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टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों को मिलेंगे दो नए रूट
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पीलीभीत/माधोटांडा। टाइगर रिजर्व का चूका बीच इस बार पर्यटकों के लिए खास होगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को टाइगर रिजर्व में घूमने के लिए चार रूट मिलेंगे, ताकि वह टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों को जंगल में विचरण करते हुए आसानी से देख सकें। टाइगर रिजर्व जल्द ही सोलर लाइट से भी जगमग होगा। हट भी नए रूप रंग में नजर आएंगे। शारदा सागर डैम में पानी में तैरने वाली हटें भी बनाई जाएंगी। इसके लिए उनको दिसंबर के आखिरी या जनवरी के पहले सप्ताह तक इंतजार करना होगा।
टाइगर रिजर्व में पर्यटन वाले रुटों की सफाई भी तेजी से शुरू करा दी गई है। अब तक चूका बीच में केवल दो रुटों से ही घूमने की इजाजत थी। अभी पर्यटक शारदा मुख्य नहर के किनारे से होकर सुरई रेंज और महोफ रेंज के रूट से चूका बीच पहुंचते थे। मगर, दो महीने के अंदर ही दो नए रूट भी चूका बीच के लिए खुल जाएंगे। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से काम शुरू कराने के बाद भी नए रूटों को वन्य जीवों की सुरक्षा की दृष्टि से गोपनीय रखा जा रहा है। अफसरों का कहना है कि शिकारियों से वन्य जीवों को बचाने के लिए अभी नए रूटों को उजागर नहीं किया जा सकता। चूका बीच को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग और वन निगम मिलकर कार्य करेंगे। चूका बीच को विकसित करने के लिए लखनऊ की संस्था सीएनडीएस यह कार्य सौंपा गया है। नए कार्य के तहत यहां 25 केवीए का सोलर पैनल लगाया जाएगा जिससे पूरा इलाका और सभी हट रोशनी से जगमग होंगे। पुरानी हटों को पुन: नए सिरे से बनाया जाएगा। शारदा डैम में तैरने वाली एक हट भी बनाई जाएगी। वन निगम सर्वे भी करा चुका है। दुधवा की तर्ज पर पर्यटकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुंबई की एजेंसी ने किया था सर्वे
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चूका बीच का दौराकर कर अफसरों को इसे विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वन निगम की मुंबई से आई एजेंसी ने यहां आकर सर्वे किया था। हालांकि अब तक यहां कुछ खास काम नहीं हो पाया। चूका बीच जैसा दो साल पहले दिख रहा था, वैसा ही अब भी दिख रहा है। मोटरबोट संचालन, 25 केवीए का सोलर लाइट का पैनल, हट सजावट, पानी के ऊपर तैरने वाली हट, पुरानी हटों को नए डिजाइन में बनाने के लिए शासन ने एजेंसी नामित कर दी है।
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बढ़ गया गाइडों का मानदेय
चूका बीच की रौनक बढ़ाने और पर्यटकों को आसानी से वन्यजीवों के दर्शन कराने के लिए नए रुटों पर काम तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है। वहीं टाइगर रिजर्व ने गाइडों का मानदेय भी बढ़ा दिया है। अभी टाइगर रिजर्व में 50 गाइड हैं, लेकिन यहां पर केवल 25-30 गाइड ही काम कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने गाइडों के दैनिक मानदेय में सौ रुपये वृद्धि करने का फैसला लिया है। अन्य किरायों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
हटों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। ऑनलाइन बुकिंग भी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी। चूका बीच को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा सीएनडीएस संस्था को जिम्मेदारी दी जा रही है। दिसंबर में कार्य शुरू हो जाएगा।
जमील उर रहमान, प्रभारी, वन निगम
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टाइगर रिजर्व में पर्यटन वाले रुटों की सफाई भी तेजी से शुरू करा दी गई है। अब तक चूका बीच में केवल दो रुटों से ही घूमने की इजाजत थी। अभी पर्यटक शारदा मुख्य नहर के किनारे से होकर सुरई रेंज और महोफ रेंज के रूट से चूका बीच पहुंचते थे। मगर, दो महीने के अंदर ही दो नए रूट भी चूका बीच के लिए खुल जाएंगे। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से काम शुरू कराने के बाद भी नए रूटों को वन्य जीवों की सुरक्षा की दृष्टि से गोपनीय रखा जा रहा है। अफसरों का कहना है कि शिकारियों से वन्य जीवों को बचाने के लिए अभी नए रूटों को उजागर नहीं किया जा सकता। चूका बीच को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग और वन निगम मिलकर कार्य करेंगे। चूका बीच को विकसित करने के लिए लखनऊ की संस्था सीएनडीएस यह कार्य सौंपा गया है। नए कार्य के तहत यहां 25 केवीए का सोलर पैनल लगाया जाएगा जिससे पूरा इलाका और सभी हट रोशनी से जगमग होंगे। पुरानी हटों को पुन: नए सिरे से बनाया जाएगा। शारदा डैम में तैरने वाली एक हट भी बनाई जाएगी। वन निगम सर्वे भी करा चुका है। दुधवा की तर्ज पर पर्यटकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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मुंबई की एजेंसी ने किया था सर्वे
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चूका बीच का दौराकर कर अफसरों को इसे विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वन निगम की मुंबई से आई एजेंसी ने यहां आकर सर्वे किया था। हालांकि अब तक यहां कुछ खास काम नहीं हो पाया। चूका बीच जैसा दो साल पहले दिख रहा था, वैसा ही अब भी दिख रहा है। मोटरबोट संचालन, 25 केवीए का सोलर लाइट का पैनल, हट सजावट, पानी के ऊपर तैरने वाली हट, पुरानी हटों को नए डिजाइन में बनाने के लिए शासन ने एजेंसी नामित कर दी है।
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बढ़ गया गाइडों का मानदेय
चूका बीच की रौनक बढ़ाने और पर्यटकों को आसानी से वन्यजीवों के दर्शन कराने के लिए नए रुटों पर काम तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है। वहीं टाइगर रिजर्व ने गाइडों का मानदेय भी बढ़ा दिया है। अभी टाइगर रिजर्व में 50 गाइड हैं, लेकिन यहां पर केवल 25-30 गाइड ही काम कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने गाइडों के दैनिक मानदेय में सौ रुपये वृद्धि करने का फैसला लिया है। अन्य किरायों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
हटों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। ऑनलाइन बुकिंग भी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी। चूका बीच को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा सीएनडीएस संस्था को जिम्मेदारी दी जा रही है। दिसंबर में कार्य शुरू हो जाएगा।
जमील उर रहमान, प्रभारी, वन निगम