमवीए से क्षमता बढ़ाकर दस एमवीएम की जाएगी।
- नकटादाना चौराहे की आठ एमवीए से क्षमता बढ़ाकर दस की जाएगी।
- लंबी दूरी और बांस बल्ल्यिों के सहारे वाले कनेक्शनों पर पोल लगाए जाएंगे।
विद्युत तंत्र को मजबूत करने के लिए रिवाइस योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें खुलेतार बदलवाने, नई एलटी लाइन, बांस बल्लियों के सहारे चलने वाले कनेक्शन धारकों की समस्या, क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर बदले समेत कई काम शामिल हैं। जुलाई में ट्रेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू हो जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, एक्सईएन पीलीभीत