{"_id":"6ae3888166f6fd9e90040270","slug":"patchwork-has-resumed-on-the-37-kilometer-long-road-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-172220-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: 37 किलोमीटर लंबी सड़क पर फिर शुरू हुआ पैचवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: 37 किलोमीटर लंबी सड़क पर फिर शुरू हुआ पैचवर्क
Thu, 29 Oct 2026 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
बाइफरकेशन मार्ग पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य। संवाद
कलीनगर। हरदोई ब्रांच नहर की बाईं पटरी पर बाइफरकेशन से शाहजहांपुर सीमा तक करीब 37 किलोमीटर लंबे मार्ग की बदहाली दूर करने के लिए एक बार फिर गड्ढा मुक्त योजना के तहत पैचवर्क कराया जा रहा है।
सिंचाई विभाग की ओर से हरदोई ब्रांच नहर की बाईं पटरी पर वर्षों पहले सड़क बनवाई गई थी। यह मार्ग कलीनगर तहसील मुख्यालय को जोड़ने के साथ हाईवे और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। बाइफरकेशन से कलीनगर पुल तक का हिस्सा वीआईपी और वीवीआईपी आवागमन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व और सिंचाई विभाग के बाइफरकेशन स्थित गेस्ट हाउस में अधिकारियों और मंत्रियों का आवागमन होने के कारण इस हिस्से की मरम्मत भी कराई जाती रही है।
इसके बावजूद सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर पहले भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि पिछले वर्षों में मरम्मत और निर्माण के बाद सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। कुछ समय पहले बनाया गया मार्ग भी करीब दो महीने में ही उखड़ने लगा था। इसके बाद गड्ढा मुक्त योजना के तहत कलीनगर तक सड़क की मरम्मत कराई गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन गई।
विज्ञापन
इस बार भी लोगों को उम्मीद थी कि 37 किलोमीटर लंबे मार्ग का नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाएगा। इसके बजाय गड्ढा मुक्त योजना के तहत पैचवर्क शुरू करा दिया गया है। करीब 50 लाख की लागत से कार्य शुरू कराया गया है। सहायक अभियंता रोहित ढाका ने बताया कि हरदोई ब्रांच नहर की बाईं पटरी का मार्ग गड्ढा मुक्त योजना के तहत स्वीकृत हुआ है। इसी के अनुसार बजट आवंटित किया गया है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग की ओर से हरदोई ब्रांच नहर की बाईं पटरी पर वर्षों पहले सड़क बनवाई गई थी। यह मार्ग कलीनगर तहसील मुख्यालय को जोड़ने के साथ हाईवे और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। बाइफरकेशन से कलीनगर पुल तक का हिस्सा वीआईपी और वीवीआईपी आवागमन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व और सिंचाई विभाग के बाइफरकेशन स्थित गेस्ट हाउस में अधिकारियों और मंत्रियों का आवागमन होने के कारण इस हिस्से की मरम्मत भी कराई जाती रही है।
विज्ञापन
इसके बावजूद सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर पहले भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि पिछले वर्षों में मरम्मत और निर्माण के बाद सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। कुछ समय पहले बनाया गया मार्ग भी करीब दो महीने में ही उखड़ने लगा था। इसके बाद गड्ढा मुक्त योजना के तहत कलीनगर तक सड़क की मरम्मत कराई गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन गई।
विज्ञापन
इस बार भी लोगों को उम्मीद थी कि 37 किलोमीटर लंबे मार्ग का नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाएगा। इसके बजाय गड्ढा मुक्त योजना के तहत पैचवर्क शुरू करा दिया गया है। करीब 50 लाख की लागत से कार्य शुरू कराया गया है। सहायक अभियंता रोहित ढाका ने बताया कि हरदोई ब्रांच नहर की बाईं पटरी का मार्ग गड्ढा मुक्त योजना के तहत स्वीकृत हुआ है। इसी के अनुसार बजट आवंटित किया गया है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।