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विदेशी पर्यटकों की संख्या रही कम, भारतीयों ने जमकर की जंगल की सैर
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पीलीभीत। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर पीलीभीत का पांच रेंजों में फैला जंगल जिले की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। 2014 में टाइगर रिजर्व की घोषित होने के बाद पर्यटन को भी बढ़ावा मिल गया। देश और विदेशी पर्यटकों की संख्या से सात माह गुलजार करता है। इस पर्यटन सत्र में भी सात विदेशी और 16267 भारतीय मेहमानों ने जंगल की सैर की। 37 लाख की आय पीटीआर प्रशासन को हुई। बुधवार को पर्यटन सत्र बंद हो जाएगा।
जिले में जंगल 73024.98 हेक्टेयर में जंगल फैला है। इसमें टाइगर रिजर्व के तहत 60279.80 हेक्टेयर कोर एरिया और 12745.18 हेक्टेयर बफर एरिया है। इसमें 2014 में बाघों की संख्या 25 थी। टाइगर रिजर्व घोषित होने के चार साल बाद यानी 2018 में बाघों की संख्या दोगुना से अधिक यानी 65 हो गई। देश के मानचित्र पर दिखने के बाद विदेशी पर्यटकों को भी जंगल अपनी ओर आकर्षित करने लगा और 2015 में 10 विदेशी पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया था। हालांकि 2014 में 586400 की इनकम हुई और 2015 में बढ़कर 1769850 हो गई। इसके बाद भारतीय और विदेशी पर्यटकों का पर्यटन सत्र में आना शुरू हो गया था। लगातार पीटीआर लोगों के लिए भाने लगा। हालांकि 2020 और 2021 के पर्यटन सत्र में कोरोना संक्रमण का ग्रहण लगने से पर्यटकों की संख्या में काफी आई, मगर 2022 में फिर से जंगल पर्यटकों से गुलजार दिखाई दिया। हालांकि इस बार विदेशी मेहमानों की संख्या काफी कम रही।
बुधवार की आधी रात से बंद हो जाएगा पर्यटन सत्र
- बरसात के बाद 15 नवंबर से पीटीआर में पर्यटन सत्र शुरू होता है जो 15 जून को मानसून को लेकर बंद कर दिया जाता है। पिछले दो साल से लगातार सत्र कोविड का शिकार हो रहा था। इससे पर्यटकों को चूका का दीदार नहीं हो पा रहा था। इस पर उद्घाटन के बाद से ही लगातार पर्यटकों का भ्रमण दल जंगल और चूका का दीदार कर रहा है। बुधवार की आधी रात के बाद से 2022 का पर्यटन सत्र बंद हो जाएगा। अब 15 नवंबर को नए पर्यटन सत्र 2023 का उद्घाटन होगा।
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जिले में जंगल 73024.98 हेक्टेयर में जंगल फैला है। इसमें टाइगर रिजर्व के तहत 60279.80 हेक्टेयर कोर एरिया और 12745.18 हेक्टेयर बफर एरिया है। इसमें 2014 में बाघों की संख्या 25 थी। टाइगर रिजर्व घोषित होने के चार साल बाद यानी 2018 में बाघों की संख्या दोगुना से अधिक यानी 65 हो गई। देश के मानचित्र पर दिखने के बाद विदेशी पर्यटकों को भी जंगल अपनी ओर आकर्षित करने लगा और 2015 में 10 विदेशी पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया था। हालांकि 2014 में 586400 की इनकम हुई और 2015 में बढ़कर 1769850 हो गई। इसके बाद भारतीय और विदेशी पर्यटकों का पर्यटन सत्र में आना शुरू हो गया था। लगातार पीटीआर लोगों के लिए भाने लगा। हालांकि 2020 और 2021 के पर्यटन सत्र में कोरोना संक्रमण का ग्रहण लगने से पर्यटकों की संख्या में काफी आई, मगर 2022 में फिर से जंगल पर्यटकों से गुलजार दिखाई दिया। हालांकि इस बार विदेशी मेहमानों की संख्या काफी कम रही।
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बुधवार की आधी रात से बंद हो जाएगा पर्यटन सत्र
- बरसात के बाद 15 नवंबर से पीटीआर में पर्यटन सत्र शुरू होता है जो 15 जून को मानसून को लेकर बंद कर दिया जाता है। पिछले दो साल से लगातार सत्र कोविड का शिकार हो रहा था। इससे पर्यटकों को चूका का दीदार नहीं हो पा रहा था। इस पर उद्घाटन के बाद से ही लगातार पर्यटकों का भ्रमण दल जंगल और चूका का दीदार कर रहा है। बुधवार की आधी रात के बाद से 2022 का पर्यटन सत्र बंद हो जाएगा। अब 15 नवंबर को नए पर्यटन सत्र 2023 का उद्घाटन होगा।
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