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प्रशासन चौकन्ना करता रहा, शहर रोज की तरह चलता रहा

Sat, 09 Nov 2019 09:04 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2019 09:04 PM IST
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पीलीभीत। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आम जनता को भी इंतजार था। अधिकांश लोग यह सोचकर डर रहे थे कि पता नहीं क्या होने वाला है। मगर, जब शनिवार को 10.30 बजे से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के समाचार टीवी चैनलों पर चलने लगे तो सस्पेंस खत्म हो गया। आम जन मानस की रोजमर्रा जिंदगी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कोई खास असर नहीं दिखा। पुलिस-प्रशासनिक अमला शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों पर उतरा और चौकन्ना भी रहा। अफसरों की सुबह से ही ड्यूटी लगा दी गई। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी अभिषेक दीक्षित, एडीएम अतुल कुमार, एएसपी रोहित मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पुनिया, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने शहर के अंदर देशनगर, बेनी चौधरी, भूरे खां, मदीनाशाह, गौहनिया गांव, चिड़ियादाह समेत कई मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भ्रमण किया गया। जहानाबाद, बरखेड़ा, पूरनपुर, सेहरामऊ उत्तरी समेत अन्य थाना क्षेत्रों के संवेदनशील गांवों में भी दिन भर पुलिस दौड़ती रही। मगर, शहर की मार्केट रोजाना की तरह ही खुली। कपड़ा बाजार, सराफा बाजार, होटल दुकानदारों ने सामान्य दिनों की तरह ही दुकानें खोलीं। ग्राहकों ने खरीदारी भी की।
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सड़कों पर पुलिस की चहलकदमी रही, तो वहीं घर से लेकर दुकानों तक हर जगह सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या मुद्दे पर फैसले को सुनने के लिए सबकी नजर टीवी और मोबाइल पर थी। हर कोई उत्साहित था, लेकिन उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या पर असर नहीं था। बाजार में पूरे दिन चहलकदमी चलती रही। जेपी रोड, स्टेशन रोड समेत अन्य स्थानों पर आवागमन सामान्य था। पुलिस अधिकारी खुराफातियों पर निगाह रखते रहे। शहर के गली नुक्कड़ों पर पान और चाय की दुकानों पर जमा होकर लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा करते देखे गए। हालांकि प्रशासन की ओर से पहले ही इसको लेकर विवादित टिप्पणी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी इसलिए लोग भड़काऊ बातें करने से दूर रहे। सोशल मीडिया की भी निगरानी की जाती रही। सराफा मार्केट में भी कोई खास असर नहीं था। वहां पर भी खरीदारी करने के लिए लोग पहुंचते रहे। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में बने धार्मिक स्थलों पर
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खुराफात की छिटपुट सूचना पर भी दौड़ी पुलिस
मोहल्ला आसफजान अग्रवाल सभा के पास आतिशबाजी को लेकर सूचना मिली। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी पुलिस बल के साथ गए, लेकिन जानकारी करने के बाद कोई नहीं मिला। इसके अलावा मोहल्ला थान सिंह के एक युवक द्वारा सोशल साइट्स पर फैसले से जुड़ी टिप्पणी पोस्ट कर दी गई। सीओ ने उसके घर भी दबिश भेजी। वहां उसके न मिलने पर परिवार के लोगों को ऐसा करने की बात कहकर पुलिस आ गई। न मानने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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हूटरों की आवाज से गूंजता रहा शहर
अयोध्या का फैसला आने के बाद सड़कों पर पुलिस अधिकारियों की पैदल गश्त शुरू हुई तो पुलिस की गाड़ियां भी गश्त पर निकाल दी र्गईं। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में हालात पर नजर रखने के लिए पुलिस गश्त करती रहीं। गश्त के दौरान पुलिस की गाड़ियों में लगे हूटरों की आवाज गूंजती रही। प्रशासन की ओर से लोगों तक शांति का संदेश पहुंचाने के लिए भी बंदोबस्त किया गया। रिक्शा घुमाकर शहर में एनाउंसमेंट कराया गया। इसमें लोगों से फैसले का स्वागत करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की जाती रही। जुलूस और आतिशबाजी न करने को लोगों से अपील होती रही।
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