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Pilibhit News: 40 हजार की आबादी को दर्द दे रहे गड्ढे

Fri, 11 Jul 2025 10:25 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jul 2025 10:25 PM IST
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Potholes are causing pain to a population of 40 thousand
अरुण भंडार
कलीनगर। सीमावर्ती तीन गांवों को उत्तराखंड से जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है। 1400 मीटर सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों को दर्द दे रहे हैं। बारिश में जलभराव से हादसों का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग से करीब 10 से अधिक गांवों की करीब 40 हजार आबादी आवागमन करती है। शिकायत के बाद भी अफसरों ने खस्ताहाल सड़क की सुध नहीं ली है।
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तराई क्षेत्र में शारदा डैम की तलहटी में नेपाल सीमा तक करीब 40 हजार की आबादी बसी है। इस इलाके से उत्तराखंड का खटीमा जिला नजदीक है। इस वजह से लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए खटीमा भी जाते हैं। कृषि फसलों की बिक्री आदि करने के लिए भी बूंदीभूड़ गांव से होकर उत्तराखंड जाते हैं।
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पूर्व में इस मार्ग को गन्ना विभाग ने बनवाया था, लेकिन बाद में इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास आ गई। देखरेख के अभाव में यह मार्ग जर्जर हो गया है। इस समय सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लोगों का कहना है कि उत्तराखंड की सीमा नजदीक है। रोजमर्रा के सामान के अलावा कृषि और सब्जी की कीमत अच्छी मिलने के कारण वहां जाना रहता है। कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अफसरों को जानकारी दी, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है।

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इन गांवों के लोग करते हैं आवागमन
उत्तराखंड को जोड़ने वाली इस सड़क से पुरैना, सेल्हा, धुरिया पलिया, रमनगरा, कंजिया सिंहपुर, गभिया सहराई, महाराजपुर, नौजल्हा, बंदरभोज, बूंदीभूड़ समेत 10 से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। बाइफरकेशन और शारदा डैम का नजारा लेने पहुंचने वाले सैलानी भी इस सड़क से आवागमन करते हैं।

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तराई को उत्तराखंड से जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। इस सड़क से करीब 10 गांवों के लोगों की नियमित आवाजाही रहती है। शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हो सका है।
- अरुण भंडार
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इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। अधिकतर लोग इस सड़क से ही उत्तराखंड के लिए आते-जाते हैं। खराब सड़क से हादसों का डर बना रहता है।
- प्रशांत साना


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उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क को कार्य योजना में शामिल किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा।
- अजय सिंह, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग

अरुण भंडार

अरुण भंडार

अरुण भंडार

अरुण भंडार

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