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ओवरलोड वाहनों पर कोई अंकुश नहीं
पीलीभीत
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:48 PM IST
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शहर के बीचोबीच पिछले 15 घंटों के भीतर ओवरलोड वाहनों से कुचलकर हुई दो मौतों से जाहिर है कि जिले में ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है। खास बात यह है कि घटनाओं से शहरवासी तो स्तब्ध हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। घटना के बाद पूरे दिन गन्ना भरे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।
शासन स्तर से ओवरलोड वाहनों से हो रहे हादसों को लेकर समय-समय पर इन पर अंकुश लगाने के आदेश जारी किए जाते हैं, लेकिन शायद ही इन पर अंकुश लगा हो। जिले में भी शासन के आदेश की तामीली होती रहती है, लेकिन यह सबकुछ किसी खास मौके पर ही। शहर की स्थिति पर गौर करें तो इन दिनों टनकपुर बाईपास से रोजाना ही करीब 250 से अधिक ओवरलोड ट्रक गुजर हैं। खास बात यह है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते यह ओवरलोड वाहन किसी अफसर की आंख की किरकिरी नहीं बनते।
सबसे व्यस्ततम रोड पर हो रहे हैं हादसे
शहर में टनकपुर बाईपास रोड पर डीएम, एसपी के आवास के अलावा करीब एक दर्जन स्कूल-कॉलेज हैं। इस रोड के जरिए ही शहर के सबसे ज्यादा बच्चे स्कूल कॉलेजों में आते जाते हैं, लेकिन सालों से इस रोड पर ही ओवरलोडिंग का खेल जारी है। आए दिन हादसे भी होते हैं, लेकिन जिम्मेदार मामूली कार्रवाई कर मामले को दबा देते हैं।
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नियम तो बने हैं, लेकिन सिर्फ छोटे वाहनों के लिए
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए शहर में सुबह 7.30 बजे से 9.30 बजे तक व दोपहर में 1.30 बजे से 3.00 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध हैं। इस दौरान परिवहन व पुलिस विभाग की छोटे वाहनों पर तो नजर रहती है, लेकिन ओवरलोड गन्ना भरे वाहन उनके रडार पर नहीं दिखते।
ओवरलोड वाहनों के संचालन पर सख्ती बरती जा रही है। स्कूल टाइमिंग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया प्रतिबंध भी है। नवंबर से अब तक करीब 80 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की गई है। ओवरलोड वाहनों पर हर हाल में रोक लगाई जाएगी।
- राजेश कर्दम, एआरटीओ
जिला प्रशासन के सहयोग से ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर के चीनी उद्योग के साथ सुरक्षा भी प्रभावित न हो, इसको लेकर डीएम से वार्ता की जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, एसपी
घटना एक
शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी सौरभ जौहरी बुधवार 27 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक से गौहनिया चौराहा की ओर जा रहे थे। टनकपुर बाइपास के शहर के छतरी चौराहे पर एक गन्ने के ओवरलोड ट्रक से कुचलकर सौरभ की मौत हो गई।
घटना दो
दियोरिया थाना क्षेत्र के गांव बल्देवपुर निवासी सीता देवी बृहस्पतिवार 28 जनवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे पति के साथ बाइक पर मझोला दवा लेने जा रही थीं। टनकपुर बाईपास पर डीएम आवास के सामने गन्ने एक अनियंत्रित ट्रक द्वारा बाइक में टक्कर मारने से सीता की मौके पर कुचलकर मौत हो गई।
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शासन स्तर से ओवरलोड वाहनों से हो रहे हादसों को लेकर समय-समय पर इन पर अंकुश लगाने के आदेश जारी किए जाते हैं, लेकिन शायद ही इन पर अंकुश लगा हो। जिले में भी शासन के आदेश की तामीली होती रहती है, लेकिन यह सबकुछ किसी खास मौके पर ही। शहर की स्थिति पर गौर करें तो इन दिनों टनकपुर बाईपास से रोजाना ही करीब 250 से अधिक ओवरलोड ट्रक गुजर हैं। खास बात यह है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते यह ओवरलोड वाहन किसी अफसर की आंख की किरकिरी नहीं बनते।
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सबसे व्यस्ततम रोड पर हो रहे हैं हादसे
शहर में टनकपुर बाईपास रोड पर डीएम, एसपी के आवास के अलावा करीब एक दर्जन स्कूल-कॉलेज हैं। इस रोड के जरिए ही शहर के सबसे ज्यादा बच्चे स्कूल कॉलेजों में आते जाते हैं, लेकिन सालों से इस रोड पर ही ओवरलोडिंग का खेल जारी है। आए दिन हादसे भी होते हैं, लेकिन जिम्मेदार मामूली कार्रवाई कर मामले को दबा देते हैं।
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नियम तो बने हैं, लेकिन सिर्फ छोटे वाहनों के लिए
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए शहर में सुबह 7.30 बजे से 9.30 बजे तक व दोपहर में 1.30 बजे से 3.00 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध हैं। इस दौरान परिवहन व पुलिस विभाग की छोटे वाहनों पर तो नजर रहती है, लेकिन ओवरलोड गन्ना भरे वाहन उनके रडार पर नहीं दिखते।
ओवरलोड वाहनों के संचालन पर सख्ती बरती जा रही है। स्कूल टाइमिंग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया प्रतिबंध भी है। नवंबर से अब तक करीब 80 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की गई है। ओवरलोड वाहनों पर हर हाल में रोक लगाई जाएगी।
- राजेश कर्दम, एआरटीओ
जिला प्रशासन के सहयोग से ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर के चीनी उद्योग के साथ सुरक्षा भी प्रभावित न हो, इसको लेकर डीएम से वार्ता की जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, एसपी
घटना एक
शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी सौरभ जौहरी बुधवार 27 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक से गौहनिया चौराहा की ओर जा रहे थे। टनकपुर बाइपास के शहर के छतरी चौराहे पर एक गन्ने के ओवरलोड ट्रक से कुचलकर सौरभ की मौत हो गई।
घटना दो
दियोरिया थाना क्षेत्र के गांव बल्देवपुर निवासी सीता देवी बृहस्पतिवार 28 जनवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे पति के साथ बाइक पर मझोला दवा लेने जा रही थीं। टनकपुर बाईपास पर डीएम आवास के सामने गन्ने एक अनियंत्रित ट्रक द्वारा बाइक में टक्कर मारने से सीता की मौके पर कुचलकर मौत हो गई।