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कोहरे और शीतलहर में भी नहीं जले अलाव
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पीलीभीत। घना कोहरा और शीतलहर के बावजूद नगरपालिका ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए। इससे राहगीरों, दुकानदार और रिक्शा चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्री ठंड से ठिठुरते रहे।
शहर के मुख्य चौराहों, रेलवे स्टेशन, नौगवां चौराहा, छतरी चौहारा, जिला महिला अस्पताल समेत कई स्थानों पर अलाव न जलने से राहगीर ठंड से ठिठुरते दिखाई दिए। नगरपालिका को 19 स्थानों पर अलाव जलवाने हैं, लेकिन शीतलहर शुरू होने के बावजूद अलाव जलने शुरू नहीं हुए। नगरपालिका ने अलाव जलवाने के लिए तीन लाख का बजट रखा है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है। आधा दिसंबर बीत चुका है। ठंड अपने चरम पर है। अलाव न जलने से सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए दुकानदारों को अपनी जेब से लकड़ी मंगवाकर अलाव जलाना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन: अलाव के स्थान पर बैठे मिले जानवर
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ थी। रोहित ने बताया कि हर साल मुख्य गेट के पास अलाव जलता है। इस बार भी अलाव की व्यवस्था की गई, लेकिन शीतलहर बढ़ने के बाद भी देर शाम के बाद भी अलाव नहीं जलाया जा रहा है।
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छतरी चौराहा: अलाव के स्थान पर पड़ा कूड़ा
छतरी चौराहे पर कस्बा चौकी के निकट उत्तराखंड से आने और जाने वाले लोगों की भीड़ रहती है। रोडवेज समेत अन्य वाहन भी यहां आकर रुकते है। दुकानदार अश्वनी ने बताया कि देर शाम के बाद अलाव जलाया जा रहा, जरूरत के समय ठंड से राहत नहीं मिल रही है।
शहर के सभी चिह्नित जगाहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ठंड बढ़ने की स्थिति में दिन में भी अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है। - विमला जायसवाल, चेयरमैन, पीलीभीत
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शहर के मुख्य चौराहों, रेलवे स्टेशन, नौगवां चौराहा, छतरी चौहारा, जिला महिला अस्पताल समेत कई स्थानों पर अलाव न जलने से राहगीर ठंड से ठिठुरते दिखाई दिए। नगरपालिका को 19 स्थानों पर अलाव जलवाने हैं, लेकिन शीतलहर शुरू होने के बावजूद अलाव जलने शुरू नहीं हुए। नगरपालिका ने अलाव जलवाने के लिए तीन लाख का बजट रखा है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है। आधा दिसंबर बीत चुका है। ठंड अपने चरम पर है। अलाव न जलने से सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए दुकानदारों को अपनी जेब से लकड़ी मंगवाकर अलाव जलाना पड़ रहा है।
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रेलवे स्टेशन: अलाव के स्थान पर बैठे मिले जानवर
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ थी। रोहित ने बताया कि हर साल मुख्य गेट के पास अलाव जलता है। इस बार भी अलाव की व्यवस्था की गई, लेकिन शीतलहर बढ़ने के बाद भी देर शाम के बाद भी अलाव नहीं जलाया जा रहा है।
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छतरी चौराहा: अलाव के स्थान पर पड़ा कूड़ा
छतरी चौराहे पर कस्बा चौकी के निकट उत्तराखंड से आने और जाने वाले लोगों की भीड़ रहती है। रोडवेज समेत अन्य वाहन भी यहां आकर रुकते है। दुकानदार अश्वनी ने बताया कि देर शाम के बाद अलाव जलाया जा रहा, जरूरत के समय ठंड से राहत नहीं मिल रही है।
शहर के सभी चिह्नित जगाहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ठंड बढ़ने की स्थिति में दिन में भी अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है। - विमला जायसवाल, चेयरमैन, पीलीभीत