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Pilibhit News: अब नहीं मिल रही बाघ की लोकेशन, निगरानी में जुटी रहीं टीमें
Wed, 05 Jul 2023 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:29 AM IST
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पूरनपुर। बाघ की निगरानी के लिए गांव अभयपुर माधौपुर के समीप टीम लगी रही। हरदोई ब्रांच नहर के 13 मील के समीप उसे पकड़ने के लिए अब भी पिंजरा लगा है, लेकिन अब बाघ की लोकेशन वनकर्मियों को नहीं मिल रही है।
कई दिनों से गांव मनहरिया, अभयपुर माधौपुर, हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील के समीप चहलकदमी कर रहे बाघ की मंगलवार को वनकर्मियों को कोई लोकेशन नहीं मिली। शुक्रवार को बाघ हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील के समीप देखा गया था। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा वहां पिंजरा भी लगाया गया है, लेकिन अब बाघ ने अपना ठिकाना बदल लिया है।
रविवार शाम बाघ हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील से करीब चार किलोमीटर दूर गांव अभयपुर माधौपुर के समीप देखा गया। तब वनकर्मियों की टीम वहां पहुंची। टीम को अधखाया गोवंश का शव भी मिला था। सोमवार को वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक ने मौके पर पहुंचकर अधिनस्थों को बाघ की निगरानी में कोताही न करने, आसपास के लोगों को बाघ की चहलकदमी की जानकारी देकर जागरूक करने के निर्देश दिए। रविवार रात के बाद से बाघ की लोकेशन वनकर्मियों को नहीं मिल रही है।
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वन एवं वन्य जीव प्रभाग के डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगी हुई हैं। पिंजरा भी अभी लगा है। ताकि बाघ 13 मील की ओर पहुंचने पर पिंजरे में फंस सके। उन्होंने बताया कि गांव अभयपुर माधौपुर के समीप मंगलवार को बाघ के पदचिह्न बारिश की बजह से नहीं मिले। बाघ की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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कई दिनों से गांव मनहरिया, अभयपुर माधौपुर, हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील के समीप चहलकदमी कर रहे बाघ की मंगलवार को वनकर्मियों को कोई लोकेशन नहीं मिली। शुक्रवार को बाघ हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील के समीप देखा गया था। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा वहां पिंजरा भी लगाया गया है, लेकिन अब बाघ ने अपना ठिकाना बदल लिया है।
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रविवार शाम बाघ हरदोई ब्रांच नहर पर 13 मील से करीब चार किलोमीटर दूर गांव अभयपुर माधौपुर के समीप देखा गया। तब वनकर्मियों की टीम वहां पहुंची। टीम को अधखाया गोवंश का शव भी मिला था। सोमवार को वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक ने मौके पर पहुंचकर अधिनस्थों को बाघ की निगरानी में कोताही न करने, आसपास के लोगों को बाघ की चहलकदमी की जानकारी देकर जागरूक करने के निर्देश दिए। रविवार रात के बाद से बाघ की लोकेशन वनकर्मियों को नहीं मिल रही है।
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वन एवं वन्य जीव प्रभाग के डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगी हुई हैं। पिंजरा भी अभी लगा है। ताकि बाघ 13 मील की ओर पहुंचने पर पिंजरे में फंस सके। उन्होंने बताया कि गांव अभयपुर माधौपुर के समीप मंगलवार को बाघ के पदचिह्न बारिश की बजह से नहीं मिले। बाघ की लगातार निगरानी कराई जा रही है।