{"_id":"572212f84f1c1b3f44a9154c","slug":"on-the-scoresheet-bogus-caryktri-over-services","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंकतालिका फर्जी होने पर कार्यकत्री की सेवाएं खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंकतालिका फर्जी होने पर कार्यकत्री की सेवाएं खत्म
ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
निरस्त
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम की संस्तुति पर हुई कार्रवाई
कोर्ट के आदेश पर अमान्य हुई अंकतालिका
गुरुकुल विश्वविद्यालय वृंदावन मथुरा से हाईस्कूल के समकक्ष की अंकतालिका फर्जी घोषित होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। डीपीओ ने यह कार्रवाई डीएम की संस्तुति के बाद ही है। अंकतालिका फर्जी घोषित होने से कई अन्य पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में वर्ष 2007-08 में हुई आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं की भर्ती में बड़ी संख्या में महिलाओं ने गुरुकुल विश्वविद्यालय वृंदावन मथुरा से हाईस्कूल के समकक्ष अधिकारी परीक्षा की अंकतालिका लगाकर नौकरी हासिल कर ली। तब से यह सभी अपने पद पर कार्य कर रही हैं। इस बीच शिकायत मिलने पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय की मान्यता ही रद्द दी, जिससे यहां से जारी की गईं सभी अंकतालिकाओं को भी अवैध घोषित मान लिया गया। फर्जी अंकतालिका घोषित होने के बाद कुछ लोगों ने बरखेड़ा ब्लाक के गांव आमडार में तैनात कार्यकत्री की अंकतालिका को फर्जी बताकर डीएम से जांच की मांग की। डीएम के निर्देश पर एडीएम ने इसकी जांच कराई। इलाहाबाद बोर्ड की रिपोर्ट एवं कोर्ट के आदेश की प्रति हासिल करने के बाद प्रशासन ने गुरुकुल विश्वविद्यालय से हासिल की गई अंकतालिका को अवैध मानते हुए आमडार की कार्यकत्री नत्थो देवी की सेवाएं समाप्त कर दी।
200 से अधिक पर गिर सकती है गाज
वर्ष 2007-08 में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका के रूप में भर्ती होने वाली कई महिलाओं ने गुरुकुल विश्वविद्यालय की अंकतालिका का प्रयोग किया है। सूत्रों की मानें तो ऐसी लगभग 200 से अधिक कार्यकत्रियां इसकी जद में आ सकती हैं। इसमें सबसे ज्यादा पूरनपुर, बरखेड़ा और बीसलपुर क्षेत्र में हैं।
विज्ञापन
पूरे प्रदेश में पड़ सकता है असर
आंगनबाड़ी में भर्ती के समय बड़ी संख्या में इस तरह की अंकतालिका का प्रयोग जिले सहित पूरे प्रदेश में किया गया है। यदि जिले में हुई इस कार्रवाई पर संज्ञान लिया गया तो पूरे प्रदेश में इसका असर पड़ेगा और कई को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
पूरे मामले की गहनता से जांच के बाद डीएम के निर्देश पर कार्यकत्री की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उस समय भर्ती हुई कार्यकत्रियों की अंकतालिकाएं निकलवाकर जांच कराई जाएगी। यदि इस तरह का कोई और भी मामला निकलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश पर अमान्य हुई अंकतालिका
गुरुकुल विश्वविद्यालय वृंदावन मथुरा से हाईस्कूल के समकक्ष की अंकतालिका फर्जी घोषित होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। डीपीओ ने यह कार्रवाई डीएम की संस्तुति के बाद ही है। अंकतालिका फर्जी घोषित होने से कई अन्य पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में वर्ष 2007-08 में हुई आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं की भर्ती में बड़ी संख्या में महिलाओं ने गुरुकुल विश्वविद्यालय वृंदावन मथुरा से हाईस्कूल के समकक्ष अधिकारी परीक्षा की अंकतालिका लगाकर नौकरी हासिल कर ली। तब से यह सभी अपने पद पर कार्य कर रही हैं। इस बीच शिकायत मिलने पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय की मान्यता ही रद्द दी, जिससे यहां से जारी की गईं सभी अंकतालिकाओं को भी अवैध घोषित मान लिया गया। फर्जी अंकतालिका घोषित होने के बाद कुछ लोगों ने बरखेड़ा ब्लाक के गांव आमडार में तैनात कार्यकत्री की अंकतालिका को फर्जी बताकर डीएम से जांच की मांग की। डीएम के निर्देश पर एडीएम ने इसकी जांच कराई। इलाहाबाद बोर्ड की रिपोर्ट एवं कोर्ट के आदेश की प्रति हासिल करने के बाद प्रशासन ने गुरुकुल विश्वविद्यालय से हासिल की गई अंकतालिका को अवैध मानते हुए आमडार की कार्यकत्री नत्थो देवी की सेवाएं समाप्त कर दी।
विज्ञापन
200 से अधिक पर गिर सकती है गाज
वर्ष 2007-08 में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका के रूप में भर्ती होने वाली कई महिलाओं ने गुरुकुल विश्वविद्यालय की अंकतालिका का प्रयोग किया है। सूत्रों की मानें तो ऐसी लगभग 200 से अधिक कार्यकत्रियां इसकी जद में आ सकती हैं। इसमें सबसे ज्यादा पूरनपुर, बरखेड़ा और बीसलपुर क्षेत्र में हैं।
विज्ञापन
पूरे प्रदेश में पड़ सकता है असर
आंगनबाड़ी में भर्ती के समय बड़ी संख्या में इस तरह की अंकतालिका का प्रयोग जिले सहित पूरे प्रदेश में किया गया है। यदि जिले में हुई इस कार्रवाई पर संज्ञान लिया गया तो पूरे प्रदेश में इसका असर पड़ेगा और कई को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
पूरे मामले की गहनता से जांच के बाद डीएम के निर्देश पर कार्यकत्री की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उस समय भर्ती हुई कार्यकत्रियों की अंकतालिकाएं निकलवाकर जांच कराई जाएगी। यदि इस तरह का कोई और भी मामला निकलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी