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Pilibhit News: नोटिस कई, सचिवों ने जवाब ही नहीं दिया, अफसर फिर भी दे रहे अभयदान
Thu, 13 Nov 2025 11:44 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 13 Nov 2025 11:44 PM IST
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पीलीभीत। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायतों, कार्यों में लापरवाही और अन्य कमियां मिलने पर कई पंचायत सचिवों को नोटिस दिया। एक सप्ताह से 15 दिन में जवाब मांगा। हीलाहवाली पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। एक से दो महीने बीतने के बाद भी कई पंचायत सचिवों ने स्पष्टीकरण तक नहीं दिया। स्पष्टीकरण देने वालों ने भी गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद भी अफसरों ने इन स्पष्टीकरण की समीक्षा के बिना ही पंचायत सचिवों को अभयदान दे दिया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कार्रवाई सिफर है।
जिस पंचायत में हो रही कार्रवाई, उसी में मिल रही तैनाती
-पंचायती विभाग में कार्रवाई का सिलसिला भी काफी चर्चाओं में है। पूर्व में लापरवाही के आरोपों में घिरे रसियाखानपुर के पंचायत सचिव का अफसरों ने दवाब के बाद निलंबन तो कर दिया लेकिन दोबारा उसी ग्राम पंचायत में तैनाती दे दी। इसको लेकर भी चर्चाएं हैं।
केस एक
बीसलपुर ब्लॉक के गांव इमलिया मरौरी में जीर्णोद्धार के नाम पर प्रधान और सचिव ने गोलमाल किया। मामले की शिकायत में जांच टीम ने मामला सही पाया। जांच टीम ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए। डीएम के स्तर से प्रधान के अधिकारों पर तो रोक लग गई लेकिन पंचायत सचिव पर दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं की जा सकी।
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केस दो
बीसलपुर ब्लॉक के ही गांव रसियाखानपुर में लगातार भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। वहां फैले बुखार में 12 लोगों की मौत हो गई। डीएम ने पंचायत सचिव पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए लेकिन अफसरों ने नोटिस जारी किया। फजीहत के बाद नोटिस का जवाब आया। इसके बाद भी अफसर ने पंचायत सचिव को अभयदान दे दिया।
केस तीन
पूरनपुर ब्लॉक के गांव हिम्मतनगर में ग्रामीणों ने शिकायत की। शिकायत में जांच टीम की ओर से जांच की गई। इसमें ग्राम विकास अधिकारी को अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए लेकिन नोटिस तक ही कार्रवाई सिमट कर रह गई। अब-तक ग्राम विकास अधिकारी के निलंबन के लिए कार्रवाई की संस्तुति नहीं की जा सकी। जबकि लगातार लापरवाही सामने आ रही है।
केस चार
मरौरी ब्लॉक में देशनगर बाहर चुंगी में जलभराव की समस्या हुई। अफसरों के निर्देश पर क्षेत्रीय लोगों ने चंदा एकत्र कर स्वयं के रुपये से जलभराव की समस्या का समाधान कराया। इसके बाद पंचायत सचिव ने धोखाधड़ी कर हजारों रुपये निकाल लिया। पूरे मामले की डीएम से शिकायत हुई। इसके बाद भी महज नोटिस ही जारी हो सका।
ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों पर विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है। उसकी जानकारी की जाएगी।- राजेंद्र कुमार श्रीवास, सीडीओ।
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जिस पंचायत में हो रही कार्रवाई, उसी में मिल रही तैनाती
-पंचायती विभाग में कार्रवाई का सिलसिला भी काफी चर्चाओं में है। पूर्व में लापरवाही के आरोपों में घिरे रसियाखानपुर के पंचायत सचिव का अफसरों ने दवाब के बाद निलंबन तो कर दिया लेकिन दोबारा उसी ग्राम पंचायत में तैनाती दे दी। इसको लेकर भी चर्चाएं हैं।
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केस एक
बीसलपुर ब्लॉक के गांव इमलिया मरौरी में जीर्णोद्धार के नाम पर प्रधान और सचिव ने गोलमाल किया। मामले की शिकायत में जांच टीम ने मामला सही पाया। जांच टीम ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए। डीएम के स्तर से प्रधान के अधिकारों पर तो रोक लग गई लेकिन पंचायत सचिव पर दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं की जा सकी।
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केस दो
बीसलपुर ब्लॉक के ही गांव रसियाखानपुर में लगातार भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। वहां फैले बुखार में 12 लोगों की मौत हो गई। डीएम ने पंचायत सचिव पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए लेकिन अफसरों ने नोटिस जारी किया। फजीहत के बाद नोटिस का जवाब आया। इसके बाद भी अफसर ने पंचायत सचिव को अभयदान दे दिया।
केस तीन
पूरनपुर ब्लॉक के गांव हिम्मतनगर में ग्रामीणों ने शिकायत की। शिकायत में जांच टीम की ओर से जांच की गई। इसमें ग्राम विकास अधिकारी को अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए लेकिन नोटिस तक ही कार्रवाई सिमट कर रह गई। अब-तक ग्राम विकास अधिकारी के निलंबन के लिए कार्रवाई की संस्तुति नहीं की जा सकी। जबकि लगातार लापरवाही सामने आ रही है।
केस चार
मरौरी ब्लॉक में देशनगर बाहर चुंगी में जलभराव की समस्या हुई। अफसरों के निर्देश पर क्षेत्रीय लोगों ने चंदा एकत्र कर स्वयं के रुपये से जलभराव की समस्या का समाधान कराया। इसके बाद पंचायत सचिव ने धोखाधड़ी कर हजारों रुपये निकाल लिया। पूरे मामले की डीएम से शिकायत हुई। इसके बाद भी महज नोटिस ही जारी हो सका।
ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों पर विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है। उसकी जानकारी की जाएगी।- राजेंद्र कुमार श्रीवास, सीडीओ।