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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Now playing in the medical report Preparing to police

अब मेडिकल रिपोर्ट में खेल करने की तैयारी में पुलिस

Sun, 27 Dec 2015 11:19 PM IST
plibhit
plibhit Updated Sun, 27 Dec 2015 11:19 PM IST
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बारावफात का जुलूस निकालने की कोशिश के दौरान पुलिस व पब्लिक में हुई भिड़ंत मामले में अपनों को घिरता देख पुलिस मेडिकल रिपोर्ट में खेल करने की फिराक में है। बरेली में उपचार करा रहे पीड़ितों में से गोली लगने से घायल कादिर के घर वालों का कहना है कि डॉक्टरों ने गोली निकालकर ऑपरेशन के बाद पैर में रॉड तो डाल दी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन निकाली गई गोली को उसके सामने सील करने और उसकी मौजूदगी में पुलिस को दिए बगैर उनसे एक कागज पर जबरिया हस्ताक्षर कराने की फिराक में जुटा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के पुलिस से मिले होने का आरोप लगाया है।

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मोहल्ला मोहम्मद वासिल में 23 दिसंबर की रात मद्दे वाली पुलिया पर तकरीर के बाद जुलूस रोकने पर हसन मियां कदीरी के समर्थकों और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान लाठीचार्ज, पथराव व फायरिंग में मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी 22 वर्षीय कादिर, 14 वर्षीय समीर और 21 वर्षीय सैय्यद वसीम अली गोली लगने से घायल हो गए थे। तीनों बरेली के सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती हैं। घटना स्थल के आसपास मोहल्लों के लोग व जलसे में शामिल लोग शुरू से ही पुलिस पर बेजा लाठीचार्ज करने व गोली चलाने का आरोप लगा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने एसओ सुनगढ़ी की ओर से दस नामजद व 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या प्रयास, बलवा समेत तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना के दिन से हिरासत में लिए गए एक युवक को जेल भेज दिया है तथा शेष की तलाश कर रही है, लेकिन पुलिस इस घटना में गोली लगने से घायल तीन लोगों व मोहल्ले के लोगों द्वारा पुलिस प्रशासन पर लगाए जा रहे आरोप को लेकर शुरू से ही परेशान दिख रही है। इसके चलते पुलिस अपनों को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है। यही वजह है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस घायलों की मेडिकल रिपोर्ट व आपरेशन के दौरान निकाली गई गोलियों आदि का कोई खुलासा नहीं कर सकी है।
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उधर, बरेली के सिद्धि विनायक अस्पताल में मौजूद कादिर के पिता इरशाद मियां ने बताया कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने के बाद गोली निकाल दी है। दूसरा ऑपरेशन कर पैरों में रॉड भी डाल दी है। उन्होंने बताया कि निकाली गई गोली को जब उन्होंने सामने सील करने और उनकी मौजूदगी में पुलिस को देने की बात कही तो अस्पताल प्रशासन ने इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस पर अस्पताल प्रशासन से मिलकर निकाली गई गोली के स्थान पर दूसरी गोली दिखाने और मेडिकल रिपोर्ट में खेल करने की आशंका जताई है।  
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सहमति पत्र पर नहीं किए हस्ताक्षर
घायल कादिर के पिता इरशाद मियां ने बताया कि अस्पताल प्रशासन एक पत्र पर उनसे हस्ताक्षर करा रहा था। जिसमें लिखा था कि गोली मेरे सामने सील की गई है। यदि उसे कोई पुलिस का अधिकारी लेने आए तो उसे दे दी जाए। मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन इस पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहा था, लेकिन उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं।


कुंडी खटकते ही दुबक जाते हैं मोहल्ले के लोग
बारावफात के जुलूस निकालने को लेकर पुलिस व पब्लिक के बीच हुई हिंसा के बाद भले ही शहर में अमन-चैन कायम हो गया हो, लेकिन इस मामले में दर्ज हुए मुकदमे को लेकर हसन मियां कदीरी के समर्थकों में पुलिस की दहशत बरकरार है। पुलिस किस समय दबिश दे दे और उन्हें पकड़कर जेल भेज दे। इससे घबराए लोग रात जाग-जाग कर बिता रहे हैं।

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