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Pilibhit News: दो बार क्षतिग्रस्त होने के बाद 18 लाख से बने नाले की फिर शुरू हुई मरम्मत
Thu, 13 Nov 2025 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 13 Nov 2025 11:42 PM IST
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पूरनपुर। गांव चंदिया हजारा में 18 लाख रुपये की लागत से बने नाले के दो बार क्षतिग्रस्त होने के बाद बगैर जांच, कार्रवाई के ही नाले की मरम्मत फिर शुरू करा दी। नाला निर्माण के दो महीने बाद ही जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोगों में रोष था। तब क्षतिग्रस्त हुए नाला को बांस की खपच्चों पर स्लैब डालकर मरम्मत की खानापूरी की गई थी। अब फिर नाले की मरम्मत शुरू की गई है। बगैर जांच, कार्रवाई के नाले की मरम्मत गांव के लोगों में चर्चा का विषय बना है।
जिला पंचायत की ओर से बरसात से पहले गांव चंदिया हजारा में 300 मीटर नाला का निर्माण करीब 18 लाख रुपये की लागत से कराया था। नाला निर्माण होने पर लोगों को जलभराव से निजात मिलने की आस जगी थी। निर्माण के शुरूआत में ही प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री को लेकर सवाल उठने लगे थे। लोगों ने घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग होने का आरोप लगाया था। नाला दो महीने बाद ही जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। लाखों से बना नाला दो महीने में ही क्षतिग्रस्त होने पर कोई जांच, कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार ने अगस्त महीने में क्षतिग्रस्त हुए नाले की दीवारों को सीधा कराकर कई स्थानों पर बांस की खपच्चों पर स्लैब डालकर सीधा करा दिया था। इसके बाद नाला फिर क्षतिग्रस्त हो गया था। लाखों की लागत से बने नाले के तीन महीने में दो बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर न जांच हुई और न ही ठेकेदार पर कार्रवाई। अब नाले की मरम्मत फिर शुरू करा दी।
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जिला पंचायत की ओर से बरसात से पहले गांव चंदिया हजारा में 300 मीटर नाला का निर्माण करीब 18 लाख रुपये की लागत से कराया था। नाला निर्माण होने पर लोगों को जलभराव से निजात मिलने की आस जगी थी। निर्माण के शुरूआत में ही प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री को लेकर सवाल उठने लगे थे। लोगों ने घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग होने का आरोप लगाया था। नाला दो महीने बाद ही जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। लाखों से बना नाला दो महीने में ही क्षतिग्रस्त होने पर कोई जांच, कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार ने अगस्त महीने में क्षतिग्रस्त हुए नाले की दीवारों को सीधा कराकर कई स्थानों पर बांस की खपच्चों पर स्लैब डालकर सीधा करा दिया था। इसके बाद नाला फिर क्षतिग्रस्त हो गया था। लाखों की लागत से बने नाले के तीन महीने में दो बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर न जांच हुई और न ही ठेकेदार पर कार्रवाई। अब नाले की मरम्मत फिर शुरू करा दी।
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