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दिल्ली की फिजा में महकेंगे पीलीभीत के फूल
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sat, 08 Apr 2017 09:27 PM IST
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दिल्ली और बरेली की मंडी में अब पीलीभीत के फूलों की खूश्बू बिखरेगी। जिले के प्रगतिशील किसान चंद्रभान सिंह ने उद्यान विभाग के सहयोग से पॉलीहाउस लगाकर जेरबेरा के फूलों की व्यावसायिक खेती शुरू कर दी है।
उद्यान विभाग की पहल पर जहानाबाद क्षेत्र के सियाबाड़ी पट्टी निवासी उपेंद्र सिंह ने एक साल पहले पॉलीहाउस का निर्माण कराया था। इसमें टमाटर और खीरा की फसल में अच्छा मुनाफा होने पर गांव के ही चंद्रभान सिंह ने भी एक एकड़ खेत में पॉलीहाउस का निर्माण करा लिया। इसके लिए उद्यान विभाग से उन्हहें अनुदान पर धनराशि दी गई। पॉलीहाउस का निर्माण होने के बाद उन्होंने इसमें फूलों की खेती के लिए उद्यान विभाग से सहयोग लिया और जेरबेरा के फूलों की खेती प्रारंभ की। इसके लिए उन्होंने बंगाल से कुछ मजदूरों को बुलाया। वर्तमान में पॉलीहाउस में जेरबेरा की पौध तैयार हो रही है। पूरे पॉलीहाउस को अलग-अलग भागों में बांटकर कई रंग के फूलों की पौध लगाई गई है। एक दो पौधों में फूल आने भी लगे हैं लेकिन फूलों का सही रूप से उत्पादन लगभग एक से डेढ़ माह में शुरू हो सकेगा। फूलों की खेती को बेहतर ढंग से करने के लिए उद्यान निरीक्षक अवधराज सिंह समय-समय पर गांव पहुंचकर अपना सहयोग और सलाह भी दे रहे हैं।
29 लाख का मिला अनुदान
पॉलीहाउस और उसमें जेरबेरा फूलों की खेती के लिए उद्यान विभाग से दो बार में 29 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया। पहली बार में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया गया। इसके निर्माण पर 33.73 लाख रुपये की लागत आई। इसमें लगभग 16 लाख रुपये अनुदान मिला। जेरबेरा की खेती पर आने वाली 24.40 लाख रुपये की लागत में लगभग 13 लाख रुपये का अनुदान मिला।
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सोलर पंप के माध्यम से होती है ड्रिप सिंचाई
पॉलीहाउस में होने वाली खेती में पानी की भी बचत की जा रही है। सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाया गया है। इसमें पाइप लगाकर ड्रिप सिस्टम से पौधों की सिंचाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर बौछारी सिंचाई का भी प्रबंध किया गया है।
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उद्यान विभाग की पहल पर जहानाबाद क्षेत्र के सियाबाड़ी पट्टी निवासी उपेंद्र सिंह ने एक साल पहले पॉलीहाउस का निर्माण कराया था। इसमें टमाटर और खीरा की फसल में अच्छा मुनाफा होने पर गांव के ही चंद्रभान सिंह ने भी एक एकड़ खेत में पॉलीहाउस का निर्माण करा लिया। इसके लिए उद्यान विभाग से उन्हहें अनुदान पर धनराशि दी गई। पॉलीहाउस का निर्माण होने के बाद उन्होंने इसमें फूलों की खेती के लिए उद्यान विभाग से सहयोग लिया और जेरबेरा के फूलों की खेती प्रारंभ की। इसके लिए उन्होंने बंगाल से कुछ मजदूरों को बुलाया। वर्तमान में पॉलीहाउस में जेरबेरा की पौध तैयार हो रही है। पूरे पॉलीहाउस को अलग-अलग भागों में बांटकर कई रंग के फूलों की पौध लगाई गई है। एक दो पौधों में फूल आने भी लगे हैं लेकिन फूलों का सही रूप से उत्पादन लगभग एक से डेढ़ माह में शुरू हो सकेगा। फूलों की खेती को बेहतर ढंग से करने के लिए उद्यान निरीक्षक अवधराज सिंह समय-समय पर गांव पहुंचकर अपना सहयोग और सलाह भी दे रहे हैं।
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29 लाख का मिला अनुदान
पॉलीहाउस और उसमें जेरबेरा फूलों की खेती के लिए उद्यान विभाग से दो बार में 29 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया। पहली बार में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया गया। इसके निर्माण पर 33.73 लाख रुपये की लागत आई। इसमें लगभग 16 लाख रुपये अनुदान मिला। जेरबेरा की खेती पर आने वाली 24.40 लाख रुपये की लागत में लगभग 13 लाख रुपये का अनुदान मिला।
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सोलर पंप के माध्यम से होती है ड्रिप सिंचाई
पॉलीहाउस में होने वाली खेती में पानी की भी बचत की जा रही है। सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाया गया है। इसमें पाइप लगाकर ड्रिप सिस्टम से पौधों की सिंचाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर बौछारी सिंचाई का भी प्रबंध किया गया है।