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बारिश के साथ बच्चों में उल्टी-दस्त बुखार पीड़ित बढ़े

Wed, 03 Aug 2022 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 11:58 PM IST
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Pediatric patients with vomiting-diarrhoea, fever increased
पीलीभीत जिला अस्पताल में भर्ती मासूम। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। बारिश का मौसम शुरू होते ही बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। औसतन 100 बाल रोगी प्रतिदिन जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें करीब 80 बच्चे उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित होते हैं। कुछ की हालत तो इतनी गंभीर होती है कि उन्हें तत्काल भर्ती करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस यादव का कहना है कि गर्मी के बाद बारिश शुरू होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों से बचना आसाना है लेकिन जागरूकता जरूरी है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस यादव ने बताया कि मानसून आने से गर्मी से राहत तो मिलती है लेकिन वायरल और वैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कई गंभीर बीमारियां फैलने लगती हैं। गर्मी के बीच अचानक बारिश से तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। जगह-जगह जलभराव होता है, उसमें मच्छर पनप जाते हैं। तरह-तरह के वैक्टीरिया और वायरस वातावरण में होते हैं। इससे बीमारी फैलने का अंदेशा सामान्य दिनों के मुकाबले दो गुना बढ़ जाता है। इसी वजह से उल्टी-दस्त, बुखार, हेपेटाइटिस ए (पीलिया), मलेरिया फीवर फोड़े-फुंसी आदि बीमारियां फैल रहीं हैं।
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इन कारणों से फैलती हैं बीमारियां
- जलभराव वाले स्थान मच्छरों का प्रजनन स्थल बनने से।
- बारिश के दिनों में वैक्टीरिया तेजी खाने पीने की वस्तुओं में पनपते हैं।
- नमी की वजह से मक्खी और मच्छरों अधिक होते हैं पैदा।
- पसीना आने से शरीर में गंदगी, वैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा रहता है।
संक्रामक रोगों से बचाव को जागरूकता जरूरी
यह संक्रामक रोगों का सीजन है। मैं तो बचाव के लिए यही कहूंगा कि अपने आसपास पानी का जमाव न होने दें। घर से निकलने पर शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। सूखे हुए साफ-सुथरे कपड़े पहनें। पानी को उबालकर छानकर पीएं। बासी भोजन न खाएं। कहीं अगर पानी इकट्ठा हो तो उसमें मिट्टी का तेल डालें। गमलों व कूलर आदि का पानी बदलते रहें। -डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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बुखार में कोल्ड ड्रिंक, जूस, दही, मट्ठा से करें परहेज
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस यादव ने कहा कि वायरल फीवर का मौसम है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। अगर कोई बच्चा बीमार है तो उसे जूस और कोल्ड ड्रिंक कतई न दें। दही और मट्ठा से भी परहेज करें। फ्रिज में रखा कोई भी खाद्य पदार्थ न खिलाएं। ठंडी चीजें उसे और बीमार कर सकती हैं। एक से पांच वर्ष तक के बच्चे को बुखार होने पर अगर आपने ठंडा खाद्य पदार्थ खिला दिया तो उससे निमोनिया हो सकता है।

फास्ट फूड और पैक्ड फूड से सेहत को खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक बच्चों को फास्ट फूड और पैक्ड फूड बहुत पसंद हैं लेकिन इससे उनकी सेहत को खतरा होता है। उन्होंने कहा कि अगर वाकई में आप बच्चे की सेहत के प्रति सजग हैं तो उसे घर का पका हुआ ताजा भोजन दें। दाल, रोटी, सब्जी, चावल आदि खिलाएं। बच्चे की सेहत बनेगी।
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