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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   On the Indo- Nepal border road .... Construction of the dam can be overcome

....तो इंडो नेपाल बार्डर पर सड़क निर्माण की बाध हो सकती है दूर

Sun, 09 Aug 2015 11:29 PM IST
Madotanda
Madotanda Updated Sun, 09 Aug 2015 11:29 PM IST
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इंडो नेपाल सीमा पर प्रस्तावित बार्डर सड़क निर्माण में टाइगर रिजर्व की आने वाली बाधाएं दूर करने को जिला प्रशासन उसी इलाके में मौजूद डेढ़ सौ एकड़ भूमि वन विभाग को दे सकता है। इसको लेकर डीएम ने भी सभी उपजिलाधिकारियों को भूमि की तलाश करने के निर्देश दिए थे।

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इंडो नेपाल सीमा पर सड़क का निर्माण किया जाना है। पीलीभीत जनपद की सीमा में पिलर नंबर 17 से लेकर 27 तक टाइगर रिजर्व कोर एरिया का जंगल पड़ रहा है। वन विभाग एवं इंडो नेपाल बार्डर सड़क के अभियंताओं के संयुक्त सर्वे में 72 एकड़ भूमि वन विभाग की आ रही है। साथ ही भूमि पर सैकड़ों पेड़ भी खड़े हैं। इधर टाइगर रिजर्व के डीएफओ ने आला अफसरों को पत्र भेजकर 72 एकड़ भूमि सड़क निर्माण में आने की रिपोर्ट भेजी थी। शासन स्तर पर यह निर्णय हुआ कि जिला प्रशासन 72 एकड़ के बदले दोगुना 144 एकड़ भूमि वन विभाग को उपलब्ध कराए, तब सड़क निर्माण की बाधा को दूर किया जा सकता है।
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इसी इलाके में है सैकड़ों एकड़ भूमि
इंडो नेपाल बार्डर सड़क के लिए 144 एकड़ भूमि वन विभाग को देने के लिए पिलर नंबर 27 से लेकर 28 तक गुन्हान गांव के गाटा संख्या 1,2,3 में 150 एकड़ से अधिक भूमि सरकार की है। जो अभिलेखों में भूलवश सुर्ख भूमि दर्ज चली आ रही है, जो कभी पहले कभी किसी जमींदार की रही होगी और आज उस भूमि पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। यदि जिला प्रशासन उक्त भूमि को जो टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से सटी है, उसको वन विभाग को उपलब्ध करा दे तो सड़क निर्माण की बाधा दूर हो सकती है। 
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