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Pilibhit News: चेक बाउंस होने के मामले में एक साल का कारावास
Tue, 16 Jun 2026 11:44 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:44 PM IST
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पीलीभीत। उधार लिए गए डेढ़ लाख रुपये की अदायगी के लिए दिया गया चेक बाउंस हो गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी समाली मित्तल ने आरोपी को दोषी पाते हुए एक साल की सजा सहित परिवाद दाखिल करने की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से मूल चेक की राशि पर बतौर प्रतिकर दो माह में परिवादी को दिए जाने के आदेश दिया।
थाना जहानाबाद के ग्राम ललौरीखेड़ा निवासी जयप्रकाश ने न्यायालय में परिवाद दायर कर कहा कि शहर के मोहल्ला जोशी टोला ठेका चौकी के पास के प्रमोद कुमार राठौर ने थैला प्लांट लगाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा स्टेशन रोड से लोन लेने के लिए आवेदन किया था। लोन के लिए मार्जिन मनी जमा करने को उसने मार्च 2018 में डेढ़ लाख रुपये उससे उधार मांग लिए।
विश्वास करके उसने डेढ़ लाख रुपये दे दिए। उसने लोन होने के 15 दिन बाद रुपये वापस करने की बात कही, मगर लोन मिलने के बाद भी रुपये नहीं लौटाए। कई बार रुपये मांगने का तकादा करने के बाद उसने दो फरवरी 2019 को डेढ़ लाख रुपये का चेक दे दिया। वह अगले दिन चेक अपने खाते में जमा करता, उससे पहले ही फोन कर खाते में रुपये न होने की बात कहते हुए कुछ दिन बाद चेक जमा करने को कहा। काफी दिन बीतने के बाद उसने 25 अप्रैल 2019 को अपने बैंक खाते में चेक जमा किया। पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हुआ। न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद प्रमोद कुमार राठौर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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थाना जहानाबाद के ग्राम ललौरीखेड़ा निवासी जयप्रकाश ने न्यायालय में परिवाद दायर कर कहा कि शहर के मोहल्ला जोशी टोला ठेका चौकी के पास के प्रमोद कुमार राठौर ने थैला प्लांट लगाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा स्टेशन रोड से लोन लेने के लिए आवेदन किया था। लोन के लिए मार्जिन मनी जमा करने को उसने मार्च 2018 में डेढ़ लाख रुपये उससे उधार मांग लिए।
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विश्वास करके उसने डेढ़ लाख रुपये दे दिए। उसने लोन होने के 15 दिन बाद रुपये वापस करने की बात कही, मगर लोन मिलने के बाद भी रुपये नहीं लौटाए। कई बार रुपये मांगने का तकादा करने के बाद उसने दो फरवरी 2019 को डेढ़ लाख रुपये का चेक दे दिया। वह अगले दिन चेक अपने खाते में जमा करता, उससे पहले ही फोन कर खाते में रुपये न होने की बात कहते हुए कुछ दिन बाद चेक जमा करने को कहा। काफी दिन बीतने के बाद उसने 25 अप्रैल 2019 को अपने बैंक खाते में चेक जमा किया। पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हुआ। न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद प्रमोद कुमार राठौर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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