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जिला अस्पताल में बिना टेंडर करा दिए ऑक्सीजन प्लांट के काम
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट में कई काम बिना टेंडर पास कराए ही करा दिए गए। इनका भुगतान अटका तो महिला और पुरुष अस्पताल के सीएमएस सीडीओ के पास फाइल लेकर पहुंचे। सीडीओ ने भी हैरानी जताई और पूछा कि बिना टेंडर काम कैसे करा दिए।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट बनें। इसमें जनरेटर, विद्युत और कुछ अन्य कार्य बिना टेंडर के ही करा दिए। नियमानुसार, विभाग को टेंडर कराकर कार्य कराना चाहिए था। सूत्रों का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट में कई लाख रुपये के कार्य कराए गए।
सीडीओ के सामने महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया और पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके तिवारी का तर्क था कि तत्कालीन सीएमओ सीमा अग्रवाल की देखरेख में काम कराए गए हैं। उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। अब भुगतान की बारी आई तो फाइल उनके पास भेज दी गई।
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डॉ. वीके तिवारी कुछ दिन पूर्व ही ट्रांसफर होकर पीलीभीत आए हैं। सूत्रों का कहना है कि एक खास ठेकेदार से सांठगांठ कर ऑक्सीजन प्लांट के कार्य करा दिए गए। ऑर्डर भी बैक डेट में दिए गए। सीडीओ ने बिना टेंडर काम कराने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कागज पूरे होने के बाद ही भुगतान जारी किया जाएगा।
सांठगांठ करके अधिक दामों पर कराए गए काम - सरकारी विभागों में अधिकतर कार्यों के टेंडर जेम पोर्टल यानी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए होते हैं। जो एजेंसी उचित दामों में वस्तु या सेवा उपलब्ध कराती है, उसी को चुना जाता है।
हालांकि, लोकल स्तर पर ठेकेदारों की सांठगांठ के आगे सारे नियम धरे रह जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में जो काम हुए वो अधिक दामों पर कराए गए। अब विभाग दोबारा कोटेशन लेकर भुगतान कराने की जद्दोजहद में जुटा है।
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में कुछ काम हुए थे। उसके बिल अब मेरे सामने आए हैं। टेंडर के कागज मांगे हैं। उसके बाद भुगतान करा दिया जाएगा।
- प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट बनें। इसमें जनरेटर, विद्युत और कुछ अन्य कार्य बिना टेंडर के ही करा दिए। नियमानुसार, विभाग को टेंडर कराकर कार्य कराना चाहिए था। सूत्रों का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट में कई लाख रुपये के कार्य कराए गए।
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सीडीओ के सामने महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया और पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके तिवारी का तर्क था कि तत्कालीन सीएमओ सीमा अग्रवाल की देखरेख में काम कराए गए हैं। उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। अब भुगतान की बारी आई तो फाइल उनके पास भेज दी गई।
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डॉ. वीके तिवारी कुछ दिन पूर्व ही ट्रांसफर होकर पीलीभीत आए हैं। सूत्रों का कहना है कि एक खास ठेकेदार से सांठगांठ कर ऑक्सीजन प्लांट के कार्य करा दिए गए। ऑर्डर भी बैक डेट में दिए गए। सीडीओ ने बिना टेंडर काम कराने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कागज पूरे होने के बाद ही भुगतान जारी किया जाएगा।
सांठगांठ करके अधिक दामों पर कराए गए काम - सरकारी विभागों में अधिकतर कार्यों के टेंडर जेम पोर्टल यानी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के जरिए होते हैं। जो एजेंसी उचित दामों में वस्तु या सेवा उपलब्ध कराती है, उसी को चुना जाता है।
हालांकि, लोकल स्तर पर ठेकेदारों की सांठगांठ के आगे सारे नियम धरे रह जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में जो काम हुए वो अधिक दामों पर कराए गए। अब विभाग दोबारा कोटेशन लेकर भुगतान कराने की जद्दोजहद में जुटा है।
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में कुछ काम हुए थे। उसके बिल अब मेरे सामने आए हैं। टेंडर के कागज मांगे हैं। उसके बाद भुगतान करा दिया जाएगा।
- प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ