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Pilibhit News: बरसाती मौसम में रोडवेज बसों में भीगने को मजबूर हो रहे यात्री
Mon, 10 Jul 2023 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:31 AM IST
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पीलीभीत। बारिश के दिनों में रोडवेज की बसों में यात्रा करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। अधिकतर बसों की खिड़कियों में लगे शीशों के लॉक नहीं हैं। ऐसे में बरसात का पानी बसों में घुस जाता है और यात्री भीग जाते है। इसके अलावा कई बसों के वाइपर भी खराब पड़े हैं। इससे बारिश के दौरान सफर में चालकों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
परिवहन विभाग किराये में तो लगातार इजाफा करता आ रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ खास नहीं होता। यात्रियों को रुपये खर्च करने के बाद बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। रोडवेज की अधिकतर बसों की खिड़की पर लगे शीशे के लॉक वर्षों से टूटे पड़े हैं। इन्हें सही नहीं कराया गया है।
इससे खिड़की की तरफ बैठने वाले यात्री भीगते हुए सफर करने को मजबूर हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि बसों में अगर किसी तरह की समस्या होती है तो चालक-परिचालक उसमें जुगाड़ से काम करवा देते हैं। वर्कशाॅप से बसें ठीक ढंग से ठीक होकर ही नहीं आती। इससे बसों की स्थिति और भी अधिक खराब हो रही है।
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बरसात का मौसम होने के बावजूद कई बसों के वाइपर ही गायब हैं। इसके अलावा कुछ एक बसों में वाइपर लगे भी है तो वह सही से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में चालकों को वाहनों का संचालन करने में काफी दिक्कत होती है।
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परिवहन विभाग किराये में तो लगातार इजाफा करता आ रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ खास नहीं होता। यात्रियों को रुपये खर्च करने के बाद बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। रोडवेज की अधिकतर बसों की खिड़की पर लगे शीशे के लॉक वर्षों से टूटे पड़े हैं। इन्हें सही नहीं कराया गया है।
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इससे खिड़की की तरफ बैठने वाले यात्री भीगते हुए सफर करने को मजबूर हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि बसों में अगर किसी तरह की समस्या होती है तो चालक-परिचालक उसमें जुगाड़ से काम करवा देते हैं। वर्कशाॅप से बसें ठीक ढंग से ठीक होकर ही नहीं आती। इससे बसों की स्थिति और भी अधिक खराब हो रही है।
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बरसात का मौसम होने के बावजूद कई बसों के वाइपर ही गायब हैं। इसके अलावा कुछ एक बसों में वाइपर लगे भी है तो वह सही से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में चालकों को वाहनों का संचालन करने में काफी दिक्कत होती है।