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अपात्रों को दिला दिए पीएम आवास, सचिव के वेतन से होगी रिकवरी
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पीलीभीत। कमीशनखोरी में ग्राम पंचायत अधिकारी ने अपात्रों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र बना दिया। उन्हें आवास भी दिला दिए। जांच में उसकी पोल खुली। डीएम के निर्देश पर सचिव से रिकवरी के साथ एक साल की वेतन वृद्धि और प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
बिलसंडा ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता के खिलाफ तमाम शिकायतें डीएम तक पहुंची थीं। आरोप थे कि सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कमीशन लेकर अपात्रों को पात्र कर दिया और पात्रों को सूची से बाहर कर दिया। जांच में मामला खुला। डीपीआरओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने अमरिया और बिलसंडा में तैनात रहते हुए अपात्रों का चयन करते हुए पीएम आवास योजना का लाभ दिलाया।
अमरिया के बीडीओ की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 में अमरिया के ग्राम सद्दरपुर में नेवाराम को पीएम आवास सूची में नाम होने के बावजूद अपात्र बना दिया। उनकी जगह नेत्रराम को आवास दिया गया। आमखेड़ा गांव में उमेश सिंह भी अपात्र मिला, जिसे सूूची में पात्र बताया गया था। आमखेड़ा जलालपुर में हरेंद्र सिंह को पात्र दर्शाया गया, जबकि जांच में सामने आया कि वह शाहजहांपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं और वहीं उनका पक्का मकान बना है।
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इसी गांव के मुन्ना सिंह को भी जांच में अपात्र पाया गया। जबकि ग्राम सचिव ने उसे पात्रता सूची में शामिल किया था। उमेश सिंह भी अपात्र मिले जबकि उसे पात्र दर्शाते हुए दो किस्तों में 1.1 लाख रुपये की धनराशि भी जारी करा दी गई। बिलसंडा के मरैना गांव के रंजीत सिंह को अपात्र होने के बावजूद योजना के तहत दोनों किस्तें जारी की गईं। आदेश में कहा गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने कुल तीन लाख, 75 हजार, 496 रुपये की धनराशि अपात्रों को जारी कराई गई। अब ये धनराशि उसके वेतन से 25 किस्तों में काटी जाएगी। वहीं, उसकी एक साल की वेतन वृद्धि रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता के खिलाफ मिली शिकायतें की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। अपात्रों को जारी धनराशि की रिकवरी होगी। प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ एक साल की वेतन वृद्धि रोकी गई है। - वाचस्पति झा, डीपीआरओ
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बिलसंडा ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता के खिलाफ तमाम शिकायतें डीएम तक पहुंची थीं। आरोप थे कि सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कमीशन लेकर अपात्रों को पात्र कर दिया और पात्रों को सूची से बाहर कर दिया। जांच में मामला खुला। डीपीआरओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने अमरिया और बिलसंडा में तैनात रहते हुए अपात्रों का चयन करते हुए पीएम आवास योजना का लाभ दिलाया।
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अमरिया के बीडीओ की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 में अमरिया के ग्राम सद्दरपुर में नेवाराम को पीएम आवास सूची में नाम होने के बावजूद अपात्र बना दिया। उनकी जगह नेत्रराम को आवास दिया गया। आमखेड़ा गांव में उमेश सिंह भी अपात्र मिला, जिसे सूूची में पात्र बताया गया था। आमखेड़ा जलालपुर में हरेंद्र सिंह को पात्र दर्शाया गया, जबकि जांच में सामने आया कि वह शाहजहांपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं और वहीं उनका पक्का मकान बना है।
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इसी गांव के मुन्ना सिंह को भी जांच में अपात्र पाया गया। जबकि ग्राम सचिव ने उसे पात्रता सूची में शामिल किया था। उमेश सिंह भी अपात्र मिले जबकि उसे पात्र दर्शाते हुए दो किस्तों में 1.1 लाख रुपये की धनराशि भी जारी करा दी गई। बिलसंडा के मरैना गांव के रंजीत सिंह को अपात्र होने के बावजूद योजना के तहत दोनों किस्तें जारी की गईं। आदेश में कहा गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने कुल तीन लाख, 75 हजार, 496 रुपये की धनराशि अपात्रों को जारी कराई गई। अब ये धनराशि उसके वेतन से 25 किस्तों में काटी जाएगी। वहीं, उसकी एक साल की वेतन वृद्धि रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता के खिलाफ मिली शिकायतें की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। अपात्रों को जारी धनराशि की रिकवरी होगी। प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ एक साल की वेतन वृद्धि रोकी गई है। - वाचस्पति झा, डीपीआरओ