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नौगवा पकड़िया में मलेरिया टीम ने 48 रोगियों की बनाई ब्लड स्लाइड

Sat, 19 Oct 2019 02:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2019 02:32 AM IST
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नौगवां पकड़िया में एक महिला की मौत और कई अन्य में संभावित डेंगू होने के बाद शुक्रवार को मलेरिया विभाग की टीम पहुंची। टीम में मृतक महिला के परिजनों से जानकारी ली। कैंप लगाकर 48 मरीजों की ब्लड की स्लाइड बनाई। जांच के दौरान एक घर में डेंगू का लार्वा मिला।
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शहर से सटी ग्राम पंचायत नौगवा पकड़िया में बृहस्पतिवार को 65 वर्षीय दिवना देवी की मौत हो गई थी। जबकि दिवना के पति समेत अन्य नौ लोगों में डेंगू के लक्षण मिले थे। गांव में महिला की मौत से हड़कंप मच गया। इधर शुक्रवार को मलेरिया विभाग की टीम सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य के नेतृत्व में गांव पहुंचीं। टीम में मृतक दिवना देवी के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। इसके अलावा अन्य डेंगू पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट भी देखी। जिसमें सभी मरीजों में डेंगू के लक्षण तो होना पाया गया, लेकिन किसी भी मरीज में डेंगू होने की पुष्टि नहीं हो सकी। मलेरिया विभाग की टीम ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की और ब्लड स्लाइडें बनाईं। टीम में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के घरों में पहुंचकर गमलों, कूलरों आदि की जांच की। जांच के दौरान एक घर में रखे गमले में डेंगू के लार्वा पाए गए। पंफलेट बांटकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया। सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य ने बताया कि 48 लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई हैं। किसी में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। सभी मरीज तेज बुखार से पीड़ित पाए गए हैं।
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ऐसे करेें डेंगू से बचाव
नोडल अधिकारी संक्रामक रोग डॉ. अश्वनी कुमार गुप्ता ने बताया कि तेज बुखार और शरीर के जोड़ों में तेज दर्द हो या शरीर में चकत्ते हों तो पहले ही दिन डॉक्टर की सलाह पर डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए। डेंगू की जांच के लिए शुरूआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट एनएस1 किया जाता है। यदि इस जांच में एनएस 1 पाजिटिव पाया जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके इलाज के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार कम करने के लिए पैरासिटामॉल ले सकते हैं। एस्प्रीन या इबुब्रेफ्रे का इस्तेमाल स्वयं न करें।
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नीम की गिलोय है डेंगू में फायदेमंद
ललित हरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय के डॉ. हरीशंकर मिश्रा ने बताया कि डेंगू में नीम के पेड़ पर उगने वाली गिलोय बेहद फायदेमंद है। गिलोय की टहनी को लेकर इसे गर्म पानी में खूब उबालें और बाद में ठंडा हो जाने पर इसे दिन में कई बार पिलाएं। इससे डेंगू रोगी को लाभ होता है। प्लेट्लेट्स भी बढ़ेंगी। बकरी का दूध भी प्लेट्लेट्स बढ़ाने में कारगर हे। डेंगू पीड़ित शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रखे। आयुर्वेदिक दवाइयों से कम खर्च में डेंगू का इलाज किया जा सकता है।

डीएम से मिले सदर विधायक
सदर विधायक संजय सिंह गंगवार ने शुक्रवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव से मुलाकात कर क्षेत्र में फैल रहे डेंगू की रोकथाम को पत्र सौंपा और बचाव के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी की। सदर विधायक ने डीएम से कहा कि वह निर्देश दें कि नगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग डेंगू रोकने के लिए काम करें। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए। 
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