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Pilibhit News: पांच महीने से नहीं बैठे हड्डी रोग विशेषज्ञ, भटक रहे दिव्यांग
Tue, 13 Feb 2024 03:55 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:55 AM IST
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मेडिकल कॉलेज परिसर में दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज के आयुष विंग में दिव्यांग शिविर लगाया जा रहा है। इसमें पिछले पांच महीनों से हड्डी रोग विशेष चिकित्सक के न आने से दिव्यांगों को काफी परेशानी हो रही है। उनका परीक्षण कराया जा रहा और न ही उनके दिव्यांग प्रमाणपत्र बन रहे हैं।
परीक्षण न होने से उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बन सका है। बावजूद संबंधित अधिकारी उन्हें कोई सही जवाब नहीं दे रहे हैं। इससे उनका समय व दिन दोनों पूरी तरह से खराब हो रहे हैं। साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्र न होने से उन्हें कई सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं उनकी पिछले कई माह से पेंशन भी उनके खाते में नहीं पहुंच सकी है।
शिविर की जानकारी लगने पर हर बार आते हैं, मगर पांच माह से डॉक्टर के न बैठने के चलते परीक्षण नहीं हो सका है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। - महेंद्रपाल, बगनेरा, थाना अमरिया।
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शिविर की जानकारी तो हो जाती है, मगर यह नहीं बताया जाता है कि डॉक्टर मिलेंगे या नहीं। हर बार पूरे दिन परेशान होना पड़ता है। चार महीने से चक्कर लगा रहा हूं। - मनोज, मधपुरी, थाना बरखेड़ा।
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए हजारों रुपये खर्च हो गए। मगर अभी तक नहीं बन सका है। अब प्रमाणपत्र बनवाने की ही हिम्मत ही नहीं हो रही है। - रामप्रसाद, गौहनिया, थाना बिलसंडा।
पांच महीनों से आते-आते थक चुके हैं। कैंप में कर्मचारी से जानकारी करते हैं तो वह कोई सही जानकारी नहीं देते हैं।- राहुल, ट्रांसपोर्ट नगर, थाना सुनगढ़ी।
बुढ़ापे का शरीर है, हर बार किसी न किसी को साथ लाना पड़ता है। मगर नतीजा हाथ कुछ नहीं निकलता। अब डॉक्टर के आ जाने पर ही दोबारा आऊंगा। - देवेंद्र कुमार, मधपुरी, थाना बरखेड़ा।
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परीक्षण न होने से उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बन सका है। बावजूद संबंधित अधिकारी उन्हें कोई सही जवाब नहीं दे रहे हैं। इससे उनका समय व दिन दोनों पूरी तरह से खराब हो रहे हैं। साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्र न होने से उन्हें कई सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं उनकी पिछले कई माह से पेंशन भी उनके खाते में नहीं पहुंच सकी है।
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शिविर की जानकारी लगने पर हर बार आते हैं, मगर पांच माह से डॉक्टर के न बैठने के चलते परीक्षण नहीं हो सका है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। - महेंद्रपाल, बगनेरा, थाना अमरिया।
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शिविर की जानकारी तो हो जाती है, मगर यह नहीं बताया जाता है कि डॉक्टर मिलेंगे या नहीं। हर बार पूरे दिन परेशान होना पड़ता है। चार महीने से चक्कर लगा रहा हूं। - मनोज, मधपुरी, थाना बरखेड़ा।
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए हजारों रुपये खर्च हो गए। मगर अभी तक नहीं बन सका है। अब प्रमाणपत्र बनवाने की ही हिम्मत ही नहीं हो रही है। - रामप्रसाद, गौहनिया, थाना बिलसंडा।
पांच महीनों से आते-आते थक चुके हैं। कैंप में कर्मचारी से जानकारी करते हैं तो वह कोई सही जानकारी नहीं देते हैं।- राहुल, ट्रांसपोर्ट नगर, थाना सुनगढ़ी।
बुढ़ापे का शरीर है, हर बार किसी न किसी को साथ लाना पड़ता है। मगर नतीजा हाथ कुछ नहीं निकलता। अब डॉक्टर के आ जाने पर ही दोबारा आऊंगा। - देवेंद्र कुमार, मधपुरी, थाना बरखेड़ा।

मेडिकल कॉलेज परिसर में दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग । संवाद