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खुले में शौच मान सम्मान और जान को खतरा
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:48 PM IST
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जिले को खुले मे शौच मुक्त कराने के लिए जंगल से सटे गांव के प्रधानों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन करते हुए डीएम शीतल वर्मा ने कहा कि खुले में शौच से बीमारियां फैलने साथ मान सम्मान और जान को भी खतरा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को ओडीएफ बनाने के लिए गांव गांव शौचालय बनाए जा रहे हैं लेकिन जिले में बाघ के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए डीएम ने पहले जंगल किनारे के गांव में शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जंगल से सटे 99 गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत सचिवों की कार्यशाला का आयोजन नकटदाना चौराहे के निकट स्थित एक बारात घर में किया गया। डीएम शीतल वर्मा ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा वातानुकूलित हाल में कार्यशाला करने का उद्देश्य है कि जिस तरह आप सबकों यहां बैठकर अच्छा लगा रहा है इसी प्रकार का खुशनुमा और प्रदूषण रहित माहौल हमारे गांव का बने यह अहसास होना चाहिए। उन्होंने प्रधानों से तमाम सवाल कर हाथ उठाए लेकिन जब ओडीएफ गांव के बाबत पूछा तो एक भी हाथ नहीं उठा। इस पर उन्होंने कहा किसी को उपहार, दान दहेज आदि देने से बेहतर है कि संबंधित व्यक्ति के घर में शौचालय बनवा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इसमें केवल प्रोत्साहन राशि दे रही है। संपन्न लोग अपने स्तर से शौचालय बनवाएं। यहां सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीडीओ एसके उपाध्याय, पीडी आरबी भास्कर, जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर दयाल, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार, नेहा सिंह, सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं प्रधान मौजूद थे।
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स्कूलों के शौचालयों में लगवाए टाइल्स
डीएम ने प्रधानों से कहा कि वह अपने निधि से कम से कम गांव के स्कूलों में बने शौचालयों को तो बेहतर बनवा सकते है। बच्चों को इससे सुविधा मिलेगी साथ ही स्वच्छता की प्रेरणा भी जागृत होगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को ओडीएफ बनाने के लिए गांव गांव शौचालय बनाए जा रहे हैं लेकिन जिले में बाघ के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए डीएम ने पहले जंगल किनारे के गांव में शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जंगल से सटे 99 गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत सचिवों की कार्यशाला का आयोजन नकटदाना चौराहे के निकट स्थित एक बारात घर में किया गया। डीएम शीतल वर्मा ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा वातानुकूलित हाल में कार्यशाला करने का उद्देश्य है कि जिस तरह आप सबकों यहां बैठकर अच्छा लगा रहा है इसी प्रकार का खुशनुमा और प्रदूषण रहित माहौल हमारे गांव का बने यह अहसास होना चाहिए। उन्होंने प्रधानों से तमाम सवाल कर हाथ उठाए लेकिन जब ओडीएफ गांव के बाबत पूछा तो एक भी हाथ नहीं उठा। इस पर उन्होंने कहा किसी को उपहार, दान दहेज आदि देने से बेहतर है कि संबंधित व्यक्ति के घर में शौचालय बनवा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इसमें केवल प्रोत्साहन राशि दे रही है। संपन्न लोग अपने स्तर से शौचालय बनवाएं। यहां सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीडीओ एसके उपाध्याय, पीडी आरबी भास्कर, जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर दयाल, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार, नेहा सिंह, सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं प्रधान मौजूद थे।
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स्कूलों के शौचालयों में लगवाए टाइल्स
डीएम ने प्रधानों से कहा कि वह अपने निधि से कम से कम गांव के स्कूलों में बने शौचालयों को तो बेहतर बनवा सकते है। बच्चों को इससे सुविधा मिलेगी साथ ही स्वच्छता की प्रेरणा भी जागृत होगी।
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