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Pilibhit News: न तो लोकार्पण और न ही उद्घाटन, बाइपास पर दौड़ने लगे वाहन
Thu, 27 Nov 2025 11:45 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 27 Nov 2025 11:45 PM IST
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पीलीभीत/ न्यूरिया। पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग से टनकपुर हाइवे को जोड़ने वाले बाइपास पर गांव सैरपुर के पास बने ओेवरब्रिज पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं। लोकार्पण और उद्घाटन के बिना ही बाइपास से आवागमन शुरू होने से वाहन चालकों को सफर में सहूलियत मिली है। साथ ही शहर की सड़कों को भी जाम से निजात मिलेगी। बाइपास का कार्य करीब एक माह पूर्व ही पूरा हो गया था। अफसर लोकार्पण और उद्घाटन प्रक्रिया में उलझे थे। दो दिन पहले वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया था।
टनकपुर हाइवे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला बेहद अहम मार्ग है। शहर के बीच से गुजरने के कारण जाम और दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बड़े वाहनों की आवाजाही और कलक्ट्रेट, विकास भवन, अस्पताल व स्कूलों जैसी व्यस्त जगहों पर बढ़ती भीड़ के कारण शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। यातायात सुगम बनाने और हादसों की रोकथाम के लिए वर्ष 2016 में पूरनपुर हाइवे को टनकपुर हाइवे से जोड़ने वाले बाइपास का निर्माण शुरू किया। 116 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 11 किलोमीटर लंबी परियोजना का शुरुआती काम तेजी से पूरा भी कर लिया था। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से लेकर सड़क निर्माण तक सब कुछ समय पर हो गया लेकिन टनकपुर और मैलानी रेलखंड पर बनने वाले दो ओवरब्रिजों की एनओसी अटकने से परियोजना वर्षों तक ठप पड़ी रही।
करीब सात माह पूर्व सेतु निगम ने दोनों ओवरब्रिजों का निर्माण पूरा कर दिया। इसके बाद बाइपास संचालन का मार्ग साफ हुआ और अब बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के ही इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश चौधरी ने बताया कि ओवरब्रिज से आवागमन शुरू करा दिया गया है। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है।
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जाम से मिलेगी निजात, शहर में प्रवेश करने से बचेंगे वाहन चालक
बाइपास चालू होने से शहर के अंदर से आवाजाही करने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा। जाम से राहत मिलने के साथ सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समय गन्ना सीजन चल रहा है। न्यूरिया, मझोला, पूरनपुर, बीसलपुर और बरेली मार्ग से आने वाले गन्ना वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे बाइपास होकर चीनी मिलों तक पहुंच सकेंगे। इससे टनकपुर हाइवे पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। वाहन चालकों काे शहर के अंदर की समस्या से नहीं जूझना होगा। असम चौराहे से पहले बाइपास के रास्ते सैदपुर के करीब टनकपुर हाईवे पर निकलेंगे। यहां से मझोला होकर उत्तराखंड के खटीमा, सितारगंज, टनकपुर, नैनीताल आदि शहरों को जा सकेंगे।
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टनकपुर हाइवे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला बेहद अहम मार्ग है। शहर के बीच से गुजरने के कारण जाम और दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बड़े वाहनों की आवाजाही और कलक्ट्रेट, विकास भवन, अस्पताल व स्कूलों जैसी व्यस्त जगहों पर बढ़ती भीड़ के कारण शहर की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। यातायात सुगम बनाने और हादसों की रोकथाम के लिए वर्ष 2016 में पूरनपुर हाइवे को टनकपुर हाइवे से जोड़ने वाले बाइपास का निर्माण शुरू किया। 116 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 11 किलोमीटर लंबी परियोजना का शुरुआती काम तेजी से पूरा भी कर लिया था। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से लेकर सड़क निर्माण तक सब कुछ समय पर हो गया लेकिन टनकपुर और मैलानी रेलखंड पर बनने वाले दो ओवरब्रिजों की एनओसी अटकने से परियोजना वर्षों तक ठप पड़ी रही।
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करीब सात माह पूर्व सेतु निगम ने दोनों ओवरब्रिजों का निर्माण पूरा कर दिया। इसके बाद बाइपास संचालन का मार्ग साफ हुआ और अब बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के ही इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश चौधरी ने बताया कि ओवरब्रिज से आवागमन शुरू करा दिया गया है। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है।
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जाम से मिलेगी निजात, शहर में प्रवेश करने से बचेंगे वाहन चालक
बाइपास चालू होने से शहर के अंदर से आवाजाही करने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा। जाम से राहत मिलने के साथ सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समय गन्ना सीजन चल रहा है। न्यूरिया, मझोला, पूरनपुर, बीसलपुर और बरेली मार्ग से आने वाले गन्ना वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे बाइपास होकर चीनी मिलों तक पहुंच सकेंगे। इससे टनकपुर हाइवे पर लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। वाहन चालकों काे शहर के अंदर की समस्या से नहीं जूझना होगा। असम चौराहे से पहले बाइपास के रास्ते सैदपुर के करीब टनकपुर हाईवे पर निकलेंगे। यहां से मझोला होकर उत्तराखंड के खटीमा, सितारगंज, टनकपुर, नैनीताल आदि शहरों को जा सकेंगे।