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Pilibhit News: खरीद केंद्रों पर धान की आवक कम
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पीलीभीत मंडी समिति में हो रही धान की तौल। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। पौने दो माह में ही सरकारी केंद्रों पर धान की आवक घट गई। अधिकतर केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। धान आ भी रहा है तो न के बराबर। ऐसे में प्रशासन ने केद्रों पर दो के स्थान पर एक कांटे पर ही तौल के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद शनिवार से खरीद केंद्रों से दूसरे कांटे को हटा दिया गया। यहां बता दें कि अब लक्ष्य के सापेक्ष 3279 मीट्रिक टन (26 फीसदी) धान की खरीद हो सकी है।
पहली अक्तूबर से जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू की गई थी। इसके लिए शासन ने क्रय नीति को जारी कर 3.20 लाख एमटी का लक्ष्य तय किया था। बेमौसम हुई बारिश के कारण धान की फसल काफी खराब हो गई, जिस कारण केंद्रों पर धान लेने में आनाकानी की जा जाने लगी। नमी की बात कहकर किसानों को खासा परेशान किया गया। इसका फायदा मिल मालिकों ने उठाया। तय सरकारी दाम से काफी कम में आढ़तियों ने नकद में किसान से धान खरीदा। यही कारण रहा कि खरीद केंद्रों पर धान की आवक काफी कम हो गई। बीते दिनों एजेंसी के जिला प्रबंधकों ने जिला खरीद अधिकारी से मिलकर बताया कि केंद्रों पर काफी कम धान आ रहा है। जिला प्रबंधकों ने केंद्रों से एक कांटा कम करने की मांग रखी। जांच के बाद जिला खरीद अधिकारी राम सिंह गौतम ने जिले में संचालित सभी 148 केंद्रों पर मात्र एक ही कांटे पर तौल करने के आदेश जारी कर दिए। शनिवार से जिले में सभी खरीद केंद्रों पर महज एक कांटा रह गया। जहां-जहां दूसरे कांटे लगे थे उनको हटा लिया गया।
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अब तक हो सकी मात्र 3279 एमटी धान खरीद
जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू हुए पौने दो माह बीत गए हैं। बहुत सुस्त गति से खरीद का आंकड़ा बढ़ रहा है। अब तक जिले में मात्र 3279 एमटी धान की खरीद हो सकी है। यह लक्ष्य का 26 फीसदी है। वहीं केंद्रों से धान भी सुस्त गति से राइस मिलों को पहुंच रहा है।
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केंद्रों पर धान की आवक काफी कम हो गई है। जिला प्रबंधकों की मांग पर एक कांटे को कम कर दिया गया है। अब एक ही कांटे पर खरीद की जाएगी।
- राम सिंह गौतम, जिला धान खरीद अधिकारी
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पहली अक्तूबर से जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू की गई थी। इसके लिए शासन ने क्रय नीति को जारी कर 3.20 लाख एमटी का लक्ष्य तय किया था। बेमौसम हुई बारिश के कारण धान की फसल काफी खराब हो गई, जिस कारण केंद्रों पर धान लेने में आनाकानी की जा जाने लगी। नमी की बात कहकर किसानों को खासा परेशान किया गया। इसका फायदा मिल मालिकों ने उठाया। तय सरकारी दाम से काफी कम में आढ़तियों ने नकद में किसान से धान खरीदा। यही कारण रहा कि खरीद केंद्रों पर धान की आवक काफी कम हो गई। बीते दिनों एजेंसी के जिला प्रबंधकों ने जिला खरीद अधिकारी से मिलकर बताया कि केंद्रों पर काफी कम धान आ रहा है। जिला प्रबंधकों ने केंद्रों से एक कांटा कम करने की मांग रखी। जांच के बाद जिला खरीद अधिकारी राम सिंह गौतम ने जिले में संचालित सभी 148 केंद्रों पर मात्र एक ही कांटे पर तौल करने के आदेश जारी कर दिए। शनिवार से जिले में सभी खरीद केंद्रों पर महज एक कांटा रह गया। जहां-जहां दूसरे कांटे लगे थे उनको हटा लिया गया।
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अब तक हो सकी मात्र 3279 एमटी धान खरीद
जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू हुए पौने दो माह बीत गए हैं। बहुत सुस्त गति से खरीद का आंकड़ा बढ़ रहा है। अब तक जिले में मात्र 3279 एमटी धान की खरीद हो सकी है। यह लक्ष्य का 26 फीसदी है। वहीं केंद्रों से धान भी सुस्त गति से राइस मिलों को पहुंच रहा है।
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केंद्रों पर धान की आवक काफी कम हो गई है। जिला प्रबंधकों की मांग पर एक कांटे को कम कर दिया गया है। अब एक ही कांटे पर खरीद की जाएगी।
- राम सिंह गौतम, जिला धान खरीद अधिकारी