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Pilibhit News: चिलचिलाती धूप में यात्री कर रहे बसों का इंतजार
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-नौगवां और असम चौराहे पर यात्रियों के लिए बैठने के नहीं हैं इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। स्थानीय डिपो की व्यवस्थाएं सही नहीं होने से रोडवेज की बसों का संचालन नौगवां चौराहे से किया जाता है। नौगवां चौराहे पर बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। यात्री चिलचिलाती धूप में खड़े रहकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
पीलीभीत डिपो से 108 बसों का संचालन किया जाता है। डिपो पर पर्याप्त जगह न होने के कारण बसें सड़क पर खड़ी की जाती हैं। बस अड्डे पर यात्रियों के बैठने के लिए सिर्फ दो बेंच हैं। पर्याप्त स्थान न होने की वजह से अधिकतर बसों का संचालन नौगवां व असम चौराहे से होता है। यात्री भी अब इन्हीं चौराहे पर पहुंचकर बसों का इंतजार करते हैं।
इन दोनों चौराहे पर कहीं भी यात्रियों के बैठने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं यहां जिस पेड़ का सहारा लेकर लोग खड़े होते थे। पेड़ की छंटाई हो जाने से अब उसकी छाया भी नहीं मिल पा रही है। यात्री चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े होकर सवारी का इंतजार करते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को होती है। एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यात्री नौगवां और असम चौराहे से ही बसों पर बैठते है। जो उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। बस स्टैंड पर बैठने के पर्याप्त इंतजाम हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। स्थानीय डिपो की व्यवस्थाएं सही नहीं होने से रोडवेज की बसों का संचालन नौगवां चौराहे से किया जाता है। नौगवां चौराहे पर बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। यात्री चिलचिलाती धूप में खड़े रहकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
पीलीभीत डिपो से 108 बसों का संचालन किया जाता है। डिपो पर पर्याप्त जगह न होने के कारण बसें सड़क पर खड़ी की जाती हैं। बस अड्डे पर यात्रियों के बैठने के लिए सिर्फ दो बेंच हैं। पर्याप्त स्थान न होने की वजह से अधिकतर बसों का संचालन नौगवां व असम चौराहे से होता है। यात्री भी अब इन्हीं चौराहे पर पहुंचकर बसों का इंतजार करते हैं।
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इन दोनों चौराहे पर कहीं भी यात्रियों के बैठने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं यहां जिस पेड़ का सहारा लेकर लोग खड़े होते थे। पेड़ की छंटाई हो जाने से अब उसकी छाया भी नहीं मिल पा रही है। यात्री चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े होकर सवारी का इंतजार करते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को होती है। एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यात्री नौगवां और असम चौराहे से ही बसों पर बैठते है। जो उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। बस स्टैंड पर बैठने के पर्याप्त इंतजाम हैं।
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