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Pilibhit News: चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल की सजा
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- दोषी पर न्यायालय ने तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। चेक बाउंस के मामले में दोषी सुखविंदर सिंह को एक वर्ष कारावास की सजा के साथ तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अर्थदंड जमा होने पर 2.90 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में मुकदमा दर्ज करने वाले रंजीत सिंह को दिए जाने और शेष 10 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा करने का आदेश प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने दिया है।
थाना गजरौला क्षेत्र के ग्राम पिपरिया कर्म निवासी रंजीत सिंह अपने बेटे कश्मीर सिंह को बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजना चाहते थे। जिसका सुखविंदर सिंह से 15 लाख रुपये में वीजा बनाकर कनाडा भेजने का सौदा हुआ। इस पर 15 लाख रुपये आरोपियों को बैंक खाते में दे दिए। जिस बैंक में रुपये भेज थे, उसका विवरण रंजीत सिंह के पास रहा।
बेटे कश्मीर सिंह को वीजा तय मियाद पांच माह के बाद तक नहीं मिल सका तो रंजीत सिंह ने सुखविंदर सिंह से अपने रुपये मांगे। इस पर सुखविंदर सिंह ने 13 लाख रुपये वापस कर दिए। शेष दो लाख की एवज में कई बार टाल-मटोल के बाद 25 दिसंबर 2020 को एचडीएफसी बैंक का चेक दिया। ज़ब वह चेक लेकर बैंक गया तो बैंक ने मूल चेक वापस करते हुए रिटर्न मेमो दिया कि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया है।
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इस पर उन्होंने सुखविंदर सिंह से धनराशि की मांग की लेकिन वह देने को राजी नहीं हुआ। उसके बाद रंजीत सिंह ने न्यायालय की शरण ली और सुखविंदर सिंह के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में दाखिल किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। चेक बाउंस के मामले में दोषी सुखविंदर सिंह को एक वर्ष कारावास की सजा के साथ तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अर्थदंड जमा होने पर 2.90 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में मुकदमा दर्ज करने वाले रंजीत सिंह को दिए जाने और शेष 10 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा करने का आदेश प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने दिया है।
थाना गजरौला क्षेत्र के ग्राम पिपरिया कर्म निवासी रंजीत सिंह अपने बेटे कश्मीर सिंह को बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजना चाहते थे। जिसका सुखविंदर सिंह से 15 लाख रुपये में वीजा बनाकर कनाडा भेजने का सौदा हुआ। इस पर 15 लाख रुपये आरोपियों को बैंक खाते में दे दिए। जिस बैंक में रुपये भेज थे, उसका विवरण रंजीत सिंह के पास रहा।
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बेटे कश्मीर सिंह को वीजा तय मियाद पांच माह के बाद तक नहीं मिल सका तो रंजीत सिंह ने सुखविंदर सिंह से अपने रुपये मांगे। इस पर सुखविंदर सिंह ने 13 लाख रुपये वापस कर दिए। शेष दो लाख की एवज में कई बार टाल-मटोल के बाद 25 दिसंबर 2020 को एचडीएफसी बैंक का चेक दिया। ज़ब वह चेक लेकर बैंक गया तो बैंक ने मूल चेक वापस करते हुए रिटर्न मेमो दिया कि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया है।
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इस पर उन्होंने सुखविंदर सिंह से धनराशि की मांग की लेकिन वह देने को राजी नहीं हुआ। उसके बाद रंजीत सिंह ने न्यायालय की शरण ली और सुखविंदर सिंह के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में दाखिल किया।