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आठ माह में एक भी छात्रा को नहीं मिला फीस माफी का लाभ
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पीलीभीत। पिछले साल अक्तूबर में प्रदेश सरकार ने एलान किया था कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाली दो या इससे अधिक बहनों में से एक की फीस माफ की जाएगी। आठ माह गुजर गए लेकिन जिले में अभी तक किसी को फीस माफी का लाभ नहीं मिला है। अब शासन ने फिर से ऐसी छात्राओं की जानकारी मांगी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त जिले में 120 प्राइवेट कॉलेज हैं। इनके अलावा बेसिक और उच्च शिक्षा में भी निजी कॉलेज संचालित हैं। पिछले साल अक्तूबर में जब योजना की घोषणा हुई तो अभिभावकों में खुशी का माहौल दिखा था। कोरोना काल के चलते तमाम लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे।
कई ऐसे थे जिनकी एक से ज्यादा बेटियां एक ही कॉलेज में पढ़ रही थीं और वह फीस देने में असमर्थ थे। तमाम अभिभावकों को महंगी फीस के चलते प्राइवेट कॉलेजों से पढ़ाई छुड़वानी पड़ गई। प्राइवेट इंटर कॉलेजों में करीब साढ़े चार सौ छात्राएं ऐसी हैं जिनकी बहने उसी कॉलेज में पढ़ रही हैं।
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आठ माह बाद अभिभावकों के लिए कुछ राहत भरी खबर है। चुनाव के चलते ठंडे बस्ते में पड़ी फीस माफी की प्रक्रिया कुछ आगे बढ़ते दिख रही है। शासन ने ऐसी छात्राओं की जानकारी मांगी है। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि फीस माफी योजना को लेकर शासन ने जानकारी मांगी थी। जानकारी शासन को भेज दी गई है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त जिले में 120 प्राइवेट कॉलेज हैं। इनके अलावा बेसिक और उच्च शिक्षा में भी निजी कॉलेज संचालित हैं। पिछले साल अक्तूबर में जब योजना की घोषणा हुई तो अभिभावकों में खुशी का माहौल दिखा था। कोरोना काल के चलते तमाम लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे।
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कई ऐसे थे जिनकी एक से ज्यादा बेटियां एक ही कॉलेज में पढ़ रही थीं और वह फीस देने में असमर्थ थे। तमाम अभिभावकों को महंगी फीस के चलते प्राइवेट कॉलेजों से पढ़ाई छुड़वानी पड़ गई। प्राइवेट इंटर कॉलेजों में करीब साढ़े चार सौ छात्राएं ऐसी हैं जिनकी बहने उसी कॉलेज में पढ़ रही हैं।
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आठ माह बाद अभिभावकों के लिए कुछ राहत भरी खबर है। चुनाव के चलते ठंडे बस्ते में पड़ी फीस माफी की प्रक्रिया कुछ आगे बढ़ते दिख रही है। शासन ने ऐसी छात्राओं की जानकारी मांगी है। डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि फीस माफी योजना को लेकर शासन ने जानकारी मांगी थी। जानकारी शासन को भेज दी गई है।